इसमें दोनों की गलती हैं...
कानून तोड़ने वाला वाहन चालक जितना गलत हैं, कानून लागू कराने हेतु गलत तरीका इस्तेमाल करने वाला पुलिसकर्मी भी उतना ही गलत हैं।
सच कहें तो इस मामले में गलती दोनों की है।
वाहन चालक को पुलिस चेकिंग के दौरान रुककर कानून का पालन करना चाहिए। चालान के डर से भागना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे चालक और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
लेकिन दूसरी तरफ, पुलिसकर्मी को भी चलती बाइक को रोकने के लिए वाहन चालक की और अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। यदि कोई चालक रुकने के बावजूद भाग रहा है, तो वाहन का नंबर नोट/रिकॉर्ड कर, नियमानुसार ई-चालान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आखिरकार, एक चालान के लिए किसी की जिंदगी दांव पर लगाना समझदारी नहीं है।
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बेहद गंभीर है। 2023 में 4,80,583 सड़क दुर्घटनाओं में 1,72,890 लोगों की मौत हुई।
इसलिए सड़क पर कानून का पालन करना भी जरूरी है और कानून लागू करते समय विवेक व सुरक्षा का ध्यान रखना भी।
ध्यान रखें कि,
चालान बाद में भी हो सकता है, लेकिन जान जाने के बाद जिंदगी वापस नहीं आती।
~ साभार: @NCIBHQ
स्कूल में प्रिंसिपल का आदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी साफ सफाई और टॉयलेट आदि साफ करें.......!
आदेश पंजिका में किया उल्लेख
मैने बताया था न जिस दिन कार्यभार ग्रहण करोगे दूसरे ही दिन यह फोर्थ ग्रेड अधिकारी वाला भूत उतर जाएगा........!
10,000 वेतन में टॉयलेट साफ करने का कार्य 😝😂
Ruchika Singh who abused PM Modi is now crying. She said
"I am apologizing to the entire country. I am so ashamed that I cannot even lift my eyes. I am asking for forgiveness from everyone, please forgive me, please.
This is my first and last mistake. After this, I will never do anything like that, nor will I ever post such a thing again"
I hope Students have realised that, these leaders will come, ignite you and go and won't care about your future. It's you only who are responsible for your deeds.
इस वीडियो को भविष्य के लिए सेव कर के रख लीजिए........
क्योंकि अगर कोई बोले की जन्तर-मंतर पर कॉकरोचों ने उत्पात नही मचाया था और वहाँ केवल स्टूडेंट ही आए थे जो शान्ति से प्रदर्शन कर रहे थे l
सरकार ने उनकी गलत सुताई कर दी !
तो इस 14 मिनट की वीडियो में वो सारे कांड हैं जो जन्तर-मंतर पर स्टूडेंट का नाम लेकर किए गए.....
दोस्तों इस लड़की का नाम है पिहू। एक लड़के को डेट कर रही है कुछ टाइम से और आज फैमिली को बताने वाली है कि एक लड़का है जिससे वो प्यार करती है और पापा मम्मी वह घर पर आ रहा है...
लड़की: मम्मी बात करनी है मम्मी कुछ जवाब तो दो
मम्मी गुस्से से क्या क्या बात करनी है ये क्या कह रही है
लड़की: मेरी लाइफ है आप पापा को आराम से बताना
कुछ समय बाद पापा भी मान जाते हैं और सब कुछ हो जाते हैं दोस्तों कुछ फैमिली ऐसी होती हैं ना जो मान जाती हैं
आज पिहू बहुत खुश हैं क्योंकि उसका सच्चा प्यार उसे मिल गया। दोस्तों कभी-कभी डर लगता है बोलने में लेकिन जब परिवार साथ दे तो जिंदगी खूबसूरत बन जाती है।
Video Comment Box 👇👇👇
क्या आपने कभी सोचा कि बैंक आपको Aadhaar link कराने के लिए branch बुलाता है जबकि वही काम NPCI से घर बैठे हो सकता है?
