7 साल से OBC को तारीख, बहाने और इंतज़ार!
@narendramodi@AmitShah@BJP4India@DrMohanYadav51@BJP4MP@GaneshSingh_in हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित है, तो अब देरी क्यों?
27% OBC आरक्षण के पक्ष में फैसला नहीं आया तो OBC समाज BJP का राजनीतिक बहिष्कार करेगा।
“EWS के बाद 50% आरक्षण की सीमा कोई अटूट दीवार नहीं रही—फिर OBC के 27% संवैधानिक अधिकार पर 50% की आड़ क्यों? अब OBC को भी उसका पूरा हक़ चाहिए! 🔥”
🔥 अब सिर्फ तारीख नहीं—27% आरक्षण पर फैसला चाहिए!
OBC का हक़ दो, वरना सड़कों पर संघर्ष होगा और वोट से जवाब मिलेगा! 🔥✊
अब बहाने नहीं—OBC को उसका 27% अधिकार चाहिए!
OBC एकता जिंदाबाद! 🔥
🚨 ओबीसी समाज की नजर अब हाई कोर्ट के फैसले पर है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।
@BJP4MP, @drmohanoffice51,
@narendramodi, @AmitShah, सभी
कान, आंख खोलकर सुन ले,
यदि फैसला ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों, 27% आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के अनुरूप नहीं आता, तो ओबीसी महासभा पूरे मध्य प्रदेश जनआंदोलन करेगी।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में विरोध-प्रदर्शन, धरना, ज्ञापन और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी बंद किया जाएगा।
सामाजिक न्याय हमारा अधिकार है, किसी की कृपा नहीं। 27% ओबीसी आरक्षण लागू करो।
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It was a pleasure to meet Ria Ahir. It is extremely inspiring and heartening to see the young girls of our country find the courage to write their own stories, to shape chapters of their growth without any reservation or inhibition, which the present government, its affiliated organisations and their rowdy supporters stand against.
I want to ask the government why were the young girls assaulted , beaten up, molested by the Delhi police ? Who is answerable for these atrocities? Why are the girls of India still being trolled , humiliated and threatned .These children have shown immense strength and courage but why is the govt intentionally letting this happen ? Does the government not have any respect for the women of the country?
किसी क्रम में सबसे ऊपर और सबसे नीचे में अगर भेद ख़त्म हो जाए तो बीच के क्रम का औचित्य ही ख़त्म हो जाएगा। अंतर्जातीय विवाह सामाजिक समानता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सोचो एक ही घर में एक ही छत के नीचे अलग जातियों के लोग परिवार बनकर एक साथ रहेंगे तो जातिवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। समाजिक सामंजस्य स्थापित होगा, जातीय द्वंद्व खत्म होगा।
@CMMadhyaPradesh का ये बहुत ही सराहनीय कदम है, देश में ऐसे सुधारवादी कार्यक्रम होने चाहिए।
"यूपी का हाल देख लीजिए, 21 पेपर लीक हुए हैं, 29 हज़ार प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं, लगभग 1 करोड़ बच्चे आज शिक्षा नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
देखिए प्रोपेगंडा कैसे काम करता है। मीडिया और आरक्षण विरोधी नेताओं ने यह नैरेटिव बनाया कि SC, ST और OBC छात्रों को प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में -40 मार्क्स पर एडमिशन मिलेगा। जबकि वास्तविकता यह है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस करोड़ों रुपये तक होती है और कुछ विशेष विषयों (specialty) की सीटें खाली रह जाती हैं, इसलिए क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में बदलाव किया गया।
NEET-PG 2023 में क्वालिफाइंग परसेंटाइल सभी श्रेणियों लिए घटाकर शून्य पर्सेंटाइल (-40) किया गया था, न कि किसी एक वर्ग के लिए।
लेकिन इसे इस तरह पेश किया गया जैसे यह फैसला केवल वंचित समाज के उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया हो। यही प्रोपेगंडा की ताकत है। आधे सच को बार-बार दोहराकर एक गलत धारणा बना देना।
वाह राहुल गांधी जी वाह!
नेता हो तो आपके जैसा जो हर कमियों से पर्दा उठाए न कि उसे ढक दे और आँख बंद करके अपने सहयोगी का समर्थन करे।
आज राहुल गांधी जी ने 5 घंटे पहले इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई जिसमें लिखा कि
Students, Gen Z ask me anything and I'll reply to as many questions
कुछ देर बाद झारखंड प्रोटेस्ट को लेकर राहुल गांधी के पास एक क्वेश्चन आता है जिसका उन्होंने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि
"हमारा एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह से Collapsed हो गया है और महंगा भी हमें इसे बदलना होगा और हर सरकार को एक्शन लेना चाहिए
चाहे वो कांग्रेस की सरकार हो या नेशनल सरकार हो या फिर झारखंड की सरकार हो सबको मिलकर इसे बदलना होगा।"
• जजों की नियुक्ति के लिए ऑल इंडिया ज्यूडिशियल सर्विस कमीशन बने।
• उच्च न्यायपालिका में आरक्षण हो, क्योंकि 85% आबादी की संख्या वाले पिछड़ों/दलितों का प्रतिनिधत्व आज न्यायपालिका में 1% भी नहीं है।
• कॉलेजियम सिस्टम को ख़त्म किया जाए।
- श्री @sanjuydv जी, सदस्य राज्यसभा
इसी स्याही से हम इंक़लाब लिख देंगे..
