किसी तंजीम या जमात की मजबूती उसकी Financial मजबूती से होती है।
आप सभी से अपील है आप लोग अपनी जमात को मजबूत करने के लिए हमारी मदद करें, और पार्टी फंड में #Donate करें ताकि हम मजलूमों वंचितों और पंडितों की लड़ाई ओर मजबूती से लड़ सकते।
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2. ऐसी ऐतिहासिक इमारतों की हिफ़ाज़त करना हमारी आने वाली नस्लों के लिए इतिहास और संस्कृति को महफ़ूज़ रखना है।.......2/2
नाज़िम इलाही
राष्ट्रीय अध्यक्ष
परचम पार्टी ऑफ़ इंडिया
1. हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
उज्जैन की सदियों पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद हमारी साझी विरासत, गंगा-जमुनी तहज़ीब और मुल्क की बहुसांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है।......1/2
डूमरियागंज विधानसभा में नई राजनीतिक आवाज़
चौधरी अब्दुल हन्नान
परचम पार्टी ऑफ इंडिया
डूमरियागंज की जनता के मुद्दो अधिकारो और राजनीतिक हिस्सेदारी की आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प।
परचम पार्टी ऑफ इंडिया
मिशन 2027 उत्तर प्रदेश
अपनी जमात अपनी कयादत
गुलामी नही हिस्सेदारी चाहिए
@AIMPLB_Official 2. महत्वपूर्ण सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों के प्रति अपनी एकजुटता एवं समर्थन व्यक्त करेगा। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे,,
दिनांक 17/09/2026
@AIMPLB_Official द्वारा जंतर-मंतर, नई दिल्ली में आयोजित धरना-प्रदर्शन में परचम पार्टी ऑफ इंडिया अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल होगी,
पार्टी का प्रतिनिधिमंडल इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर बोर्ड द्वारा उठाए जा रहे
2. तो एक मुस्लिम अफ़सर का अपने मज़हब के मुताबिक़ सलाम करना गुनाह कैसे हो गया?
ये मुल्क संविधान से चलेगा या नफ़रत के ठेकेदारों से।
नाज़िम इलाही
राष्ट्रीय अध्यक्ष
परचम पार्टी ऑफ इंडिया
1. IPS बुशरा बानो ने एक वीडियो में ‘अस्सलाम वालेकुम, ‘इंशाअल्लाह और जज़ाकल्लाह’ जैसे आम अल्फ़ाज़ क्या इस्तेमाल किए नफ़रत का बाज़ार गर्म हो गया।
जब दूसरे मज़हब की रस्मों में पुलिस अफ़सरों की शिरकत पर कोई ऐतराज़ नहीं,
अब वक़्त आ गया है कि मुसलमान किसी के डर या मजबूरी मे नही, बल्कि अपने सियासी वजूद अपने हक़, अपनी इज़्ज़त और अपने मुस्तक़बिल के लिए फ़ैसला करे।
बिना शर्त किसी का झंडा उठाना नही अपने हक़ और हिस्सेदारी के लिए अपनी सियासी ताक़त खड़ी करना ज़रूरी है।
नाज़िम इलाही
अध्यक्ष
परचम पार्टी
1947 से आज तक मुसलमानों को यही समझाया जाता रहा कि बिना शर्त कांग्रेस और दूसरी नाम-निहाद सेक्युलर पार्टियों का झंडा उठाते रहो।
मुसलमानों ने भी BJP के ख़ौफ़ में वर्षों तक इन पार्टियों का साथ दिया, मगर बदले में उन्हें क्या मिला ?
मेरठ मलियाना हाशिमपुरा मुरादाबाद ईदगाह बाबरी मस्जिद से लेकर सहारनपुर की मस्जिदो की शहादत तक ज़ुल्म और नाइसाफ़ी की एक लबी फ़ेहरिस्त है।
मदरसो पर पाबंदियो की कोशिशे आतंकवाद के नाम पर बेगुनाह मुसलमानो पर झूठे मुक़दमे गिरफ़्तारिया ज़ुल्म यह सब मुसलमानो के सामने एक कड़वा इतिहास है।
@nazim_ilahi@iumlkeralastate 6. बैठक का मक़सद किसी एक पार्टी को मज़बूत करना नहीं, बल्कि समान विचारधारा रखने वाली तमाम सियासी ताक़तों को एक मंच पर लाकर 2027 के विधानसभा चुनाव में एक मज़बूत और असरदार सियासी विकल्प पेश करना है।
1. 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर परचम पार्टी ऑफ़ इंडिया और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की बैठक
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनज़र समान विचारधारा रखने वाले सियासी पार्टियों को एक प्लेटफ़ॉर्म पर लाने और उन्हें एकजुट करने की कोशिशों के तहत
@nazim_ilahi@iumlkeralastate 5. के लिए ज़रूरी है कि समान विचारधारा रखने वाली सियासी ताक़तें आपसी बातचीत और बेहतर तालमेल के साथ आगे बढ़ें। इसी मक़सद से परचम पार्टी ऑफ़ इंडिया लगातार तमाम समान विचारधारा वाले दलों से राब्ता क़ायम कर रही है।
2. क़ानून सबके लिए एक हो
मज़हब की बुनियाद पर हो रहा ज़ुल्म क़ाबिल-ए-क़ुबूल नहीं।
बुलडोज़र नहीं — आईन की हुक्मरानी चाहिए!
नाइंसाफ़ी के ख़िलाफ़ परचम पार्टी की आवाज़ बुलंद रहेगी।
परचम पार्टी ऑफ़ इंडिया
1. सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद का गिराना मुसलमानों की शिनाख्त से नफ़रत का मुज़ाहरा है
नाज़िम इलाही
राष्ट्रीय अध्यक्ष, परचम पार्टी ऑफ़ इंडिया
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई बुलडोज़र सियासत और आईनी उसूलों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।