गुर्जर प्रतिहार राजवंश के महान सम्राट मिहिरभोज जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन व सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं!
#GurjarSamratMihirBhoj
ये व्यक्ति रे०स्टेशन मथुरा जं० से अपनी माँ के साथ सो रहे महज 7 माह के बच्चे को उठाकर ले गया।
इस व्यक्ति को पकड़वाने में मदद कीजिये।
आप सिर्फ Retweet कर इसके फ़ोटो/वीडियो को Groups में share कर दीजिये, विशेष कर कासगंज, बदायूँ और बरेली साइड में।
मुझे भरोसा है ये अवश्य पकड़ा जाएगा।
ऐसी घटनाएं हमारी आजादी और संविधान पर तमाचा है। धर्म, ईश्वर और मानवता का अपमान है।1988 में दलितों को साथ लेकर नाथद्वारा मंदिर में प्रवेश (जो वर्जित था) की कोशिश में हुए प्राणघातक हमले में लगी चोटों में दर्द अभी नहीं गया। मेरी अपील है कि छुआछूत बरतने वालों का सामाजिक बहिष्कार करें।
जब दलित को राष्ट्रपति बनाया जाता है तो जातिवादी लोग SC,ST आरक्षण खत्म करने की मांग के लिए सभी अपने स्टेटस लगाते है लेकिन जब मात्र मटकी में पानी पीने के कारण किसी दलित की जान ले ली जाती है तो आरक्षण के समर्थन में ना कोई ही ट्वीट करता है ना स्टेटस लगाता हैं। #JusticeForInderMeghwal
1. राजस्थान के जालौर जिले के सुराणा में प्राइवेट स्कूल के 9 साल के दलित छात्र द्वारा प्यास लगने पर मटके से पानी पीने पर सवर्ण जाति के जातिवादी सोच के शिक्षक ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि कल उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना की जितनी निन्दा व भर्त्सना की जाए वह कम।
एक तरफ देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है दूसरी तरफ हमारे पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों मे अभी भी सामंतवाद हावी है और जालोर जिले में संकीर्ण मानसिकता से झूंझ रहे एक अध्यापक द्वारा पिटाई करने से एक तीसरी कक्षा के एक दलित छात्र की मृत्यु हो जाना इस बात का प्रमाण है !
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देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। वही दूसरी तरफ पानी के मटके को छूने पर इतना पीटा गया कि जान ही चली गयी।
आजादी के 75 साल बाद भी 9 साल के दलित बच्चे को जालोर मे जातिवाद का शिकार होना पड़ा। हमे पानी के मटके को छूने की भी आजादी नही! फिर क्यों आजादी का झूठा ढिंढोरा पीट रहे है?
@yogeshk27177094 @abhaysi41606439 @GMNWRailway@MukeshM14687476@PiyushGoyal@RailMinIndia Sir gdce टाईप एग्जाम हेतु लगातार प्रयास कर रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है क्या रेल कर्मी इस विपरीत परिस्थिति में भी अपनी ड्यूटी इमानदारी से करते आ रहे है फिर हमें हमारा हक क्यों नहीं दिया जा रहा हैं आपसे निवेदन है कि जल्द से टाइपिंग टेस्ट करवाने की कोशिश करें