अस्पृश्यता सभ्य मानव समाज के सामने सबसे बड़ा प्रश्न चिह्न है,यह कोढ़ से भी अधिक खतरनाक है; इसलिए इसे जड़ समेत उखाड़ फेंकना चाहिए।तभी हम सभ्य कहे जा सकते हैं।
@Kanchanyadav000@Kanchanyadav000 दी, आपको गोबर से एलर्जी नहीं होनी चाहिए। एक सलाह के तौर पर ही सही मैं कहना चाहता हूं कि भाषा के स्तर को सुधारिए। जरुरी नहीं है कि किचड़ का जवाब किचड़ से दिया जाए। 'गोबर भक्त ' शब्द जैसा कुछ भी नहीं होता है। गोबर अच्छी चीज है, इसे हेय दृष्टि से मत देखिए! 🙏
@RamaKRoy वैवाहिक वर्षगांठ पर आप दोनों सर &मैंम को बहुत-बहुत बधाई एव��� हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से इस अटूट बंधन को हमेशा सलामत रखने हेतु प्रार्थना है।🎊🎂🙏
पद्मजा जी ने गर्दा उड़ा दिया! बहुत अच्छी धुलाई। सामान्यतः पत्रकारों से भावनाओं को परे रख कर बोलने की आशा की जाती है, परंतु कुछ विषय ऐसे होते हैं जिसमें तर्क के अलावा कोई दूसरा पक्ष होता ही नहीं। वहाँ आपकी अभिव्यक्ति उग्र होनी ही चाहिए, पैशन दिखना ही चाहिए।
@AnilYadavmedia1 पता नहीं कैसे पत्रकार हैं आप ? आपको राहुल गांधी में कमी नहीं दिखाई दे रहा है या वहां से मलाई मिलता है ? कन्हैया कुमार पढ़ा-लिखा भारतीय राजनीति का भविष्य हैं। कांग्रेस को चाहिए कि अब भी युवराज का मोह त्याग कर अच्छे पढ़े-लिखे जमीनी नेता को आगे करे।जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें।
@RamaKRoy अब तो तेजस्वी यादव को हार ही जाना चाहिए ताकि दंभ टूटे। इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी लालू परिवार दंभ से भरा हुआ है। तेज���्वी यादव की भाषा जिसमें उन्होंने कहा कि अगर धांधली हुई तो डीएम या मेरा शव घर आयेगा, इस तरह की भाषा का लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।होइहीं सोई जो राम.. 🙏
@RamaKRoy आपको क्या लगता है कि प्रशांत जी के डिक्शनरी में 'संन्यास ' जैसे पवित्र शब्द के लिए जगह भी होगा ?प्रशांत केवल व्यापार कर सकते हैं,राजनीति रुपीरथ के सारथी बनते-बनते उनका मन इतना बढ़ गया कि स्वयं को महारथी समझकर युद्ध में कुद गये।इनके साथ जो हुआ,वह बहुत जरूरी था। लोकतंत्र की जय हो