मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से पूछना चाहता हूं कि आज आप राजस्थान के पचपदरा आए,वृक्षारोपण भी किया,क्या आपकी सरकार ने खेजड़ी की नई किस्म का आविष्कार किया है या फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
ने पीपल को खेजड़ी बताकर आपसे पौधारोपण करवा दिया ?
आज तक लाखों की रैलियाँ हुईं, लेकिन आमजन को कभी परेशान नहीं किया।
नेताजी की सुरक्षा से खिलवाड़ की कोशिश होगी, तो RLP का हर कार्यकर्ता मजबूती से आगे खड़ा मिलेगा। 🔰
@dilip_choudhary_rlp
#HanumanBeniwal#RLP#RLPIndia@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
माफ कीजिए मंत्री अविनाश गहलोत जी, ज़मीनों के बाद कंपनियों के काग़ज़ जुटाने में मुझे थोड़ी देरी हो गई। मैं आपकी जमीनों की बात कर रहा था लेकिन अब जनता का ध्यान उन कंपनियों की ओर खींचना चाहता हूं जो आपके मंत्री बनने के बाद आपके अकाउंटेंट, आपके बचपन के दोस्त, अकाउंटेंट की माताजी, आपके साले साहब और आपके भाई के नाम पर खड़ी की गई है। ऐसे ही मैंने आपकी तुलना सीएम मोहन यादव एंड फैमिली से नहीं किया था।
1. रिथम्बरा माइनस - 16/03/2024 को यह कंपनी बनी। इस कंपनी में आपके भाई किशोर गहलोत (डायरेक्टर), आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश ( एडिशनल डायरेक्टर) और आपके साले साहब रामनिवास जी डायरेक्टर हैं। इस कंपनी ने करीब 8 करोड़ रुपए का लेनदेन दिखाया है।
2. हीलियोबल्ड वेंचर्स - 11/03/2026 यानी की 3 महीने पहले यह कंपनी बनी जो कि कंस्ट्रक्शन का काम करती है। कंपनी में आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी और आपके बचपन के दोस्त बाबू सिंह जी डायरेक्टर है।
3. श्री राणा माइनस - 2 महीने पहले 02/04/2026 को यह कंपनी बनी जिसमें आपके अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश और एक अन्य व्यक्ति गौरव सोलंकी डायरेक्टर है।
4. प्रतिष्ठा माइनस - 26/04/2026 को बनी इस कंपनी में खास बात है कि मंत्री अविनाश गहलोत के अकाउंटेंट दोस्त ओमप्रकाश जी की माताजी रामकन्या जी को डायरेक्टर बनाया गया है।
अब कुछ सबसे खास चीज़ें। अविनाश गहलोत के मंत्री बनने के बाद जितने लोग डायरेक्टर हैं सभी के व्यापार बदल गए हैं। ओमप्रकाश एक साधारण अकाउंटेंट थे जो आज कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। बाबू सिंह मंत्री जी के बचपन के दोस्त हैं और सहपाठी है तो उनकी भी प्रगति हुई है। किशोर गहलोत, मंत्री जी के भाई किशोर गहलोत की कपड़ों की दुकान थी लेकिन अब कंपनियों में डायरेक्टर है। मंत्री जी के साले साहब, रामनिवास जी पहले हैदराबाद में फैंसी स्टोर चलाते थे जो अब कंपनी में डायरेक्टर है। सबसे खास बात की अकाउंटेंट ओमप्रकाश की माताजी रामकन्या जी पहले जैतारण में सब्जी की दुकान चलाती थीं जो अब कंपनी में डायरेक्टर है।
नोट - मंत्री जी के अकाउंटेंट ओमप्रकाश जो ऑफिस एड्रेस जैतारण में चलाते हैं उसी पर हीलियोबिल्ड वेंचर्स और राणा माइनस कंपनी चल रही है।
इसके अलावा कई अन्य कागज़, लेनदेन रिसिप्ट और सबसिडी वाली कंपनी की जानकारी जल्द ही आपके साथ साझा करूंगा।
मंत्री जी यह कोई आरोप नहीं है, सिर्फ प्रमाण है आपने अच्छी तरक्की की है। उम्मीद है विभाग "सामाजिक न्याय" की संरचना के मुताबिक आप काम कर रहे हैं।
@AvinashGehlot_@BhajanlalBjp@AmitShah@narendramodi@blsanthosh
मुख्यमंत्री मोहन यादव... केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और अब राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत...!!
पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की बुनियाद है...!!
मैं अभी वनापाल का पेपर दे कर आई
हमारे सेंटर पर attendance no. नहीं भरवाए गये
Omr पैक की गई बोला की बाद में सेंटर वाले open करके fill करेंगे
ऐसा तो पहली बार ही हुआ मेरे साथ
मोहन यादव एंड फैमिली के बाद अब अविनाश गहलोत एंड फैमिली..!
10 करोड़ की ज़मीन सिर्फ 1 करोड़ 25 लाख में...! पेश है राजस्थान के मंत्री अविनाश गहलोत और उनके भाई किशोर गहलोत की नई स्कीम। जैतारण के पौश इलाके में मंत्री @AvinashGehlot_ के भाई ने 13 बीसवा यानी 11250 वर्गफुट ज़मीन खरीदी है जिसकी मार्केट में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है लेकिन मंत्री जी के भाई को रजिस्ट्री में सिर्फ 1 करोड़ 25 लाख रुपए में यह ज़मीन मिली है।
इतना भारी डिस्काउंट तो शायद ही किसी स्टोर में मिलता होगा? मंत्री के भाई पर मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर अवैध पट्टा जारी करवाने का आरोप भी एक वकील पूर्व में लगा चुके हैं।
जल्द ही आपको मंत्री अविनाश गहलोत और उनके भाई द्वारा ज़मीन खरीद फरोख्त के अन्य कागज़ उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर आपत्ति के बावजूद पट्टा जारी करवाना चाहते थे मंत्री अविनाश गहलोत..? मंत्री @AvinashGehlot_ के भाई कैलाश गहलोत के ज़मीन खरीद में पट्टा जारी करवाने की आपत्ति में लिखा यह लेटर आपको पढ़ना चाहिए...!
करीब 1 साल पहले एडवोकेट देवीलाल व्यास ने जैतारण नगर पालिका को एक पत्र लिखा था। एडवोकेट ने इस पत्र में बताया कि कैसे मंत्री अविनाश गहलोत के भाई कैलाश गहलोत श्री श्याम मनोहर प्रभु मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति खरीद कर उसमें पट्टा जारी करवाना चाहते हैं। यह पट्टा जारी करवाने के खिलाफ ही एडवोकेट ने नगर पालिका को लेटर लिखा था। बाद में मंत्री अविनाश गहलोत की ओर से नगर पालिका में अधिकारियों पर दबाव बनाया गया कि वह पट्टा जारी करें। जब पट्टा जारी नहीं हुआ तो सस्पेंशन ऑर्डर जारी हुए और नगर पालिका में लगे लोग सस्पेंड हुए।
@narendramodi और @AmitShah ऐसी ना जाने कितनी कहानियां राजस्थान कैबिनेट में छुपी हुई है। जब भी फेरबदल करें यह ध्यान जरूर रखें...!
जयपुर पुलिस आयुक्तालय के कालवाड़ थाना क्षेत्र से 16 जून 2026 को युवक रमेश शर्मा के गुमशुदा होने का मामला अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। दुर्भाग्यवश, पुलिस अभी तक गुमशुदा युवक का पता लगाने में सफल नहीं हो पाई है, जिससे रमेश के परिजन गहरी चिंता और मानसिक पीड़ा में हैं।
आज श्री नानू राम शर्मा, श्री शिम्भु शर्मा एवं श्री लाला राम शर्मा ने जयपुर स्थित मेरे आवास पर मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। मैंने जयपुर पुलिस आयुक्तालय के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गुमशुदा युवक की सकुशल वापसी के लिए विशेष टीम का गठन करें व रमेश शर्मा का शीघ्रातिशीघ्र पता लगाए |
@RajCMO@PoliceRajasthan@jaipur_police
राजस्थान कैडर 1995 के तेज-तर्रार IPS बीजू जॉर्ज जोसेफ RPSC चेयरमैन की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। RPSC चेयरमैन के लिए उनका नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बीजू की छवि ईमानदार अफसर की है और उनका प्रशासनिक प्रबंधन भी कमाल का है।
अब इस पटना कोचिंग्स विवाद में अवध ओझा सर की भी एंट्री हो चुकी है l उन्होंने global teacher की PR टीम की दाद दी है, साथ ही उनकी मनगढ़न्त बर्तन धोने वाली लड़की की IAS की तैयारी करने वाली कहानी पर मजे लिए है l और भी बहुत कुछ खुलासे किये हैँ l अवध ओझा सर विवेक बिंद्रा वाली मीटिंग में भी थे l
'आज की युवा महिलाएं लेबर पेन से बचना चाहती हैं, इसलिए सिजेरियन डिलिवरी करवा रही हैं'
- ये शर्मनाक बयान राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिया है
कोटा और बीकानेर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 7 महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं, अब जोधपुर में भी सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की हालत गंभीर है।
लेकिन...