ज़्यादातर लोगों को लगता है कि Aadhaar seeding के लिए branch जाना जरूरी होता है जबकि NPCI की website से ये काम खुद किया जा सकता है
सबसे पहले phone में Chrome या कोई भी browser खोलिए
Google पर NPCI search कीजिए
पहली official website खोलिए
वहाँ Customer option पर click कीजिए
अब Bharat Aadhaar Seeding का option दिखेगा
उस पर tap करते ही नया page खुलेगा
फिर Aadhaar Seeding Deseeding पर दोबारा tap कीजिए
अब अपना Aadhaar number डालिए
Seeding option में Fresh Seeding select कीजिए नीचे bank list से SBI या कोई भी दूसरा bank चुनिए
इसके बाद अपना account number डालिए
Submit पर tap कीजिए
OTP आएगा
OTP डालकर Confirm पर click कीजिए
Aadhaar seeding request register हो जाएगी
कुछ समय बाद bank से confirmation मिल जाता है लगभग सभी banks के लिए यही process काम करता है
कमेंट में बताइए आपने Aadhaar किस bank में link किया है या अब करने वाले हैं?
Disclaimer यह जानकारी सामान्य Aadhaar seeding awareness के लिए है
Process और approval time bank और NPCI guidelines के अनुसार बदल सकता है
Final confirmation के लिए bank message या NPCI status जरूर check करें
चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा संपन्न हुई, इस परीक्षा को 19 से 21 सितंबर तक 38 जिलों में आयोजित किया गया। 85.9% यानि 21.17 लाख कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा दी। बेहद संतोषजनक उपस्थिति थी। कैंडिडेट्स ने अच्छे अनुशासन और पूर्ण सहयोग का उदाहरण पेश किया जो काबिले तारीफ है। Well done all!
आवश्यक जानकारी:~
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किसी भी पेट्रोल पम्प पर तेल की गुणवत्ता एवं मात्रा जाँचने के अलावा निम्न सुविधाएँ भी निःशुल पाना आपका अधिकार हैं।
01. वाहन में नि:शुल्क हवा
02. पीने हेतु निःशुल्क एवं स्वच्छ पानी
03. महिला एवं पुरुष के लिए अलग अलग साफ सुथरा शौचालय
04. चोट या घाव के मामले में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स
अगर किसी पेट्रोल पंप पर आपसे हवा भरने की मशीन चालू न हो, पीने का पानी साफ या फिर उपलब्ध ना हो और टॉयलेट या तो गंदा हो या फिर इस्तेमाल करने न दिया जाएं, तो आप इसकी शिकायत नीचे दिए गए ऑयल कंपनी को कर सकते हैं।
शिकायत हेतु नंबर
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• इंडियन ऑयल: 1800-2333-555
• भारत पेट्रोलियम: 1800-22-4344
• हिंदुस्तान पेट्रोलियम: 1800-2333-555
(ध्यान रहे कि: शिकायत के लिए पेट्रोल पंप पर कंप्लेंट बुक उपलब्ध होता है। साथ ही, ऑयल कंपनी का हेल्पलाइन नंबर हर पेट्रोल पंप पर डिस्प्ले होना अनिवार्य हैं।)
~ साभार: @NCIBHQ
“दुकानदार ने कहा कि –
बिका हुआ सामान न तो बदला जाएगा और न ही वापस होगा?"
ग़ुस्से में आकर झगड़ा न करें....
क्योंकि आपके पास है 7 दिन का रिटर्न और रिप्लेसमेंट का कानूनी अधिकार।
• चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो या ऑफलाइन स्टोर – सामान ख़राब मिला तो या तो बदलना पड़ेगा या फिर वापस होगा।
• उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 आपको देता है इसकी पूरी ताक़त। अगर आपका हक़ छीना जाए, तो चुप मत रहिए, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800-11-4000 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराए।
सादर: @NCIBHQ
आवश्यक जानकारी :~
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कोई भी पुलिसकर्मी बिना कारण आपको न तो थप्पड़ मार सकता है और न ही मारपीट कर सकता है। ऐसा करना BNS धारा 115 के तहत अपराध है। इसमें दोषी पुलिसकर्मी को 1 साल की जेल या ₹10,000 जुर्माना हो सकता है।
ध्यान रखें,
कानून सबके लिए बराबर है – चाहे आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी। इसलिए अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो:
• नज़दीकी थाने में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज कराएँ।
• घटना में तुरन्त सहायता पाने के लिए पुलिस हेल्पलाइन 100 या फिर आपात हेल्पलाइन 112 को कॉल करें। यह एक रिकॉर्डेड हेल्पलाइन हैं जिसे भविष्य में आप साक्ष्य के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• अगर क्षेत्रीय थाना FIR दर्ज न करें तो इसकी लिखित शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक/पुलिस आयुक्त/ पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग में दर्ज करें।
• ज़रूरत पड़ने पर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर करें।
साभार: @NCIBHQ