Horrendous...Shocking... Terrible.... Is this a All Delhi boys scuffle or for god damn sake Parliament of one of the biggest democracy #RameshBidhuri#Islamophobia
महोदय मालिक को अंदेशा था कैसे वह न पोजीशन वाइज न प्रोटोकॉल के अनुसार सेना के कन्वॉय की जानकारी रख सकते थे.... उन्होंने किसानों की सहानुभूति हैतू बकवास की आप जैसों न मानी...
सेना के लिए मोदी जी की संवेदना के कुछ अन्य और उदाहरण प्रस्तुत है।
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पुलवामा में 40 जवान शहीद हुए। साहेब ने उनके नाम पर पिछले लोकसभा सत्र में भरपूर वोट मांगे। लाखो करोड़ो के सरकारी मुआवजे की घोषणा हुई। पर नतीजा यह निकला कि रांची के एक शहीद की बेवा को अपनी बदहाली की वजह से सड़क पर सब्जी का ठेला लगाना पड़ा।
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सत्यपाल मलिक ने सच बोलने की हिम्मत दिखाई। अपने तेवर को बागी कर के सरकार की मक्कारी को जगजाहिर किया। पुलवामा में सैनिकों ने एयरलिफ्टिंग की मांग की थी। उन्हें सड़क यात्रा पर होने वाले खतरे का अंदेशा था।
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14 फरवरी का दिन था। जब ढाई सौ किलो से ऊपर विस्फोटक, सीमा में दाखिल होकर हमारे जवानों की चिथड़ियाँ उड़ा रहे थे तब साहेब जिम कार्बेट में फोटो शूट करवा रहे थे।
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देवेंदर सिंह नामक आतंकवादी डीएसपी के पद पर उस वक्त पुलवामा में तैयार था। आतंकवादी गतिविधियों में वह लिप्त है इस बात की शिनाख्त हो चुकी थी। सीमा पर उसका धरपकड़ भी हुआ। पकड़े जाने वक्त आतंकी देवेंदर सिंह ने किसी नेता का रिफरेंस दिया। उसकी वीआईपी गिरफ्तारी हुई। कायदे से तो अब तक उसे नरक की तरफ जाने वाली बैतरणी पार कर लेनी चाहिए थी। पर वह अब तक जिंदा है। क्यों जिंदा है यह पूछने वाला कोई नहीं है। क्योंकि मोदी सरकार उसे खबरों से गायब कर चुकी है।
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पुलवामा रेंज में मल्टीपल चेकपोस्ट थे। हर चेकपोस्ट पर बंदूकधारी सिपाही तैनात थे। एक परिंदा उन चेक पोस्टो से मिर्ची पटाखा तक लेकर पार नहीं कर सकता था। लेकिन ढाई सौ किलो आरडीएक्स पार हुए। सोचने की बात इतनी है कि ऐसा कौन सा रसूख वाला इंसान है जिसकी गाड़ी उन मल्टीपल चेकपोस्ट से गुजरते वक्त चेक नही हो सकती।
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पुलवामा हमले की प्रारंभिक जाँच में जब 250 से 300 किलो आरडीएक्स होने की बात कही गयी थी तो बाद में उस आरडीएक्स की मात्रा 30-40 किलो क्यों कर दी गयी. किसने बदला यह आंकड़ा..?
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बहुत सारी ऐसी बातें है और दबे राज है जिन्हें जब तक जनता सीधे सरकार से पैरोकार न करे तब तक स्थिति कभी नहीं बदल सकती। सैन्य सुरक्षा के साथ यूँ ही खिलवाड़ होता रहेगा। क्योंकि इस सरकार की संवेदना मर चुकी है या यूं कह ले कि दौलतमंदों की मुट्ठी में कैद हो चुकी है।
अफसोस!!
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हे मूर्ख राजा की मूर्ख सेनापति कया G20 में आने वाले राष्ट्रध्यक्ष को पत्तों पर खाना दिया जाता या आपके अनुसार वह भव्य रूप से खाते व मोदीजी पत्तों या स्टील की प्लेट में
दिल्ली को चमकाने में
सारा खर्चा केजरीवाल का होगा
तो चर्चा भी केजरीवाल का होगा ♥️
जलने वाले जलते रहे ,@ArvindKejriwal जी चलते रहे सारी दिल्ली आपके साथ है 🔥
हे ईश्वर!! झूठ का पुलिंदा है ये पार्टी और इसका सरदार... केंद्र का पैसा G 20 की तैयारी और यह ताज अपने सर पर पहनने के चक्कर में है... बाढ़ ने इनकी औकाद दिखा दी थी