झारखंड के छात्र अभी भी साथ मिलकर लड़ रहे हैं एक बेहतर कल लिखने के लिए
जो लोग कभी छात्रों के मुद्दे और जीवन के बारे में जाने की कोशिश नहीं कर पाए उनको स्याही का काम कैसे पता होगा
UPSC में interview का खेल समझिए -
सिविल सर्विस परीक्षा 2020 के अंक -
• Name - Apala mishra
AIR - 9
Mains : 816 अंक
Interview : 215 अंक
Total Marks : 1031 अंक
★ Name - Ria Dabi
AIR - 15
Mains : 859 अंक
Interview: 162 अंक
Grand Total : 1021 अंक
दोनों के लिखित परीक्षा मार्क्स में 43 नंबर का अंतर था लेकिन अपाला मिश्रा को 53 अंक इंटरव्यू में ज्यादा देकर उसे टॉपर बना दिया गया।
अगर रिया डाबी को इंटरव्यू में Apala mishra के बराबर अंक मिल जाते तो AIR 1 रिया डाबी होती।
सामाजिक न्याय अधूरा है, जब तक 27% ओबीसी आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं होता।
मध्यप्रदेश के लाखों छात्र-युवा और अभ्यर्थी लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आशा है कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद इस लंबे इंतजार का सकारात्मक समाधान सामने आएगा।
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तुमने मुझे चमार कहा,
सोचा नीचा कर दोगे।
पर मैं तो इंसान हूँ भाई,
जाति से नहीं पहचाना जाती।
मेरा काम मेरी पहचान है,
मेरी मेहनत मेरी शान है।
तुम्हारी सोच पुरानी है,
रक्त एक सा बहता है,
माँस एक सा होता है।
जाति का नाम लेकर
तुम खुद को छोटा करते हो।
चमार हो या ब्राह्मण या बहुजन हो,
इंसानियत सबसे ऊपर है।
जो जाति को गाली बनाए,
वही असली नीच है।
आज की सबसे खूबसूरत तस्वीर जहां पर दो ऐसी ताकतवर नारी शक्ति बैठी हुई है, जिनके आगे सरकार को भी झुकना पड़ा था।
एक हैं डिंपल यादव जी
जिन्होंने स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान संसद से सड़क तक का संघर्ष किया था और सभी छात्रों की आवाज बनी थीं और उनका हक दिलवाया था।
दूसरी हैं रिया अहीर
जिन्होंने मुंबई प्रोटेस्ट के दौरान अपने उन 20 साथियों को छुड़ा लिया था जिन्हें पुलिस गिरफ्तार करके ले जा रही थी।
ऐसी तस्वीरें न सिर्फ खूबसूरत होती हैं बल्कि ये उन तमाम महिलाओं और लड़कियों को प्रेरित करती हैं जो डर की वजह से घर से निकली ही नहीं।
जजों की नियुक्ति में दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, समलैंगिकों … वंचित तबके को हिस्सेदारी न देने को स्पीकर विषय से बाहर है कहके माइक बंद कर देते हैं. बाक़ी लोकतंत्र टनाटन है.
ये 2020 UPSC का रिजल्ट है।
- OBC वर्ग से आने वाले शुभम कुमार ने टॉप किया था। उन्हें रिटेन में 878 मार्क्स आए लेकिन इंटरव्यू में केवल 176 नंबर दिया गया।
- पांचवे नंबर पर ममता यादव को रिटेन में 855 नंबर आए लेकिन उन्हें इंटरव्यू में केवल 187 नंबर दिए गए। जबकि 816 नंबर लाने वाली अल्पा मिश्रा को इंटरव्यू में सबसे अधिक 215 नंबर दिए गए हैं।
- रिटेन में 839 नंबर लाने वाली अंकिता जैन को इंटरव्यू में 212 नंबर दिए गए हैं।
हर साल UPSC के परिणाम में ऐसी ही तस्वीरें रहती है। इसीलिए, बात धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक की नहीं होनी चाहिए। भारत की शिक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बदलाव मांग रही है। रेवोल्यूशन से ही व्यवस्था में बैठे दुष्ट द्रोणाचार्यों का मनोबल टूटेगा।
27% ओबीसी आरक्षण केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सामाजिक न्याय की उस भावना का विस्तार है, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करना है।
मध्यप्रदेश में लाखों ओबीसी छात्र, युवा और अभ्यर्थी वर्षों से 27% आरक्षण के पूर्ण क्रियान्वयन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह मुद्दा केवल नौकरियों और प्रवेश का नहीं, बल्कि समान भागीदारी, प्रतिनिधित्व और न्याय का है। अब जबकि हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी है, प्रदेश के लाखों परिवारों की उम्मीदें न्यायपालिका की ओर टिकी हैं।
सामाजिक न्याय तभी सार्थक होगा, जब संवैधानिक अधिकार व्यवहार में भी पूरी तरह लागू हों। उम्मीद है कि ऐसा निर्णय आएगा जो समान अवसर, संवैधानिक मूल्यों और समाज के व्यापक हित को मजबूत करेगा।
27% ओबीसी आरक्षण – अधिकार भी, सम्मान भी और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी।
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#मध्यप्रदेश_सौ_फीसदी_वेतन_दो
“अगर आरक्षण इतना बुरा लगता है और उसे खत्म करना चाहते हैं, तो पहले खुद उससे मिलने वाले लाभ छोड़िए । जो सुविधा खुद ले रहे हैं, उसका विरोध क्यों नहीं करते ?"
#EWS_Reservation
एक आरक्षण वाले दलित ने झंडे गाड़ दिए हैँ,
मेरिट वालों, पुष्पक विमान वालों कहाँ हो,
आओ जल्दी से चूड़ी तोड़ो, मांग का सिंदूर पोछकर रुदाली गाओ,
आओ जल्दी सब,