बीजेपी के लिए 8-10 साल सही चल रहा था लोग हर चीज़ में सपोर्ट करते थे फिर आये दिलीप मंडल जैसे लोग बीजेपी ने फिर युद्ध नही बुद्ध का देश,यूजीसी,फलाना,ढिमकाना चालू करके अपने सपोर्टर्स को लड़वाना चालू किया और अब मज़े में सब से गालियां सुन रही
एथनॉल पगलू मंत्री इस्तीफ़ा दे ना दें उनकी मर्ज़ी। आपकी एथनॉल मिलावट वाली पालिसी देश को कम और किसी को फ़ायदे पहुँचाने वाली ज़्यादा है और वो इसलिए क्योंकि आपको मिलावट की जल्दी ज़्यादा है। समयबद्ध तरीके से होता सब ठीक हो भी जाता पर आप जिद में हैं तो रहे रहिए। कम से कम आम जनता को शुद्ध पेट्रोल का विकल्प दे दीजिए बस।
IT सेलियों के स्टेटस पढ़ने में बहुत आनंद आ रहा है। तो क्या मानें कि CIA और चीनी एजेंट जीत गए? मोदी को झुका दिया? और हाँ, वो ३०० मिलियन व्यू का ट्वीट अपनी गांड में डाल लो अब।
बंगाल का 208 नहीं गिनवाओगे? गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा की भारी जीत? कहाँ है UGC का प्रभाव?
घमंड में चूर ये सब के सब साले ख़ुद ही प्रधानमंत्री बने घूमते थे। अभी मुँह बनाए लिख रहे हैं, देखना अब ये डिमांड अपडेट कर देंगे, अब इनको पार्टी बनानी चाहिए!
तो क्यों नहीं हटवा लिया था जून में ही जब 50 लोग होते थे? ख़ुमारी उतरती है बाबू, घमंड अच्छी बात नहीं। तुम्हारी आदत हैं बाँस करवाने की, सेंसिबल बात कोई शांति से बोले तो सुनते नहीं, फिर थूक कर चाटते हो और दाँत निपोड़ कर हँसते हो।
प्रधान साहब का इस्तीफ़ा हो चुका है। काफ़ी पहले हो सकता था पर कोई नहीं अब भी कोई देर नहीं हुई। अब बस प्रदर्शनकारी घर जाएँ और क़ानून व्यवस्था बहाल हो। और भी बहुत कुछ है देश में। पता चला एथनॉल तीस परसेंट हो गया पीछे से तो और बड़ी समस्या।
प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। अब कॉकरोच क्या करेंगे? राहुल गाँधी अब कह रहा है कि कैबिनेट से ही हटा दो। फिर अब नई माँग हैं कि कमिश्नर माफी माँगे और पुलिस पर ही FIR की जाए।
साथ ही, हर दंगाई पर किया FIR निरस्त किया जाए चाहे वो प्रोटेस्टर छात्र थे या नहीं।
यह तमाचा जरूरी था सरकार के लिए। मुझे प्रसन्नता होनी चाहिए क्योंकि मैं सात महीने से शिक्षा मंत्रालय की बर्बादी पर लिख और बोल रहा था। पर मैं दुखी हूँ कि दंगाइयों के सामने सरकार कायरता से बिछ गई। फिर भी, परिस्थितियों के आलोक में अभिमान को पीछे रख कर समाज के हित में ही निर्णय है।
जब सरकार पुलिस का काम भी स्वयं करती है, तो यही सब होता है। मुझे याद है कि 19 दिसंबर 2019 को जामिया नगर का दंगा @DelhiPolice मे बंद करा लिया था, पूरा क्षेत्र खाली था। सरकार ने फिर अगले दिन उन्हें बैठने पर छोड़ दिया ताकि दिल्ली चुनाव में लाभ लिया जा सके।
इन सबमें एक बात और है। @RSSorg और @BJP4India के सौ से अधिक संगठन हैं, वीसी बनाए हैं, कला-विज्ञान की संस्थाएँ हैं जिसमें इन्होंने चेयरमैन बनाए हैं, वो हरामखोर कहाँ हैं? किसी ने एक लेख भी लिखा सरकार या विद्यार्थियों के पक्ष में?
वास्तविकता यह है कि आज की डेट में इस सरकार के पास न तो कोई संस्था है, न व्यक्ति। मोदी और शाह हर कार्य नहीं कर सकते। संस्थाएँ इसी दिन काम में आती हैं। अब आइटी सेल, चाटुकार गिनें कि कितने व्यू आ रहे हैं।
यह आरंभ है। जिस दिन पचास और सौ लोग थे जंतर मंतर पर, दिल्ली पुलिस के दो थाने और तीन बसें काफी थीं। आपने राम मंदिर की गर्मी से बचने के लिए उसे चलने दिया। पीएम के सलाहकारों पर यह प्रश्नचिह्न है कि वो स्थिति को समझ क्यों नहीं पाए?
सरकार को क्या सच में लगता है इथेनॉल का विषय दब जाएगा? राम मंदिर पर चर्चा नहीं होगी? सब होगी, समय
से होगी। जैसे कि शिक्षा पर चर्चा सात महीने से हो रही थी, लेकिन समय पर बवाल हुआ, जिसने भी किया।
राम मंदिर, इथेनॉल भी लौटेगा। यह यहाँ नहीं रुकेगा। सरकारी नकारेपन पर हर पार्टी रोटी सेंकेगी। मेरा दुख यह है कि अमृतकाल में त्यागपत्र दिया गया।
jokes apart, no influencer has damaged hinduism more than @thenidhiji has,fake astrology, fake information and disrespect for her own culture,all for views and limelight.
if anyone wants to file an FIR over this opinion can take 10K from me immediately.
🚨 BIG BREAKING
Assam Police ARRESTED Asraful Islam (21), Manjur Rahman (23), and Abdul Kashem (23), all residents of Islampur in Lakhimpur's Laluk, for allegedly creating and operating a WhatsApp group linked to "CJP."
Masterstroke: IAS officer Naresh Pal Gangwar, whose family allegedly involved in the cucumber subsidy scam, has been appointed the country's new Education Secretary.
Keep politics aside. I don't care which party you support.
I want to raise an important issue.
Narendra Modi is our sitting Prime Minister.
He is a man.
But the way hundreds of girls abused and sexually harassed him at the CJP protest is not okay.
All of them should be punished.
Imagine if a woman were the Prime Minister. Would any boy use such words against her?
And even if they did, would they face no punishment?
Who gave these girls the right to abuse a man, sexually harass him, and make jokes about his marriage and sexuality?
>भाई का नाम जस्टिस सूर्यकांत शर्मा है
>भाई देश का चीफ जस्टिस है
>भाई ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के ऑडियो, वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने पर रोक लगा दी
As the buzz around the Jantar Mantar protest dies down, Madhya Pradesh is back in the news.
SDM Ram Niwas of Panna district ordered two mobile covers worth ₹120 from Flipkart.
When the delivery boy arrived with the sealed package, the SDM opened it and found only one mobile cover instead of two. Rather than raising a complaint with Flipkart, he allegedly abused the delivery boy and demanded an immediate refund.
The delivery boy dared to tell His Lordship that that's not how e-commerce works. He explained that the parcel was sealed, that it was likely a packing or logistics error, and that the proper course was to raise a complaint with Flipkart, which would handle the resolution through its return process.
His Lordship took offense at being told how the process worked. He allegedly called the police, and the delivery boy was reportedly arrested under Section 151 of the BNSS.
(Source: Aaj Tak)