इन मौतों के लिए जिम्मेदार अपने घटिया और लापरवाह सिस्टम के लिए माफी मांगने के बदले मंत्री जी ने महिलाओं को ही दोषी करार दे दिया।
ये बेहूदा बयान BJP की महिला विरोधी सोच का नतीजा है। इसके लिए गजेंद्र सिंह खींवसर और नरेंद्र मोदी को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी।
भारतीय सेना में मेजर शैलेन्द्र सिंह से थाने में मारपीट को लेकर हनुमान बेनीवाल जी ने SP और IG को संदेश दिया कि .....
हम लोग ये नहीं चाहते कि पुलिस और सेना आमने सामने हो इसलिए समय रहते मेजर साहब की बात सुनी जाए.- @hanumanbeniwal
धन्यवाद @sharatjpr जी....!
अन्यथा बाकि पत्रकार तो सिर्फ वायरल होने में विश्वास रखते है....
हनुमान बेनीवाल जी अपने हर कार्यक्रम में नशे से दूर रहने की सीख जरुर देते है....🙏
@hanumanbeniwal
RPSC जैसे संवैधानिक संस्थान की गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं।
कर्नल केसरी सिंह जैसे व्यक्ति को RPSC का अध्यक्ष बनाना युवाओं, किसानों और प्रदेश के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने भी उन्हें RPSC का सदस्य बनाए जाने के निर्णय पर बाद में सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया था। ऐसे में उसी व्यक्ति को अध्यक्ष बनाने की चर्चा कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
RPSC किसी राजनीतिक उपकार का मंच नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का संवैधानिक संस्थान है। इसकी विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का समझौता राजस्थान के युवाओं और किसानों के विश्वास को ठेस पहुँचाएगा।
राजस्थान के युवा पूछ रहे हैं—क्या योग्यता और निष्पक्षता से बड़ा कोई राजनीतिक हित हो सकता है?
RPSC को विवाद नहीं, विश्वसनीय नेतृत्व चाहिए।
#RPSC #Rajasthan @ashokgehlot51@BhajanlalBjp
राजस्थान एसआई भर्ती में इंटरव्यू में 50 में से 18 अंक अनिवार्य होने को लेकर विवाद बढ़ गया है। अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब देश के कई राज्यों में इंटरव्यू खत्म हो चुका है, तो राजस्थान में यह नियम अब भी क्यों लागू है?
1.यदि देश के 15 राज्यों में एसआई भर्ती में इंटरव्यू नहीं होता, तो राजस्थान में इसे अनिवार्य रखने का औचित्य क्या है?
2 जब लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता से अभ्यर्थियों की योग्यता साबित हो जाती है, तो फिर इंटरव्यू की आवश्यकता क्यों?
3.क्या इंटरव्यू में 50 में से 18 अंक की अनिवार्यता प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं है?
4.यदि अन्य राज्यों ने पारदर्शिता के लिए इंटरव्यू समाप्त कर दिया, तो राजस्थान अब तक इस व्यवस्था पर क्यों कायम है?
5.क्या इंटरव्यू प्रक्रिया चयन को अधिक निष्पक्ष बनाती है या विवादों को जन्म देती है?
6.सरकार युवाओं की मांग पर इस नियम की समीक्षा करने से क्यों बच रही है?
7.क्या भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर देने के लिए इंटरव्यू की अनिवार्यता हटाना उचित नहीं होगा?
8.जब देशभर में एक समान प्रवृत्ति इंटरव्यू खत्म करने की है, तो राजस्थान अलग राह पर क्यों चल रहा है?
9.क्या यह नियम योग्य अभ्यर्थियों के चयन में बाधा बन सकता है?
युवाओं की लगातार उठ रही मांग के बावजूद इस विषय पर स्पष्ट निर्णय कब लिया जाएगा?