पता नहीं यारो इतना सब कुछ मैनेज करने के बाद भी वो 3 4 महीने में कुछ मैनेज नहीं कर पाया,
काश थोड़ा ऑथेंटिक सोर्स मैनेज कर लेता, काश थोड़ा पेपर का पैटर्न समझ लेता, काश थोड़ा ओर जुनून पैदा कर लेता ।
मार्च, अप्रैल, जून,
हमसे कई गुना ज्यादा अच्छे लोग बैठे हे इस दुनिया में,
लेकिन हम किसी एक इंसान के लिए दुनिया का सबसे अच्छा इंसान बनना चाहते हे,
हमे पूरी दुनिया के लिये अच्छा बनने का शौक नहीं हे । दुनिया तो कुछ ऐसी हे मेरे भाई, जरूरत पड़ेगी तो गधे को भी अपना बाप बना लेगी ।
“One-way communication is always boring.
Real conversations begin when both sides speak, listen, question, and understand each other.
Two-way communication doesn’t just share words — it builds connection, trust, and better ideas.”
सफर कुछ इतना लंबा हो गया,
सफलता से पहले ख्वाहिशें खत्म हो गई,
पता नहीं मंजिल अभी कितनी दूर है,
काफिला अब सिर्फ एक व्यक्ति बन बैठा हे,
दिमाग अब थक हार बैठा हे,
फिर भी एक धीमी लो वाली अग्नि अभी भी दिल में जिंदा हे,
कुछ अपनों के लिए अच्छा करने के सपने आज भी जिंदा हे,
एक अंतिम युद्ध।
मेरा भी एक अजीज दोस्त हुआ करता था,
मन होता था तब बात कर लेता था,
पढ़ाई में मन नहीं लगता था तो मिलने चले जाया करता था,
24*7 मेरे लिए हाजिर रहता था,
इतने अच्छे दिनों में भी में लाइफ़ में कुछ कर नहीं पाया,
कभी कभी सोचता हु कि अच्छे दिन चल रहे हो तो कुछ अच्छा कर लेना चाहिए।
बप्पा सम्भालो मेरी कश्ती,
समुद्रों की तेज धाराओं के बीच में उलझा हुआ हु,
किनारा या टापू कही नजर नहीं आ रहा हे,
तूफानों ओर हवाओं का वेग बढ़ता जा रहा हे,
समस्या ओर अपना विकराल रूप ले रही हे,
में मेरी मेहनत कर रहा हु, बाकी आप संभालो ।
सब को मिला गया अपने अपने भाग्य का खजाना,
में ओर मेरे कुछ दोस्त ही बचे हुए हे,
अब तो लगता ये इस जीवन में बहुत पीछे रह गए हे,
सब लोगों के घोड़े रेस में बहुत आगे दौड़ रहे हे,
फिर भी उम्मीद रखते हे दोस्तो,
इस साल को अपने खजाने का अंतिम साल मनाते हे,
मिल गया तो अब बराबर करेंगे ।
रोज उठो, खुद को तैयार करो, 🎯 टारगेट सेट करो,
बाकी फिर भी 2 दिन के बाद तीसरा दिन साथ में आलसी ले ही आता हे,,
थोड़ा आराम करके, फिर वापस से चालू करते हे ।
एक हे मेरा यार जो मुझे मेरा इंस्टा अकाउंट पब्लिक करने का बोल रहा हे,
बोलता है रील और ब्लॉग डाला कर अच्छी रिच मिलेगी,
अब उस यार ने कभी मुझे सच्चे दिल से यार माना ही नहीं , नहीं तो उसे पता होता कि पाटिल किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24*7 उपस्थित रहता हे ।
हमने भी अपना किरदार बदल लिया हे,
जबरजस्ती के लोगो से किनारा कर लिया हे,
ले दे के कुछ चुनिंदा यार बचे हे,
बाकी सब से अब हमने लफड़ा कर लिया हे ।
#SGNCD#MMB#LSPS
हम निस्वार्थ अपना प्रेम लुटाते रहे,
वो अक्सर हमें भीख देते रहे,
वो हर पल उनके भविष्य के सपने देखते रहे,
हम अपना हर पल उसी के साथ देखते रहे,
समय बदला, परिस्थितियां बदली,
वो अपना जीवन बना के निकल लिए,
हम आज भी किताबों की दुनिया में हमारा जीवन बनाने में लगे हुए हे ।
कब तक भागोगे, अपने डर से ,
वो दिन जरूर आता हे जब डर से सामना होता हे,
खुद को तैयार रखो, हार ना मानो,
समय को बदलने के लिए स्वयं को ही वो सीमा लांघनी पड़ेगी, जिस सीमा का निर्माणाधीश स्वयं आप हो ।