@bsindia सरकार E20 petrol पर जनता के बढते विरोध पर वाहन निर्माता कंपनियों से इसके पक्ष मे सफाई पेश करवा रही है, 2023 से पहले बनी गाडियो मे इंजन व फिल्टर, व रबर सिल इत्यादि उसके हिसाब से बने ही नही है, हर महीने दो महीने मे कार्बुरेटर मे पानी की शिकायत (रिपेयरिंग केमिस्त्री ही बता रहे)
@TriShool_Achuk हाँ एकदम सही,
रेलवे की यह सेवा काबिले तारीफ है। यात्रा के समय कोई भी परेशानी हो तुरंत 139 पर काल व रेल मदद मे सविस्तार जानकारी साझा किजीये, सहायता मिलती है
*30-8-2013*
*रुपया गिरना*
*इकोनॉमी के लिए अच्छा होता है*
*इससे महंगाई एडजस्ट होती है*
*एक्सपोर्ट अच्छा हो जाता है*
*फालतू इम्पोर्ट बन्द होने लगता है*
*करंट अकॉउंट डेफिसिट बेलेंस रहता है*
*सुना चमचो*
*क्या तुम अपने गुरु से ज्यादा ज्ञानी हो*
@CNBC_Awaaz हर बात पर जुर्माना लगाने की बात होती है, सरकार की
क्या❓ कभी ऐसा भी होगा, रेल्वे की गल्ती होने पर उसपर भी जुर्माना राशि तय हो।
ट्रेन के खानपान सिस्टम मे कोई भी शिकायत पर तुरंत शिकायत कर्ता को राहत राशि दी जावे
भारत में 30% टैक्स का इंकम टैक्स सलेब 15 लाख से ऊपर की आय पर शुरू होता है
अमेरिका में ये 37 लाख पर , चाइना में 48 लाख पर है
अमेरिका में लॉंग टर्म कैपिटल गेन 39 लाख के प्रॉफ़िट के ऊपर लगता है भारत में ये 1.25 लाख के ऊपर
चाइना में कोई टैक्स LTCG टैक्स नहीं है
UAE कोई टैक्स नहीं
न ही दूसरे देशों में stt लगता है
भारत में 60% trasaction cost सिर्फ टैक्स ही है ,
एक बहुत बड़ा झूठ नेता बिरादरी ने फैला रखा है की यहा सिर्फ 1-2% लोग ही टैक्स देते है
भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा indirect टैक्स है
आज आप 12 लाख से ऊपर की कार लो , आधी कीमत टैक्स है
पेट्रोल आधी से ज्यादा कीमत टैक्स है , और लगभग सभी जगह जीएसटी है
ढेरों जगह एक ही बात के लिए कई कई टैक्स है
जैसे रोड के लिए रोड टैक्स भी है , टोल टैक्स भी है , इंफ्रा सेस भी है
यहा टैक्स कम नहीं है विकशित देशों से ज्यादा ही टैक्स है , अगर आय के हिसाब से टैक्स को देखे
और ये टैक्स भ्रष्टाचार और वोट खरीदने में ही अधिकतर खर्च होता है
🏦 बैंक किसी कंपनी को हज़ारों करोड़ का लोन देने से पहले किस पर भरोसा करते हैं?
जवाब है — Credit Rating Agency.
🇮🇳 भारत में Credit Rating Agency क्या होती है? (सरल भाषा में पूरी जानकारी)
1️⃣ Credit Rating क्या होती है?
मान लीजिए दो लोग बैंक से ₹10 लाख का लोन लेने जाते हैं।
पहला व्यक्ति समय पर EMI भरता है, उसकी आय अच्छी है और उस पर बहुत कम कर्ज है।
दूसरे व्यक्ति पर पहले से काफी कर्ज है और उसकी आमदनी भी स्थिर नहीं है।
बैंक किसे आसानी से लोन देगा?
👉 निश्चित रूप से पहले व्यक्ति को।
ठीक इसी तरह जब कोई कंपनी बैंक से लोन लेती है या बॉन्ड जारी करके निवेशकों से पैसा जुटाती है, तब यह जानना जरूरी होता है कि—
क्या यह कंपनी भविष्य में अपना कर्ज समय पर चुका पाएगी?
यही काम करती हैं Credit Rating Agencies (CRA)।
इनका काम किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, नकदी प्रवाह, लाभ, प्रबंधन, उद्योग और भविष्य की क्षमता का विश्लेषण करके यह बताना होता है कि कंपनी अपने कर्ज को चुकाने में कितनी सक्षम है।
ध्यान रखें: Credit Rating केवल कर्ज चुकाने की क्षमता (Creditworthiness) बताती है, यह नहीं बताती कि कंपनी का शेयर ऊपर जाएगा या नीचे।
2️⃣ भारत में प्रमुख Credit Rating Agencies
भारत में कई SEBI-पंजीकृत Rating Agencies कार्य करती हैं।
✅ CRISIL
✅ CARE Ratings
✅ ICRA
✅ India Ratings & Research (Fitch Group)
✅ Acuité Ratings
✅ Brickwork Ratings
✅ Infomerics Ratings
इन सभी एजेंसियों को SEBI नियंत्रित करता है।
3️⃣ Rating कैसे दी जाती है?
