"माइकल फेल्प्स" नाम तो सुना ही होगा.??
शायद ही ऐसा कोई हो जो नही जानता होगा
कुल ओलिंपिक पदक: 28
गोल्ड: 23
(केवल ओलिंपिक पदक का बात कर रहा हूँ)
1.5 साल बाद जेल से बाहर आया है
अपराध :- शराब पी के गाड़ी चलाना, आम जनता के साथ बुरा बर्ताव
कल्पना करिए अगर यह भारत मे होता तो एकाध कत्ल तो माफ करवा ही देते तथाकथित देश की शान में.?
विनेश फोगाट : कोई ओलिंपिक पदक नहीं
साक्षी मलिक : ब्रॉन्ज
बजरंग पुनिया : ब्रॉन्ज
यह तीनों.. माईकल फेल्प्स के पैर का धूल भी नहीं है लेकिन इन्होंने पूरे देश को बदनाम कर रखा है! माईकल के लिए कोई आंदोलन नहीं हुआ, ना किसी को खबर लगा और सजा काट कर आ गया!
पर इन्होंने तो मेड्डल लाएं है जी मेड्डल
और जिद की हम नेशनल लेवल नहीं खेलेंगे सीधे ओलम्पिक जाएंगे, मतलब किसी नये खिलाडी को आगे आने का मौका नहीं देंगे!
और अगर कुश्ती संघ अध्यक्ष नहीं माने और नई प्रतिभाओ के सामने खेलने को कहा तो आरोप लगाकर उनको ही हटाने के लिए जंतर मंतर पर बैठ गए!
बाकी आप लोग स्वयं समझदार है, अपने बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल कीजिए!