अपने विंग कमांडर की उपाधि की गरिमा को भी गिरवी रख, तुम्हे एक मन्दबुद्धि 56 वर्षीय पप्पू की गुलामी करना शोभा नहीं देता।वैसे हां कविवर बिहारी लाल कह गए हैं कि-
दिए लोभ चश्मा चखुन ,लघुपुनि बड़ो लखाय".
जुगाड़ियों को चाहिए अनाड़ी और पप्पू से बड़ा अनाड़ी कहाँ मिलेगा?है ना ?
हैप्पी बर्थडे राहुल बाबा! 🎂😂
आप ऐसे ही हमें हंसाते रहिए...
क्योंकि राजनीति में इतना एंटरटेनमेंट हर किसी के बस की बात नहीं! 🤣
राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर पेश है
"द ग्रेट पप्पू एंटरटेनमेंट शो" 😂🔥
बयान एक से बढ़कर एक,
और सोशल मीडिया को मिलता रहता है नया कंटेंट! 😜
#RahulGandhi #HappyBirthdayRahulGandhi #PoliticalHumor #MemeOfTheDay #ViralPost
@RahulGandhi
और किसी के दिन आयें या न आयें किन्तु उद्धव ठाकरे और संजय राउत के दिन अब कभी नहीं आएंगे, क्योंकि आज जनता इनमें से किसी भी नेता से ज्यादा बुद्धिमान हो चुकी है और उसे गद्दार और राष्ट्रभक्त का अन्तर समझ आने लगा है।अब कोई गवाली जनता को डरा, बहका कर हांक नहीं सकता।
देख नहीं रही कि बच्चा होते हुए भी कट्टर हिन्दू शब्द प्रयोग कर रहा। 1%मुस्लिम भी जहाँ रहता है वहाँ लगता ही नहीं कि मुस्लिम है, किन्तु जैसे ही30-35%हुए कि मुस्लिम केवल मुस्लिम बन जाता है।65 %हिन्दू दुबके रहते हैं।फिरबोल दिया तो कट्टर हिन्दू।सहते रहें तो भाई चारा।
मुझे नहीं पता आप इसे कैसे देखेंगे
आपके नज़रिये को तय करने का इरादा भी नहीं
लेकिन कुछ बात समझें तो बेहतर है
1. इस 9th में पढ़ने वाले लड़के को यह तमीज़ है कि सार्वजनिक पटल पर बात कैसे रखी जाती है
2. पोलिटिकली करेक्ट होना किसे कहते हैं
3. शब्द चयन और जो सही है उसे स्वीकार करते हुए अपना पक्ष रखना
4. अपनी बात कहना बिना किसी दूसरे पर ज्यादा जाये..
5. सबसे बड़ी बात अपनी पहचान के प्रति स्पष्ट होना (अब या तो ये बाकई उसकी ईमानदारी है या उसकी समझ बड़े बड़े मुस्लिम नेताओं से ऊपर दर्ज़े की है)
खैर इस लड़के की बात ने प्रभावित किया...
सीधा कहूँ तो हमारे पक्ष और ख़ास कर विपक्ष के नेता थोड़ा सीख लें इससे तो बेहतर होगा
हाँ ये मुस्लिम है....
बिलकुल में भी जो सामाजिक वर्ग संघर्ष का दौर है उससे अलग नहीं...
पर कई बार सामने के खेमे से भी कोई प्रभावित कर सकता है अपनी बात से....
में स्वीकार कर लेता हूँ ऐसा हो तो... हिचक नहीं!
@sukhparmar03@rautsanjay61@RahulGandhi@narendramodi@AmitShah@NitinNabin इस संजय राउत नामक नशेड़ी ने पूरे ठाकरे परिवार ही नहीं अपितु शिवा जी महाराज तक के गौरव ,स्वाभिमान को भी औरंगजेब के
कदमों में रख दिया।हो सकता है इसके लिए इसे D कम्पनी और ईसाई मिशनरियों से पुरस्कार मिलता हो। घिनौना ही नहीं टोटल गद्दार।
@rautsanjay61@RahulGandhi Rahul Gandhi ji ask this man Sanjay Raut didnt he talk of Snaching the voting rights of Muslims once ??
