सरकारें आएंगी, जाएंगी
पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी
मगर ये देश रहना चाहिए।
भारत रत्न से अलंकृत श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
स्वर्गीय दादाजी श्री हरिसिंह जी पंवार की 52वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके श्रीचरणों में विनम्र नमन करते हुए संकल्प लेता हूं कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज, किसान और राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान देता रहूंगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
स्वर्गीय दादाजी श्री हरिसिंह जी पंवार की 52वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
स्वर्गीय हरिसिंह जी पंवार भारतीय जनसंघ और आगे चलकर भाजपा की वैचारिक नींव को मजबूत करने वाले उन कर्मयोगी नेताओं में से थे, जिन्होंने संगठन को गांव-गांव तक पहुँचाने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।1/2
आज भारतीय जनता पार्टी जिस विशाल वटवृक्ष के रूप में देश में स्थापित है, उसकी जड़ों में ऐसे ही अनगिनत कर्मयोगियों का त्याग और परिश्रम समाहित है।
उनकी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने सत्ता या पद की अपेक्षा किए बिना राष्ट्र और समाज सेवा को सर्वोपरि माना। उनका मानना था कि मजबूत संगठन ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है, और इसी भावना के साथ उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया।
इस कविता ने उस समय किसानों में आत्मविश्वास और अधिकार चेतना का संचार किया, जिससे जनसंघ के प्रति किसानों का विश्वास और समर्थन बढ़ा।
उनका जीवन त्याग, तपस्या और संगठन निष्ठा का अद्भुत उदाहरण था।
किसानों की पीड़ा, उनकी मेहनत और उनके अधिकारों की आवाज़ को उन्होंने अपनी रचनाओं में प्रमुख स्थान दिया। उनकी प्रसिद्ध कविता “जागो जागो रे किसान, निंदिया त्यागो रे किसान” केवल शब्दों का समूह नहीं थी, बल्कि किसान समाज को जागृत करने का आह्वान थी।
धार-झाबुआ-अलीराजपुर क्षेत्र में जनसंघ के संगठन मंत्री के रूप में उनका कार्य केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण का अभियान था।
वे एक ओजस्वी कवि और प्रभावशाली जननेता भी थे। वे अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में चेतना जगाने का कार्य करते थे।
तप्तकांचन गौरांगी राधे वृंदावनेश्वरी
वृषभानूसूते देवी त्वाम् नमामि कृष्णप्रिये।
ब्रज की लाडली, वृषभानु दुलारी राधा रानी जी के जन्मोत्सव श्री राधा अष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
श्री राधा रानी आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सम्पन्नता लाएं।
#राधाष्टमी
प्रीतेशसिंह पंवार
भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा के शुभारंभ की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी, भगवान बलभद्र और देवी माँ सुभद्रा की कृपा सभी पर अनवरत बरसती रहे।
हर घर-आंगन सुख, समृद्धि, खुशहाली व आनंद से भरा रहे।
सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हो।
पिता के नाम मेरी पाती ( चिट्ठियां )
देखो ना पापा आज बहुत याद आ रही है आपकी कई दिन हो गए आपसे बात करें आपके पास बैठे वो मधुर सी आवाज जिसको सुनकर मेरे अंदर हमेशा की तरह नई ऊर्जा का संचार हो जाया करता था।
क्रमशः
जो अनुभूतियां, अनुभव आपके मन में रह गए मुझे बता नहीं पाए और फिर एक दिन ईश्वर द्वारा छीनी गई कई वर्षों की आपकी वाणी और फिर आप ईश्वर में समाहित हो गए।
अब बची हुई पाती फिर कभी अश्रु धारा बहने लगी जिससे धुंधला रही आंखें और लिख नहीं पा रहा।
मेरे साथ थे ये तस्वीर हमेशा के लिए सहेजी रहेगी।
आपके बिछोह की पीड़ा तो बहुत है मगर आपकी कई मधुर स्मृतियों ने हमारे जीवन को महका रखा है।
काश कोई मुझे ऐसा डाकिया मिल जाए और मेरी लिखी सारी चिट्ठियां आप तक पहुंचा दे और आपके सारे जवाब मुझ तक लेकर आ जाए
आपकी आवाज नहीं होती तब पुनः मन विक्षोभ से भर जाता।
आपके साथ खींची है तस्वीरें आज भी मोबाइल के कमरे में सहेज कर रखी है जो आपके होने का अहसास कराती है आपके साथ खींची वो आखिरी सेल्फी मालूम नहीं था कि वो आपके साथ खींची आखिरी तस्वीर होगी जिसमें आप
और इसी बहाने आपसे होती मुलाकात और फिर आप भी मेरी चिट्ठियों का निश्चित ही जवाब देते।
चाहता हूं एकांत में बैठे रहूं और कई देर तक आपसे संवाद करूं, हां आज भी आपका नंबर मेरे मोबाइल में आप ही के नाम संरक्षित है, जब भी घर से कॉल आता है मन प्रफुल्लित हो जाता की आपका कॉल आया पर दूसरी और
मेरे भीतर मेरी धमनियों ने बहता आपका रक्त मुझे आपके होने का हर पल एहसास कराता है पर आपका नहीं दिखना बहुत खलता है।
काश कोई ऐसा डाकिया होता कि मैं चिट्ठियां लिखता और आप तक मेरी चिट्ठियां पहुंचा देता, तो फिर अपने मन की वेदना बताना बहुत आसान हो जाता पहुंच जाते आप तक हमारे हालात जज्बात
आज बैठा और सोचा कि कुछ पल आपसे बात की जाए पर आप कहीं दिखाई नहीं दिए फिर अपने अंदर अपने हृदय को टटोला आपका वास हमेशा की तरह वही है मेरे हृदय में चिरस्थाई रहेगा जब तक कि मैं सांस लेता रहूंगा।