वाराणसी स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय संस्कृत सिखाने में निपुण है।
मुझे इस गुरुकुल में कई बार जाने का अवसर मिला।
गुरु नानक जी की,जगन्नाथ मंदिर परिसर पर,संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज और पद्माश्री भाई निर्मल सिंह द्वारा संस्कृत में गाई आरती “गगन में थाल,रव-चन्द्र दीपक बने,तारका मण्डल जनक मोती…कैसी आरती होवे,भव खंडना तेरी आरती…” का असल अर्थ समझ आया,जिसे नानक शाह फक़ीर फिल्म में दर्शाया गया।
ये भजन (शबद) हरिनांदिर साहिब एवं सभी गुरद्वारों में प्रतिदिन सायंकाल में गया जाता है,मंत्र-मुग्ध हो जाएँगे।पूरी फ़िल्म देखने के लिए नीचे लिंक का प्रयोग करें।
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Yogi alone can swing karnataka elections but he is not being given that role because it would prove his popularity which BJP highups can't stand and if karnataka elections is to be the price So be it
कितना क्रूर आतंकी था अतीक अहमद सुनिए इस बुजुर्ग महिला से जो रो रो कर बता रही है कैसे करंट लगा लगा कर मार डाला था इनके भाई को अतीक अहमद ने।
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अमेठी
➡️वन विभाग के द्वारा आरिफ को नोटिस मिलने का मामला
➡️आरिफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी किया
➡️सारस पक्षी हमको घायल अवस्था में मिला था-आरिफ
➡️‘हमने उसको पाला नहीं था, हमने सिर्फ उसका इलाज किया’
➡️सारस का इलाज करने में मेरा क्या कसूर है- मो.आरिफ.
#Amethi
कोर्ट द्वारा प्रमाणित चोर परिवार वाली पार्टी के समर्थक इस तस्वीर को देख कर बहुत खुश होते हैं। यह निशान CBI और ED के डंडों का नहीं है। सवर्ण आरक्षण की मांग को लेकर जब अपने 10 हजार समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री आवास के घेराव को निकला था तब पुलिस ने लाठियां बरसाई थीं।
सिर्फ़ जाट समाज तक ही सीमित नहीं रहेगा जाट एसोसीएशन ॥ बल्कि सनातन धर्म के हर एक समाज का नेतृत्व और किसी भी प्रकार के शोषण पर खुल कर बोलने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है ॥ जाटों ने सनातन की रक्षा के लिए अपना लहु बहाया है ॥ जैसा गौरवशाली इतिहास था वैसा ही गौरवशाली भविष्य रहेगा ॥
जाट महाकुंभ में आपने अपने समर्थक युद्धवीर सिंह का भाषण तो सुना ही होगा ॥ जब ब्राह्मण पाखंड बताया जा रहा था और राम को जेब में रखने की बात कही जा रहा थी तब क्यूँ शांत थे ॥ क्रिया की प्रतिक्रिया सहन करना सीखो ॥
मनीष कश्यप के साथ जो बिहार सरकार कर रही है वो है आपातकाल, तानाशाही, दमन
नेहा राठौर को मिले एक नोटिस पर कुर्ते फाड़ने वाले अब सन्नाटे में बैठे है
मनीष कश्यप के साथ हो रहा व्यवहार ये बताता है कि बिहार सरकार अंदर से भयभीत और कमजोर है
भूरा बाल साफ करो वाले लोग आज सत्ता में काबिज हैं. भाई के आंखों में आंसू हैं जिसे आज हर भारतीय देख रहा है. जिस तरह से मनीष कश्यप को त्रिपुरारी तिवारी बता हाईलाइट कर प्रताड़ित किया गया वह किसी से छुपा नहीं है. कोई पार्टी आपके लिए सामने नहीं आएगी. चाहे 63 लाख सब्सक्राइबर क्यों न हो.