राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत साहब की आज की Facebook पोस्ट पर नजरें इनायत की जानी चाहिए।
गहलोत साहब जैसे शालीन, कुशाग्र बुद्धि राजनेता पर यह एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है कि उनका चयन लोकेश शर्मा जैसा फ्रॉड और घमंडी आदमी कैसे हो गया ? लोकेश को इतनी शह लगातार क्यों मिलती गई कि वह ��तना ताकतवर होता गया ?
हमने तो बीते गहलोत राज को watch dog बनकर बहुत खुली आँखों से देखा है। मुझे व्यक्तिगत तौर पर भी यह बात खलती थी कि इतना अयोग्य व्यक्ति अशोक गहलोत जैसे योग्य राजनेता के सिस्टम में कैसे पावरफुल हो गया। मुझे ही क्यों यह बात तो सबको ही खलती थी लेकिन लोकेश ने जो पावर नेक्सस बनाया उसके आगे सब फीके और बौने थे।
लोकेश कॉल कर करके पत्रकारों को धमकाता था। दादागीरी करने से बाज नहीं आता था। वो यह अधिकार खुद के पास रखना चाहता था कि पत्रकार क्या छापेंगे ये सब लोकेश ही तय करे। और सबसे महत्वपूर्ण कि एक ऐसे सिस्टम में विश्वास नाम की चीज की बत्ती लगा गया जिसके बाद कभी किसी ठीक आदमी पर भी भरोसा नहीं किया जा सकेगा।
Dear @PoliceRajasthan@NagaurPolice@DmNagaur निवेदन है कि 09 मई को मध्यरात्रि में नागौर जिले के पांचौड़ी थानांतर्गत ग्राम शिवपुरा खींवसर से एक दो बच्चों की मां को एक व्यक्ति किडनैप करके ले गया , उस संदर्भ में पांचौड़ी थाने में शिकायत दर्ज करने गए तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न करके मात्र शिकायत लेकर घर भेज दिया एवं तीन दिन बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है
जैसलमेर जिला यूथ कांग्रेस चुनाव ने इस बार राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। जिलाध्यक्ष पद के लिए जसवंत सिंह भाटी और लक्ष्मण सिंह भाटी के बीच सीधी एवं दिलचस्प टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं पर्दे के पीछे फकीर परिवार और रूपाराम धनदेव की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।
��क ओर लक्ष्मण सिंह को अपने पिता, प्रधान लख सिंह के राजनीतिक प्रभाव का लाभ मिल रहा है, तो दूसरी ओर जसवंत सिंह अपनी मजबूत जमीनी पकड़, सक्रिय मेहनतकश टीम और धनदेव परिवार के विश्वासपात्र चेहरे के रूप में मजबूती से उभर रहे हैं। साथ ही उन्हें जोगराज सिंह चांधन और जिलाध्यक्ष पद के उम्मीदवार कैलाश भील के समर्थन की भी चर्चा है।
विशाल क्षेत्र में फैले जैसलमेर जिले में इस बार यूथ कांग्रेस चुनाव को लेक�� युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है। पिछले 23 दिनों में रिकॉर्ड 26 हजार सदस्य बनाए गए हैं, जो अपने आप में बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि युवाओं का यह उत्साह आखिर किसके पक्ष में जाता है और कौन बाजी मारता है।
मुझे विपक्ष या तथाकथित इंटलेक्चुअल्स का यह तर्क सबसे हास्यास्पद लगता है कि अमुक पार्टी के नेता पर सत्तापक्ष ने एजेंसियों से छापे पड़वाकर डराकर उसे अपने में शामिल कर लिया।
इसका ताज़ा उदाहरण आम आदमी पार्टी का है। हालांकि सभी राजनीतिक दल या व्यक्ति इसी चिंता के साथ जनता के सामने आते हैं कि हम सबसे ईमानदार हैं और आपका भला करेंगे, लेकिन कुछ दलों या व्यक्तिय��ं से जनता ज्यादा ही उम्मीद कर लेती है, और उस कड़ी में आम आदमी पार्टी सर्वोच्च स्थान पर थी।
कल से आम आदमी पार्टी लगातार यह दावा कर रही है कि अशोक मित्तल, संदीप पाठक और राघव चड्ढा ने ईडी, सीबीआई के डर से भाजपा को जॉइन कर लिया। अर्थात आप यह बात स्वीकार कर रही है कि ये लोग आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त थे या कानून की नजर में दोषी हैं, क्योंकि डरता सदैव वही है जो गलत होता है।
तो विश्व की सबसे ईमानदार पार्टी का दंभ भरने वाली आप पार्��ी ने ऐसे बेईमान लोगों को अब तक इतने उच्च पदों पर क्यों बैठा रखा था?
और रही बात सत्तापक्ष की, तो वह भी एक राजनीतिक दल है, और कोई भी दल इसलिए ही सत्ता में आने के लिए मेहनत करता है ताकि वह जो चाहे कर सके। क्योंकि जहां तक मुझे लगता है, सत्ता ही इंसान को रुतबा, पहचान और नाम देती है, और वह सत्ता पर काबिज रहने के लिए हर गुणा-भाग का ध्यान रखेगा।
इसलिए मुझे तरस उन पत्रकारों पर आता है, जो ऐसी बेतुकी बातें करके खुद को महान समझ रहे हैं।
@8PMnoCM @1K_Nazar @arvindchotia @crosschat_wala @Kapil_Jyani_ @khurpenchh @ajeetbharti
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया विभाग के चेयरमैन एवं मेरे कॉलेज के सीनियर श्री सुमित भगासरा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश��वर से आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ ।
@SumitBhagasara
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया विभाग के चेयरमैन एवं मेरे कॉलेज के सीनियर श्री सुमित भगासरा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ ।
@SumitBhagasara
रिफाइनरी के उद्घाटन से महज 24 घंटे से भी कम समय पहले हुआ यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या रिफाइनरी की पूर्ण तैयारी के बिना ही उद्घाटन की तारीख तय की गई, जिससे मची जल्दबाजी में ऐसा हादसा हुआ? इस हादसे से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत पुनः अटक गई है एवं इससे लाभान्वित होने का प्रदेश का इंतजार और बढ़ गया है।
केन्द्र व राज्य सरकार ��ो इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कर इस हादसे की वजह पता करनी चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
ओरण सिर्फ ज़मीन का टुकड़ा नहीं है…
यह हमारी संस्कृति की पहचान, पूर्वजों ���्वारा गौवंश व जीव-जंतुओं के स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ी गई एक विरासत और प्रकृति का जीवंत आधार है।
जब ओरण सुरक्षित रहेगी, तभी हमारी धरती सांस ले पाएगी…
और जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा कल सुरक्षित रहेगा।
“ओरण बचाओ पदयात्रा” में मैं स्वयं उपस्थित रहूंगा।
आप सभी से विनम्र आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पुनीत अभियान को अपनी भागीदारी और समर्थन दें।
#ओरण_बचाओ