जिसे पुलिस खींच रही है, उस बच्चे की उम्र 16-17 से ज़्यादा की नहीं होगी।
जो छात्र बेसुध बेहोश पड़ा है ,उसे कोई देखने वाला तक नहीं! हृदयविदारक है।
जितनी पुलिस Incompetenet PM ने बच्चों और युवाओं पर लाठी भांजने के लिए लगाई, अगर पेपर लीक रोकने में लगाती तो तस्वीर कुछ और होती!
मैंने अपने जीवन में इतनी क्रूर सरकार नहीं देखी, जिसने बच्चों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार किया हो। शांतिपूर्ण आवाज़ उठाने वाले बच्चों को जानवरों की तरह पीटना किसी भी लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। सत्ता का काम सुरक्षा देना है, दमन करना नहीं।
जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों का गूंजता सवाल NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं का जवाब कौन देगा?
छात्र अपने भविष्य के लिए न्याय मांग रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ अब भी अनसुनी है। इस आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, जिन्हें तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया।
जब व्यवस्था जवाब देने से बचती है, तब सड़कें लोकतंत्र की आवाज़ बन जाती हैं।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो।
शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करो।
जंतर मंतर से लेकर जनपथ तक
आंसू गैस के गोले, लाठियां और पत्थरबाजी.
आज जो नहीं होना था , वो सब हुआ .
जंतर - मंतर को कैसे लाठी डंडों के दम पर खाली कराया गया ?
जनपथ पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की नौबत क्यों आई?
पत्थरबाजी क्यों हुई?
प्रदर्शनकारियों के बीच से पत्थरबाजी करने वाले कौन थे ?
पूरा वीडियो थोड़ी देर में मेरे यूट्यूब चैनल पर