कैनाल के लिए भोगन गांव (प्रयागराज) में ग्रामीणों द्वारा 33000 हाइ वोल्ट का तार काट दिया गया है
जब तक कैनाल पास नहीं होगा तब तक टुड़ियार और लखनपुर में कैनाल नहीं चलने दिया जाएगा
@swatantrabjp जी से निवेदन है कि कैनाल पास करवाएं
@swatantrabjp@CMOfficeUP@myogiadityanath पिछले 10 साल से कैनाल के लिए ग्रामीण संघर्ष कर रहे है��,2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार भी किया गया है, सर्वे के लिए भी लोग आ चुके हैं लेकिन काम कुछ नहीं हुआ है, जब तक कम से कम 20 लाख का सामान नहीं गिर जाता है तब तक विद्युत बहाल नहींहोगा @JaikyYadav16@mukeshdeshka
कैनाल के लिए भोगन गांव (प्रयागराज) में ग्रामीणों द्वारा 33000 हाइ वोल्ट का तार काट दिया गया है
जब तक कैनाल पास नहीं होगा तब तक टुड़ियार और लखनपुर में कैनाल नहीं चलने दिया जाएगा
@swatantrabjp जी से निवेदन है कि कैनाल पास करवाएं
@swatantrabjp@CMOfficeUP@myogiadityanath पिछले 10 साल से कैनाल के लिए ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं,2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार भी किया गया है, सर्वे के लिए भी लोग आ चुके हैं लेकिन काम कुछ नहीं हुआ है, जब तक कम से कम 20 लाख का सामान नहीं गिर जाता है तब तक विद्युत बहाल नहींहोगा @JaikyYadav16@mukeshdeshka
सेवा में,
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), उत्तर प्रदेश
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), भारत सरकार
विषय: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण नियमों के उल्लंघन, पारदर्शिता की घोर कमी और न्यायिक आदेशों की अवहेलना के संबंध में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई हेतु।
माननीय महोदय/महोदया,
हम, उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, आपका ध्यान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में व्याप्त घोर अनियमितताओं और अपारदर्शिता की ओ�� दिलाना चाहते हैं, जो हजारों योग्य उम्मीदवारों के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं।
1. आरक्षण नियमावली का उल्लंघन और परिणामी क्षति
UPPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में आरक्षण नियमावली का खुले तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को भारी नुकसान हो रहा है।
आरक्षण का गलत क्रियान्वयन: आरक्षित श्रेणी (Reserved Category) के उम्मीदवारों को अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें अनारक्षित श्रेणी (Unreserved Category) की सीटों पर माइग्रेट (स्थानांतरित) नहीं किया जा रहा है।
अनारक्षित श्रेणी का अनुचित फैलाव: इस गलत प्रक्रिया के कारण, अनारक्षित श्रेणी को वस्तुतः 40% तक का आरक्षण दे दिया जा रहा है, जो कि संविधान सम्मत नहीं है।
UPPSC द्वारा विवरण न देना: आयोग (UPPSC) चयन प्रक्रिया के बाद सीटों का श्रेणीवार (Category-wise) विस्तृत विवरण भी जारी नहीं कर रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध बनी हुई है।
2. पारदर्शिता का पूर्ण अभाव और अन्य राज्यों से तुलना
UPPSC ने परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर पारदर्शिता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जिससे पूरी व्यवस्था पर एक 'ब्लैंकेट कवर' डाल दिया गया है। आयोग निम्नलिखित में से कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहा है:
परीक्षाओं के हर चरण का कट-ऑफ अंक।
संशोधित उत्तर कुंजी (Revised Answer Key)।
अंक-पत्र (Marksheet) और विस्तृत परिणाम (Detailed Result)।
लिखित परीक्षा की प्रतियां (Written Copies)।
परीक्षा कैलेंड���: आयोग द्वारा हर 6 महीने पर परीक्षा कैलेंडर भी जारी नहीं किया जा रहा है।
इसके विपरीत, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जैसे दूसरे राज्य आयोगों में हर तीन महीने पर परीक्षा कैलेंडर, OMR शीट, कट-ऑफ, विस्तृत परिणाम, अंक-पत्र, और लिखित प्रतियों का अवलोकन पूर्ण पारदर्शिता के साथ दिया जा रहा है। UPPSC में इस तरह की तुलनात्मक पारदर्शिता का अभाव घोर निराशाजनक है।
3. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना
उपरोक्त अनिय���ितताओं के संबंध में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का भी UPPSC द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है:
मामला: याचिका संख्या (WRIT A 8788/2025 - राजत मौर्य एवं 41 अन्य) में, उच्च न्यायालय ने UPPSC को आरक्षण में माइग्रेशन की प्रक्रिया को सही ढंग से लागू करने का आदेश दिया था।
आयोग का रवैया: इस न्यायिक आदेश के बावजूद, UPPSC ने अपनी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया है और न ही RTI के माध्यम से कोई जानकारी साझा की जा रही है।
अतः, आपसे विनम्र अनुरोध है कि हजारों युवाओं का भविष्य इस पर निर्भर करता है। कृपया आप स्वयं इस गंभीर मामले का संज्ञान लें और मुख्य सचिव, CMO और PMO के स्तर से UPPSC को निम्नलिखित तत्काल निर्देश जारी करने की कृपा करें:
आरक्षण नियमावली का सख्त और सही ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए, जिसमें आरक्षित उम्मीदवारों को अधिक अंक लाने पर अनारक्षित श्रेणी में माइग्रेट करने का नियम लागू हो।
समस्त लंबित औ�� आगामी परीक्षाओं के लिए पारदर्शिता नीति अपनाई जाए (जैसे BPSC)।
माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन किया जाए और सुधार किया जाए।
हम आशा करते हैं कि आप उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के हित में तत्काल और निर्णायक हस्तक्षेप करेंगे।
सादर धन्यवाद।
@myogiadityanath
@myogioffice
@narendramodi
@AnupriyaSPatel
🌟 In a historic achievement, under the visionary leadership of Honourable Vice-Chancellor Prof. Sangeeta Srivastava, the University of Allahabad has been awarded the NAAC ‘A+’ grade — a proud moment for the entire university community! 💐
@ugc_india@EduMinOfIndia@PIB_India
इसी महीने में भारत ने वर्ल्ड कप गंवाया था,उस दर्द को मिटाया है भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ,
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपना पहला वर्ल्ड कप जीतकर रचा इतिहास 🇮🇳🔥✌️😍❤️
#indwvssaw#ICCWomensWorldCup2025