हुकूमत डर जाए
जेल जब भर जाए
तो समझ लीजिए क्रांति का आगाज़ हो चुका है।
कांग्रेस दबंग नेता @LambaAlka जी को दिल्ली पुलिस ने नज़रबंद किया ।
एक दबंग नेत्री का खोफ देखो की पुलिसकर्मी बिठा दिए.
आज NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं और NEET अभ्यर्थियों ने झालमुड़ी बेचकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
मोदी सरकार में देश की शिक्षा व्यवस्था की हालत यह हो चुकी है कि छात्रों के भविष्य का सौदा व्हाट्सप्प और टेलीग्राम पर किया जा रहा है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। लाखों छात्रों की मेहनत और उनके परिवारों के सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
जब तक NEET अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक NSUI की लड़ाई जारी रहेगी।
ये छात्र जो भाजपाइ गुंडों के द्वारा पटना में पीटे जा रहें हैं, बिहार में अच्छी शिक्षा और नौकरी चाहते हैं, पटना विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा देने की माँग कर रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान को काला झंडा दिखाने पर इन्हें बदले में मिलती है गाली और मारपीट।
बिहार का छात्र सब देख रहा है।
बिहार की सड़कों पर छात्र और लाठी आमने-सामने — यही है डबल इंजन सरकार का जवाब!
STET परीक्षा में देरी की माँग कर रहे TRE 4 अभ्यर्थियों को पटना में पुलिस ने घेर कर बेरहमी से पीटा।
छात्र माँग रहे थे हक — मिला लाठीचार्ज!
भाजपा-नितीश की सरकार अब हर छात्र आवाज़ को डंडे से दबा रही है।
ये लोकतंत्र नहीं, डंडा-तंत्र है!
LoP श्री @RahulGandhi ज़ी ने आज चुनाव आयोग की मिलीभगत और मोदी सरकार के चुनावी फरेब का पूरा चिट्ठा देश के सामने खोलकर रख दिया।
ये चुनाव नहीं था, लोकतंत्र की हत्या थी।
नेता विपक्ष @RahulGandhi जी और कांग्रेस पार्टी ने लगातार संसद में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया है — ये देश की संप्रभुता का सवाल है।
हर सच्चा देशभक्त इस पर सवाल उठाएगा, लेकिन सत्ता में बैठी BJP, मोदी जी को बचाने के लिए देश बेचने को भी तैयार है।
सुबह-शाम मंत्री ऐसे सवाल विपक्ष से पूछ रहे हैं, जैसे सरकार कांग्रेस चला रही हो।
क्या मंत्री बताएंगे कि आज सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस क्यों भेजा? और केस पर रोक क्यों लगाई?
याद रखिए — बोलने की आज़ादी संविधान देता है।
क्या बोलना है और कहाँ बोलना है, ये संविधान तय करेगा, BJP नहीं।
वैसे भी BJP का इतिहास रहा है —
कोर्टों पर दबाव डालना, मनमाफिक फ़ैसले लिखवाना और फिर जजों को संसद भेजना।
जो न माने, उसका “जस्टिस लोया” कर देना।
नेता विपक्ष सही कहते हैं —
संस्थाएं आज़ाद नहीं हैं, BJP का क़ब्ज़ा है।
22 अप्रैल की आतंकी घटना के मास्टरमाइंड अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
इस हमले में जान गंवाने वाले आम नागरिकों और बॉर्डर पर शहीद हुए जवानों की चिता की आग अब तक ठंडी नहीं हुई है।
और बेशर्म लोग पहुंच गए अपनी पीठ थपथपाने — ये वही हैं जो कहते हैं कि सेना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
IUSY stands in strong solidarity with the National Students' Union of India (NSUI), an affiliate of the Indian National Congress, and its president, Varun Chaudhary, in their struggle against the targeted attacks and unjust persecution by the BJP-led Indian government. 🧵⬇️