मध्यप्रदेश के कटनी में दलित परिवार के 15 साल के बच्चे और उसकी मां के साथ थाना प्रभारी और पुलिस स्टॉफ की क्रूरता मानवता को झकझोर कर रख देने वाली है। यह घटना ना सिर्फ मप्र पुलिस की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि समाज में व्याप्त दलितों के प्रति हिंसा की मानसिकता को भी उजागर करती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के मनुवादी मानसिकता के जज अपने मनमुताबिक फैसलों से मणिपुर की तरह देश को दंगो की आग में धकेल देना चाहते हैं। मुझे देश को लेकर बहुत चिंता हो रही हैं। #Save_SCSTAct
"जिन लोगों को लगता था कि बीजेपी आरक्षण खत्म नहीं करेगी उन्हें UPSC द्वारा जारी लेटरल एंट्री भर्ती का विज्ञापन देखना चाहिए. 45 पदों में SC, ST, OBC वर्ग के लिए एक पद भी आरक्षित नहीं है..."
- हंसराज मीना, ट्राइबल आर्मी संस्थापक
लेटरल एंट्री मामले पर बोले प्रकाश आंबेडकर - "मैंने पहले भी बोला था, आज फिर से बोला रहा हूं, 'धर्म खतरे में नहीं है, आरक्षण खतरे में है'..."
@Prksh_Ambedkar
मोदी सरकार ने लेटरल एंट्री का विज्ञापन निकाला है। SC-ST, OBC के लिए एक भी पद नहीं। सारे पदों पर 100 % सवर्ण आरक्षण है लेकिन फिर भी इन्हें दिक़्क़त सिर्फ़ हमारे आरक्षण से है।
केंद्र की मोदी सरकार बाबा साहेब के लिखे संविधान और आरक्षण के साथ कैसा घिनौना मजाक एवं खिलवाड़ कर रही है, यह विज्ञापन उसकी एक छोटी सी बानगी है।
𝐔𝐏𝐒𝐂 ने लैटरल एंट्री के ज़रिए सीधे 𝟒𝟓 संयुक्त सचिव, उप-सचिव और निदेशक स्तर की नौकरियां निकाली है लेकिन इनमें आरक्षण का प्रावधान नहीं है। अगर 𝐔𝐏𝐒𝐂 सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से 𝟒𝟓 𝐈𝐀𝐒 की नियुक्ति करती तो उसे 𝐒𝐂/𝐒𝐓 और 𝐎𝐁𝐂 को आरक्षण देना पड़ता यानि 𝟒𝟓 में से 𝟐𝟐-𝟐𝟑 अभ्यर्थी दलित, पिछड़ा और आदिवासी वर्गों से चयनित होते।
मोदी सरकार बहुत ही व्यवस्थित, पद्धतिबद्ध, योजनाबद्ध और शातिराना तरीके से आरक्षण को समाप्त कर रही है। विगत चुनाव में प्रधानमंत्री समेत बिहार में उनकी पिछलग्गू पार्टियाँ और उनके नेता छाती पीट-पीटकर दावा करते थे कि आरक्षण को समाप्त कर कोई उनका हक-अधिकार नहीं खा सकता लेकिन उनकी आँखों के सामने, उनके समर्थन व सहयोग के बल पर वंचित, उपेक्षित और गरीब वर्गों के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है तथा कथित स्वयंभू 𝐎𝐁𝐂 𝐏𝐌 समेत उनके साथ यूपी-बिहार-झारखंड के 𝐒𝐂/𝐒𝐓 और 𝐎𝐁𝐂 नेता दुर्भाग्यपूर्ण रूप से ताली पीट ठहाके लगा रहे है।
देश की 𝟗𝟎 फ़ीसदी आबादी का हक़ खाने वालों को जनता माफ़ नहीं करेगी।
जागो “दलित-पिछड़ा-आदिवासी और गरीब सामान्य वर्ग” जागो! हिंदू के नाम पर ये आपका हक़ खा रहे है तथा आपके अधिकारों की बंदरबांट कर रहे है।
#ReservationMatters #OBC #SC #ST #Reservation #Constitution #UPSC
बधाई हो वंचितों शोषितों! लेटरल इंट्री की नई आमद आई है. यानी आरक्षण ख़त्म करने की नई आमद. ये लोग बिना किसी इम्तिहान के सीधे जॉइंट सेक्रेटरी बनेंगे. बधाई हो.
परम् पूज्य बाबा साहब डॉo भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने सिर झुकाकर, संविधान को माथे पर लगाने वाले प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार उसी संविधान की किस कदर हत्या करने पर तुली है लेटरल एंट्री का यह नोटिफिकेशन इसका जीता जागता उदाहरण है।
केंद्र सरकार द्वारा अपनी विचारधारा के 45 लोगों को बिना कोई परीक्षा पास किए बैकडोर से मंत्रालयों में बैठाने के लिए एक बार फिर से विज्ञापन निकाल दिया है। जिसमें किसी भी पद पर कोई आरक्षण नहीं है।
लेटरल एंट्री के ज़रिए भरे जाने वाले इन पदों में 𝟒𝟓 जॉइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी हैं अगर 𝐔𝐏𝐒𝐂 परीक्षा के माध्यम से इन 𝟒𝟓 𝐈𝐀𝐒 की नियुक्ति करती तो उसमें 𝐒𝐂/𝐒𝐓/𝐎𝐁𝐂 वर्गों का आरक्षण होता यानि 𝟒𝟓 में से तकरीबन 𝟐𝟑 अभ्यर्थी दलित, पिछड़ा और आदिवासी वर्गों से चयनित होकर आते लेकिन आरक्षण और संविधान विरोधी केन्द्र की भाजपा सरकार ने चोर दरवाजे यानि बैकडोर से खास जातियों और विचारधारा के चहेतों को मंत्रालयों में बैठाने का प्रबंध कर लिया है।
गौरतलब है की ये पहला मौका नहीं है इससे पहले मोदी सरकार लेटरल एंट्री के नाम पर विभिन्न मंत्रालयों में ज्वाइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेकेट्री व डायरेक्टर के पदों पर 2017 से 2023 के बीच लगभग 52 नियुक्तियां कर चुकी है कोई आरक्षण नहीं दिया गया। बिना परीक्षा सीधे “राजनैतिक सरपरस्ती” के चलते नियुक्ति मिल गई।
अब एक बार फिर से 45 पदों पर विज्ञापन आया है इसलिए ये कहा जा सकता है की इन पदों की अघोषित योग्यता ये है कि अभ्यर्थी संघ से जुड़ा हो और राजनैतिक तौर पर भाजपा की विचारधारा लिए काम करता हो।
OBC/SC/ST में जबरन क्रीमी लेयर खोजने वाले माननीय न्यायमूर्तियों और केंद्र सरकार से सवाल इन पदों पर इन वर्गों का तथाकथित क्रीमीलेयर कहां चला जाता है?
@BhimArmy_BEM और @AzadSamajParty इस संविधान विरोधी बैक डोर एंट्री का संसद से लेकर सड़क तक पुरजोर विरोध करेगी।
केंद्र सरकार कहती है कि डॉ. अंबेडकर के आरक्षण के साथ कोई छेड़खानी नहीं होगी, लेकिन हरियाणा की BJP सरकार सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण वर्गीकरण के फैसले को लागू करने जा रही हैं। साथियों, हमारे बहुत कम समय हैं। 21 अगस्त को आरक्षण को बचाने के लिए समाज को एकजुट करें। #21_अगस्त_भारत_बंद