यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है
चलो यहाँ से चले और उम्र भर के लिये
वो मुतमइन हैं कि पत्थर पिघल नहीं सकता
मैं बेक़रार हूँ आवाज़ में असर के लिये !!
#Favorite#DushyantKumar#Ekbarfir#sayemedhoop
कल चौदहवीं की रात थी
शब भर रहा चर्चा तेरा
कुछ ने कहा ये चाँद है
कुछ ने कहा, चेहरा तेरा
हम भी वहीं, मौजूद थे
हम से भी सब पुछा किए
हम हँस दिए, हम चुप रहे
मंज़ूर था परदा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी....
#fullmoon#Moon
प्रेम ऐसा करो कि चारलोग तुम्हारी तारीफ करें😺
Ex boyfriend आपको समझे ना समझे परंतु ex friends आपको खूब समझते हैं। ये लाइंस अभी की पसंदीदा हैं आगे की लाइन नहीं लग पाई, मेरी दोस्त की लेखनी को महसूस कर सकते हैं, खुद को इन पंक्तियों में पाया है हमने...her feeling ❣️
#LoveStory#luv
मुझसे पहली सी मोहब्बत मिरी महबूब न माँग
मैं ने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ है हयात
तेरा ग़म है तो ग़म-ए-दहर का झगड़ा क्या है
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
तू जो मिल जाए तो तक़दीर निगूँ हो जाए