Now he proclaims himself to be biggest Secular Congressman & direct descendant of Gandhis 😃
@rautsanjay61@RahulGandhi Rahul Gandhi ji ask this man Sanjay Raut didnt he talk of Snaching the voting rights of Muslims once ??
Now he proclaims himself to be biggest Secular Congressman & direct descendant of Gandhis 😃
@rautsanjay61@RahulGandhi हाँ, संजय राउत!तुम्हारी शनि वक्र दृष्टि ने उद्धव ठाकरे को शुभकामनाएं देकर उसे उजाड़ दिया अब उसी दृष्टि से वही कुदृष्टि राहुलगान्धी पर भी डालो जिससे उनके उजड़ने में कोई कमी नहीं रहे।जय हो शनिमहराज।
@AvSivasankaran@CommonBS786OM राहुलगान्धी, जुगाड़ियों और मझबियों के एजेंडे के लिए उपयुक्त हैं इसलिए चमचे बिचारे राहुल को नेक्स्ट PM का सपना दिखा, उसे
पागल बना दिया है।अपने सक्रिय राजनीति के20 साल में जो आदमी एक मन्त्री बन नहीं पाया उसे जनता सीधे PM बनाने को कतई तैयार नहीं।
@CommonBS786OM अबे बिट्टूशअरमान तू किस खेत की मूली, जबकि रामचन्द्र गुहा जैसा लिबरल राहुल गांधी को अविश्वसनीय, अक्षम नेता मान लिया है।उन्होंने कहा,"जब राहुल कांग्रेस संभाले तब 1204 कांगी विधायक थे आज676 यानी समाप्तप्राय।राहुल खानदान ने मोदी को और मजबूत किया है, व्यक्तिगत हमले करके।
@ArunKha57457455@PNRai1@rkgupta5660 कपिल सिब्बल को किसी तरह बंगाल भेजकर मंच से इस घटना की निंदा करने को कहो, जिससे ममता बनर्जी के कुकृत्यों से उपजे
आक्रोश का उसे भी मजा मिल सके।
संक्षेप में राहुल गांधी के प्रबल समर्थक रामचन्द्र गुहा ने साफ कहा कि राहुलगान्धी एक जिद्दी, चन्चलमना, स्वच्छन्द व्यक्ति हैं जो जनता का विश्वास अर्जित ही नहीं कर सकते।बायनाड़ से चुनाव जीतकर प्रियंका भी कुछ खास नहीं कर पाएंगी।
रामचन्द्र गुहा उवाच---
1-राहुल गांधी 56 साल के हो गये पर उनके हाव भाव बच्चों जैसे।
2-कोई नहीं जानता कि राजनीति आने से पहले वे क्या करते थे।
3-2004से2014 तक उनके पास चांस था कि वे कोई मन्त्री बनकर अपनी योग्यता सिद्ध करते पर हिम्मत नहीं दिखाई।फिर जनता उन्हें PM के रूप में क्योंमाने
रामचन्द्र गुहा उवाच--
4-तमाम सम्पर्क यात्राएं करके भी राहुल लोगों का विश्वास नहीं जीत पाये।
5-जब राहुल कांग्रेस संभाले तब देश में कांग्रेसी विधायक1204 थे अब मात्र 676है।
6-2014 में "मौतकासौदागर"2019में "चौकीदार चोर"और 24 में " वोटचोर " के व्यक्तिगत आक्षेप ने मोदी को मजबूत किया।
@CuteAaruhi3 पढ़ाई लिखाई से सोच का स्तर नहीं बदलता।आखिर खान सर भी तो बिना मदरसा टच किये खान बने नहीं होंगे।एक अंसारी उराष्ट्रपति होकर अपनी सोच नहीं बदल पाया तो खान सर तो केवल टीचर हैं।
@AshwiniUpadhyay@narendramodi परीक्षा पेपर लीक रोकने का सबसे आसान उपाय यह है कि पेपर सेटिंग के लिए हर साल बिल्कुल अनाम विषय विषज्ञों से पेपर सेट कराये जायें और कमसे कम 10 सेट अलग अलग लोगों द्वारा बनवाये जाएं। 10 सेटों में से कोई एक सेट सुप्रीमकोर्ट के किसी जज द्वारा निकालकर उसे ही छपवाकर लॉन्च किया जाय।