Currently I am travelling in Train no. 16505 sleeper coach S5. There is no water coming in both the basin and they are too dirty that passengers facing issues. I can’t see any housekeeping staff nearby me. Kindly do the needful please.
@RailwaySeva@WesternRly@Central_Railway
प्रेम के कई रूप है,लेकिन उसका सर्वोत्तम और पवित्र रूप माँ का उसकी संतति के साथ होता है । इस प्रेम से उत्पन्न होनेवाला भाव मात्र अनुभव किया जा सकता है, अभिव्यक्त नहीं ।
#MothersDay
तुम समझते हो के में सिर्फ़ ज़ुबाँ खोलूँगा
बात बाज़ार में रख दूँगा दुकाँ खोलूँगा
आज कुछ शहर के बूढ़ों से मिलूँगा जाकर
आज मुद्दत से पड़े बंद मकाँ खोलूँगा
तू ही इक शख़्स है किस्से में इलावा मेरे
तुझसे भी राज़ छुपाया तो कहाँ खोलूँगा
-मुमताज़ गुरमानी-
किसी भी संस्कृति और सभ्यता के पतन का रास्ता उसकी भाषा की लाश से होकर गुजरता है, यही कारण है की हिंदी भाषा का अधिकतम प्रयोग और विकास के लिए निरंतर रूप से प्रयास करना हमारा कर्तव्य है। #हिंदी_दिवस
मुंशी प्रेमचंद जी (धनपतराय श्रीवास्तव) की अपनी पत्नी के साथ फोटो जिसमें उन्होंने फटे जूते पहने हुए हैं। इस फोटो को देखकर महान लेखक हरिशंकर परसाई जी ने एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था "सोचता हूँ, यदि फोटो खिंचवाने की अगर यह वेश-भूषा है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग वेश-भूषा नहीं होंगी। इसमें वेश-भूषा बदलने का गुण नहीं है। यह जैसा है, वैसा ही फोटो में खींच जाता है।
यह व्यक्ति पोशाक बदल भी नहीं सकता क्योंकि इसने भारत की जनता के मर्म को छुआ है। इस की पोशाक के पीछे गोदान जैसे महाग्रन्थ की आदरांजलि भी तो है। महान् लेखक उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द जी को सादर प्रणाम व शत शत नमन् 🙏🙏🇮🇳🇮🇳
#प्रेमचंद
Unreal. First the Congress gets an FIR filed against @ajeetbharti for repeating what a Congressman said about another Congressman. Now three Karnataka cops have landed up at his home without intimating the UP Police that thankfully is intervening.
But Democracy is not in danger.
आपका दोष नहीं हैं। वामपंथियों के फर्जी सेक्यूलरिजम के शिकार करोड़ों हिंदुओं में से आप भी एक थे। और अब उससे आज़ाद होने वाले लाखों हिंदुओं में से आप एक हो। अभी बहुतों का इससे निकलना बचा है लेकिन रगों में जानबूझकर भरा गया जहर निकलने में वक्त तो लेगा ही।
जय श्री राम