अगर सवर्णों का जानवर भी नहा रहा होता है तो दलितों को इंतजार करना होता है।
खीर खाने और मैल से बच्चा पैदा करने वाली कहानियों से दिल बहल गया हो तो ये वाली कहानी भी देख लेना @ajeetbharti
ये व्यक्ति रे०स्टेशन मथुरा जं० से अपनी माँ के साथ सो रहे महज 7 माह के बच्चे को उठाकर ले गया।
इस व्यक्ति को पकड़वाने में मदद कीजिये।
आप सिर्फ Retweet कर इसके फ़ोटो/वीडियो को Groups में share कर दीजिये, विशेष कर कासगंज, बदायूँ और बरेली साइड में।
मुझे भरोसा है ये अवश्य पकड़ा जाएगा।
@Praveen54316999 कैसे लक्षण,... दलित के हिन्दू ना होने के या हिंदू के हिन्दू ना होने के..
ये भेदभाव ही तो है जो हर जगह कुछ ना अन्तर ढूंढता है खुद को दूसरों से श्रेष्ठ होने का.. और सबसे निकृष्टतम अन्तर यही है कि जब आदमी के पास श्रेष्ठ बनने के लिए कुछ नहीं रह जाता है तो वो जाति को ले आता है..
अगर dalit कह दे कि वह ब्राह्मण है तो क्या कोई मानेगा... ऐसे ही dalit के खुद कहने से कोई नहीं मानेगा की दलित हिन्दू नहीं है.. असली बात ये है कि जो दलित को हिन्दू नहीं मानते वो हिन्दू नहीं हैं.. जो उसका खाना नहीं खाते वो हिन्दू नहीं हैं.. जो उसे अछूत मानते हैं वो हिन्दू नहीं है..
@KotwalMeena ये कैसे हिन्दू हैं जो हिन्दू के द्वारा लाया गया खाना नहीं खा सकते हैं... यदि ऐसा है तो ये हिन्दू का बना या फिर हिन्दू के साथ खाना कैसे खाएंगे...हिन्दू के साथ बैठेंगे कैसेहिन्दू के लिए ladenge कैसे.
ये हिन्दू धर्म के लायक नहीं हैं... इन्हें हिन्दू धर्म से बहिष्कृत किया जाना चाहिए
ये कैसे हिन्दू हैं जो हिन्दू के द्वारा लाया गया खाना नहीं खा सकते हैं... यदि ऐसा है तो ये हिन्दू का बना या फिर हिन्दू के साथ खाना कैसे खाएंगे.हिन्दू के साथ बैठेंगे कैसे.हिन्दू के लिए ladenge कैसे
ये हिन्दू धर्म के लायक नहीं हैं. इन्हें हिन्दू धर्म से बहिष्कृत किया जाना चाहिए...