फ्लोरेंस कीभविष्यवाणी में स्पष्ट देख रही हूँ उत्तरी भारत का वह पवित्र स्थल,जहाँ एक प्रचण्ड पुरुषार्थ संत अपनी सतत् साधना मे संलग्न रह कर ऐसे दिव्य आध्यात्मिक प्रवाह विकीर्ण कर रहे है,जो अगले दिनो समस्त संसार मे युगान्तरकारी परिवर्तन लाने मे समर्थ सिद्ध होंगे
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Prediction About Saint Rampal Ji
नास्त्रेदमस ने कई वर्ष पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि भारत में पैदा होगा दुनिया का मुक्तिदाता ओर शक्तिशाली शासक जिसके वचन को पूरी दुनिया मानेगी और यह भविष्यवाणी सटीक बैठती है "संत रामपाल जी" पर ।
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Prediction About Saint Rampal Ji
फ्लोरेंस के अनुसार उस संत ने भारत में जन्म ले लिया है जिसका पहले लोग विरोध करेंगे फिर उसका समर्थन बड़े जोर से करेंगे वह संत रामपाल जी महाराज जी हैं!देखिए साधना चैनल पर 7:30 PM से
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नास्त्रेदमस के अनुसार वह विश्व धार्मिक नेता सतगुरु रामपाल जी महाराज ही हैं जिनकी अध्यक्षता में भारतवर्ष पूरे विश्व पर राज्य करेगा। पूरे विश्व में एक ही ज्ञान (भक्ति मार्ग) चलेगा। एक ही कानून होगा, कोई दुःखी नहीं रहेगा, विश्व में पूर्ण शांति होगी
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बुल्गारिया की भविष्यवक्ता "बाबा वेंगा" की भी भविष्यवाणियों को अचूक माना जाता है उन्होंने भी कई बार अपनी भविष्यवाणी में एक "आध्यात्मिक संत" का बार-बार जिक्र किया है
Prediction About Saint Rampal Ji
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इंग्लैण्ड के ज्योतिषी कीरो’नेसन्1925में लिखी पुस्तक में भविष्यवाणीकी है,बीसवीं सदीअर्थात् सन्2000 ई.के उत्तरार्द्धमेंसन् 1950केपश्चात् उत्पन्न सन्त हीविश्व में ‘एक नई सभ्यता’लाएगा जोसम्पूर्णविश्वमेंफैलजावेगी
भारतकावहएकव्यक्तिसारेसंसारमें ज्ञानक्रांति ला देगा
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अमेरिका की महिला भविष्यवक्ता ‘‘जीन डिक्सन’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अंत से पहले विश्व में एक घोर हाहाकार तथा मानवता का संहार होगा। वैचारिक युद्ध के बाद आध्यात्मिकता पर आधारित एक नई सभ्यता सम्भवतः भारत के ग्रामीण परिवार के व्यक्ति के नेतृत्व में जन्मेगी।
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भगतजी इसमें 20 वीं सदी के अंत या 21 वीं सदी के प्रथम दशक की घटना होनी थी वो सब निकल चुकी है अब 21वीं सदी का दूसरा दशक भी निकल रहा है फिर????अब लिखने का क्या मतलब है.
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#गीता_तेरा_ज्ञान_अमृत
गीता अध्याय 5:25 तत्वदर्शी संत से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार साधना करने से जिनके सब पाप नष्ट हो गए हैं वह सब प्राणियों का हितैषी होता है। वह सत्य भक्ति व शुभ कर्म करने वाला साधक सुखदायी परमात्मा सतपुरूष को प्राप्त होते हैं।
@sachin_rt@BryanBraman56
#गीता_तेरा_ज्ञान_अमृत
गीता अध्याय 6 का श्लोक 16
भक्ति न तो एकान्त स्थान पर विशेष आसन या मुद्रा में बैठने से तथा न ही अत्यधिक खाने वाले की और न बिल्कुल न खाने वाले अर्थात् व्रत रखने वाले की तथा नही बहुत शयन करने वाले की तथा न ही हठ करके अधिक जागने वाले की सिद्ध होती है
@sachin_rt