ओसियां विधानसभा क्षेत्र के गोपासरिया गांव में जो कुछ हो रहा है, वह प्रशासन की कार्यशैली, सत्ता के दुरुपयोग और आम नागरिकों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिस ट्रांसफार्मर (ढोलकी) को लेकर पूरा विवाद खड़ा किया गया, वह वर्ष 2013 से वहीं स्थापित था और किसानों की बिजली आपूर्ति की जीवनरेखा रही है।
हाल ही में आए अंधड़ से बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा इस समस्या का समाधान करने के बजाय ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश की गई और जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। किसानों पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, मानो वे कोई अपराधी हों।
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जनहित के मुद्दों को लगातार उठाने वाले राकेश गोदारा पर भी FIR दर्ज कर दी गई। यदि जनता की समस्याओं को सामने रखना और आवाज़ उठाना ही अपराध बना दिया जाएगा, तो फिर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का अर्थ क्या रह जाएगा? क्या सवाल पूछना और सच सामने लाना प्रशासन को इतना असहज कर रहा है?
यह पूरा घटनाक्रम यह संकेत देता है कि ओसियां में समस्याओं का समाधान कम और आवाज़ उठाने वालों को दबाने का प्रयास अधिक हो रहा है। किसानों पर मुकदमे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर FIR और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर यह किस प्रकार का शासन है?
लोकतंत्र में सत्ता का काम संवाद करना होता है, दमन करना नहीं। ओसियां में जिस प्रकार की कार्यवाही सामने आ रही है, वह बेहद निंदनीय है। निर्दोष किसानों और राकेश गोदारा के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण जो कार्रवाई की गई है, उसे वापस लिया जाना चाहिए और किसानों की मूल समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
@GovindDotasra@RahulGandhi राहुल गांधी जी एक सुलभ नेता हैं जो हर वर्ग के मुद्दों को गहराई से समझते हैं और तुरंत क्रियान्वित करते हैं। दिव्या मदेरणा जी ने ऑक्सफोर्ड के प्रतिष्ठित मंच से उनके प्रति अपना अटूट विश्वास जताया। #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford
@DivyaMaderna राहुल गांधी जी एक सुलभ नेता हैं जो हर वर्ग के मुद्दों को गहराई से समझते हैं और तुरंत क्रियान्वित करते हैं। दिव्या मदेरणा जी ने ऑक्सफोर्ड के प्रतिष्ठित मंच से उनके प्रति अपना अटूट विश्वास जताया। #DivvyaCreditsRahulGandhiAtOxford
सेना और सरकार के बीच एक रिश्ता होता है, हम उस रिश्ते का बहुत सम्मान करते हैं।
इसी के साथ हम आपकी देशभक्ति की भी इज्जत करते हैं। हम हमेशा उसकी रक्षा करते रहेंगे।
: नेता विपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी
@RahulGandhi@INCIndia#NirmalChoudhary
आज छत्तीसगढ़ में NSUI के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा लीक और CBSE द्वारा लागू OSM मूल्यांकन प्रणाली में हुई गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा बलप्रयोग एवं लाठीचार्ज किया गया जिससे कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं।
लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए भाजपा सरकार ने परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। यह साफ है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार ने केवल औपचारिक प्रशासनिक कार्रवाई की है और जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस गंभीर मुद्दे पर अब तक चुप्पी साध रखी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है?
दमनकारी नीतियों को अपनाकर हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। छात्रों के हितों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ और समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
@VinodJakharIN@DeepakBaijINC@DrCharandas@INCChhattisgarh@INCIndia
ओसियां विधानसभा क्षेत्र में किसानों के घर पुलिस भेज कर जो व्यवहार कर रहा है यह प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता हैं।
आज ग्राम पंचायत गोपासरिया में राजनीतिक द्वेष की भावना से विद्युत विभाग के कर्मचारी पुलिस बल के साथ एक किसान के खेत से ट्रांसफार्मर (ढोलकी) हटाने पहुँचे। ओसियां में इस प्रकार की यह दूसरी घटना है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता से जुड़े मामलों में सौतेला व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया अथवा राजनीतिक द्वेष की भावना से किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करे, न कि आम नागरिकों और किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।
ओसियां क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे किसान और आमजन भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि समस्या का समाधान करने के बजाय किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी किसानों की समस्याओं का निराकरण करना है, वही यदि किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाएं, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
किसानों का अनावश्यक उत्पीड़न और उनके साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
@DivyaMaderna "लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में।" बशीर बद्र साहब के इस दर्द को @DivyaMaderna जी ने अपने लेख में जिस खूबसूरती से पिरोया है, वह उनके साहित्य के प्रति लगाव को दिखाता है। @ThePrintIndia@ThePrintHindi
"लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में।" बशीर बद्र साहब के इस दर्द को @DivyaMaderna जी ने अपने लेख में जिस खूबसूरती से पिरोया है, वह उनके साहित्य के प्रति लगाव को दिखाता है। @ThePrintIndia@ThePrintIndia
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
अपनी दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से भारत को सामाजिक, वैज्ञानिक, आर्थिक, औद्योगिक व विभिन्न क्षेत्रों में आगे ले जाने वाले 'हिंद के जवाहर' को नमन 🙏
जब पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने देश की बागडोर संभाली, तब भारत संसाधनों की कमी, खाद्यान्न संकट और बेहद सीमित आर्थिक क्षमता से जूझ रहा था।
इसके बावजूद उन्होंने आधुनिक भारत की ऐसी नींव रखी, जिसने देश को नई दिशा दी। IITs, IIMs, ISRO जैसे संस्थानों से लेकर वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास तक, उन्होंने भारत को शून्य से खड़ा करने का कार्य किया।
अपने कुशल नेतृत्व व सशक्त निर्णय से आधुनिक भारत की नींव रखने वाले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्त-शत्त नमन 🙏
जो जो इस्तीफ़े की माँग करता है वो रीट्वीट करे और पोस्ट शेयर करे , हिला दो आज X
मेरे 5 lakh से अधिक फॉलोवर है देखता हूँ कितने लोग जाग रहे है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते है
आज विपक्ष के नेता @RahulGandhi जी ही एकमात्र ऐसी मज़बूत आवाज़ हैं जो लगातार MSP, बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, किसानों के कर्ज, सिंचाई और ग्रामीण संकट जैसे मुद्दों पर किसानों की बात मजबूती से उठा रहे हैं।
मैं स्वयं किसान वर्ग से आती हूँ। किसान केसरी परसराम मदेरणा जी तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी जैसे महान किसान नेताओं ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया। आज सिर्फ राहुल गांधी जी किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी को मज़बूत कर रहे हैं।
महिला आरक्षण से लेकर संगठनात्मक भागीदारी तक उनकी सोच स्पष्ट है — राजनीति कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
इसी सोच के तहत @IYC और @nsui में internal elections की प्रक्रिया को मज़बूत किया गया, जिससे समान्य परिवार, ग्रामीण पृष्ठभूमि, OBC, महिलाओं और युवाओं से आने वाले कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व तक पहुँचने का वास्तविक अवसर मिला।
यही राजनीति प्रतिनिधित्व, भागीदारी और सामाजिक न्याय को मज़बूत करती है।
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