तर्क दिया जाता है: "आरक्षण केवल तभी समाप्त किया जा सकता है जब जाति व्यवस्था समाप्त हो जाए।"
यदि इसी तर्क को माना जाए:
★ अगर लिंग के आधार पर भेदभाव होता है, तो क्या हमें लिंग (Gender) को ही समाप्त कर देना चाहिए?
★ अगर लोग भाषा के आधार पर भेदभाव का सामना करते हैं, तो क्या हमें भाषाओं को समाप्त कर देना चाहिए?
★ अगर राज्यों के आधार पर भेदभाव होता है, तो क्या हमें राज्यों को समाप्त कर देना चाहिए?
★ अगर धार्मिक भेदभाव मौजूद है, तो क्या हमें धर्म को ही समाप्त कर देना चाहिए?
यह बुनियादी तौर पर एक त्रुटिपूर्ण तर्क है।
वास्तविक लक्ष्य लोगों को शिक्षित करना और समान व्यवहार होना चाहिए, न कि यह दिखावा करना कि पहचान को मिटा देना ही इसका समाधान है।
खुद से पूछिए: क्या आपके दोस्तों ने कभी आपकी जाति के कारण आपके साथ भेदभाव किया है? अधिकांश लोगों के लिए इसका जवाब 'नहीं' होगा।
★ क्या उन्होंने अपनी जाति मानना छोड़ दिया? नहीं।
★ क्या उनका उपनाम (सरनेम) गायब हो गया? नहीं।
★ क्या उन्होंने इसकी वजह से आपके साथ अलग व्यवहार किया? नहीं।
समस्या भेदभावपूर्ण व्यवहार है, न कि पहचान का अस्तित्व में होना।
OBC में 2600+ जाति
SC में 67 जाति
ST में 700+ जाति
क्या तीनों समुदाय वाले आपस में रोटी बेटी का सम्बन्ध बनाके जातिवाद, छुआछूत, ऊँच नीच और भेदभाव को खत्म नहीं कर सकते...?
आरक्षण खत्म करो जाति अपने आप खत्म हो जाएगी!!
ये कोई फ़िल्मी सीन नहीं, हकीकत में हुआ है
हजारों लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में अवैध रूप से स्पेन के छोटे से शहर स्यूटा में घुसने लगे. कई लोग समुद्र तैरकर पहुंचे, तो कई सीमा की बाड़ पार कर गए.
स्पेन ने अफ्रीका में उत्तरी अफ्रीका के अपने इलाके सेउटा में आए प्रवासी संकट के बाद सेना को तैनात कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब मोरक्को से हजारों की संख्या में अवैध प्रवासी समुद्री और जमीन के रास्ते इलाके में घुस आए हैं। सेउटा उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को से सटा छोटा सा स्पेनिश इलाका है जो मुख्य भूमि स्पेन से समुद्र के चलते कटा हुआ है।
🔴स्पेन के सरकारी टीवी ने बताया कि गुरुवार को करीब 2000 से 3000 लोग सेउटा में दाखिल हुए। इसके पहले सेउटा प्रशासन ने बताया था कि पिछले 10 दिनों में लगभग 1500-2000 लोग अंदर आ चुके हैं। कुछ प्रवासी सेउटा में घुसने के बाद 'विवा एस्पाना' (स्पेन जिंदाबाद) के नारे लगा रहे थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस अफरातफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है. हालात इतने बिगड़ गए कि स्पेन सरकार को सेना भेजने का फैसला करना पड़ा. सड़कों पर भीड़, समुद्र में तैरती लाशें और सीमा पर टूटती व्यवस्था ने पूरे यूरोप को चिंता में डाल दिया है.
#Spain #Morocco #Immigrants #ZeeNews
श्री राम को जातिवादी बताने वाली महाजन रिपोर्ट को भाजपा सरकार मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में दाखिल कर के, आरक्षण 73% करने की लड़ाई लड़ रही है!!
ये है इनका हिंदुत्व??
बता दें:
आरक्षण ना तो किसी का जन्मसिद्ध अधिकार है, ना ही मौलिक अधिकार!
दरअसल आरक्षण अधिकार है ही नहीं!
संविधान कहता है-आरक्षण सिर्फ़ एक विशेष प्रावधान है और इसे देने की इजाज़त है!
यानि इसको दिया जाना ज़रूरी भी नहीं!
सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ किया है कि आरक्षण कोई अधिकार नहीं!
Did you know?
Last 10 years data from UPSC shows out of 744 ST tribes, only 1 tribe (Meena) have captured 48% ST seats.
Meena proportion in ST population is 4.5%, while they take 48% seats which is 10 times more than their population%.
So when they say "Reservation is for representation", ask-
-What kind of representation is this?
-What about representation of other 743 tribes?
-When article 16-4 says -"only those backward communities who are 'not adequately represented' will get reservation", then why a community with 10 times more representation than their population, is getting reservation? Isn't it against the constitution itself?
ये उन लोगों को पीटने की बात कर रहे हैं, जो आरक्षण के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे👇
ये हैं देश के शोषित लोग, जो दूसरों को पीट पीटकर खुद के लिए "शोषित वंचित पीड़ित" का टैग लेंगे!
यही है आरक्षण की असलियत?
अब आरक्षण एक बुरी लत बन चुका है, सामाजिक न्याय नहीं!
अगर आरक्षण जातिवाद हटाने का सबसे बड़ा हथियार है
तो बताइये की,
पिछले 75 सालों में कितने लोग आरक्षण से इतने मजबूत हुए की उन्होंने स्वेच्छा से आरक्षण छोड़ दिया ।
जिनके तलवे चाट रहे थे @BJP4India, वो मुंडी हिलाकर तुम्हारे मुँहपर थूक रहा है, सिब्बल के बगल में बैठकर।
भाजपा अपनों को दुत्कार या त्याग देती है जबकि ये लोग अपने दंगाइयों और बदमाशों तक का साथ नहीं छोड़ते।