Rating देने से पहले एजेंसी कंपनी के लगभग हर महत्वपूर्ण पहलू का अध्ययन करती है।
✔ Revenue Growth
✔ Profitability
✔ Cash Flow
✔ Debt
✔ Interest Coverage
✔ Liquidity
✔ Net Worth
✔ Promoter Quality
✔ Industry Position
✔ Business Outlook
✔ Corporate Governance
इसके बाद कंपनी को एक Credit Rating दी जाती है।
4️⃣ Long-Term Rating Scale
⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐
AAA
सबसे ऊँची Rating
✔ लगभग सबसे सुरक्षित
✔ कर्ज न चुकाने की संभावना बहुत कम
AA+, AA, AA-
बहुत मजबूत कंपनियाँ
✔ बहुत कम जोखिम
A+, A, A-
अच्छी कंपनियाँ
✔ भुगतान करने की क्षमता मजबूत
✔ जोखिम कम
BBB+, BBB, BBB-
यहीं से सबसे ज्यादा भ्रम होता है।
BBB का मतलब खराब कंपनी नहीं होता।
इसका अर्थ है—
✔ कंपनी कर्ज चुकाने में सक्षम है।
✔ लेकिन AAA या AA जितनी मजबूत नहीं है।
✔ सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित मानी जाती है।
✔ आर्थिक संकट आने पर जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।
इसी कारण इसे Investment Grade कहा जाता है।
BB+, BB, BB-
यहाँ से जोखिम बढ़ना शुरू होता है।
इसे Speculative Category माना जाता है।
B+, B, B-
उच्च जोखिम
CCC
कंपनी वित्तीय दबाव में है।
CC
Default के बहुत करीब।
C
लगभग Default की स्थिति।
D
Default
यानी कंपनी समय पर भुगतान नहीं कर पाई।
5️⃣ कौन-सी Ratings अच्छी मानी जाती हैं?
सबसे सुरक्षित
⭐⭐⭐⭐⭐⭐
AAA
AA
A
BBB
इन चार श्रेणियों को सामान्यतः Investment Grade माना जाता है।
यदि किसी कंपनी की Rating BBB- या उससे ऊपर है, तो बैंक और संस्थागत निवेशक सामान्यतः उसे कर्ज देने योग्य मानते हैं।
6️⃣ Short-Term Rating क्या होती है?
यह 1 वर्ष तक की देनदारियों के लिए होती है।
Rating Scale
A1+
सबसे मजबूत
A1
बहुत मजबूत
A2+
अच्छी
A2
अच्छी भुगतान क्षमता
A3
औसत
A4
कमजोर
D
Default
7️⃣ Outlook क्या होता है?
Rating के साथ Outlook भी दिया जाता है।
Stable
अभी निकट भविष्य में Rating बदलने की संभावना नहीं।
Positive
भविष्य में Rating बढ़ सकती है।
Negative
भविष्य में Rating घट सकती है।
Developing
स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Rating ऊपर भी जा सकती है और नीचे भी।
8️⃣ Rating Action क्या होता है?
Assigned
➡ पहली बार Rating मिली।
Reaffirmed
➡ पुरानी Rating दोबारा कायम रखी गई।
Upgraded
➡ Rating बढ़ गई।
Downgraded
➡ Rating घट गई।
Withdrawn
➡ Rating हटा दी गई।
9️⃣ उदाहरण से समझें
यदि किसी कंपनी की Rating है—
CARE BBB+ | Stable | CARE A2
इसका अर्थ है—
✔ कंपनी अपने Long-Term Loan चुकाने में सक्षम है।
✔ Short-Term भुगतान क्षमता भी अच्छी है।
✔ Rating Investment Grade में आती है।
✔ निकट भविष्य में Rating बदलने की संभावना कम मानी जा रही है।
🔟 निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात
बहुत से नए निवेशक सोचते हैं कि—
AAA Rating = शेयर ज़रूर बढ़ेगा।
यह पूरी तरह गलत धारणा है।
याद रखें—
✅ Credit Rating केवल कर्ज चुकाने की क्षमता बताती है।
❌ यह शेयर के भविष्य के रिटर्न, वैल्यूएशन या मल्टीबैगर बनने की गारंटी नहीं देती।
इसलिए किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले केवल Rating नहीं, बल्कि Business Model, Management, Valuation, Growth, Cash Flow और Competitive Advantage का भी अध्ययन अवश्य करें।
NO BUY SELL HOLD RECO!
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महाराष्ट्र में एक पुलिसवाले को रिश्वत लेते कैमरे में पकड़ा। वीडियो शुरू करते ही चालान की धमकी देने लगा। ड्राइवर ने साफ कहा गलती हुई तो चालान करो, धमकाओ मत। जब देखा ड्राइवर नहीं डरने वाला, तो माफी मांग ली और वीडियो न डालने की विनती करने लगा।
लेकिन, सवाल एक पुलिस वाले का नहीं, पूरी व्यवस्था का है। जगह-जगह ट्रक ड्राइवरों से 100-200-500 रुपये की अवैध वसूली चल रही है। गलत है तो कानूनी कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदार लोगों से रिश्वतखोरी बंद होनी चाहिए।
ये वीडियो किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ है।
@INCIndia मजबूत विपक्षी दल नहीं रही कांग्रेस, मोदी, बीजेपी द्वेष से ग्रसित कांग्रेस जनता को मूर्ख ना समझे. अल्पसंख्यक तुष्टिकरण से इस्लामिक देश बनाने का षडयंत्र नहीं चलेगा।