थाने में अमित शाह की फोटो देखकर राहुल जी ने पूछा
“आपके इन-चार्ज अमित शाह जी हैं?
क्या डिपार्टमेंट को अमित शाह चलाते हैं?
तो वहाँ फोटो क्यों लगा रखा है?”
🍿🍿
क्या चाहिए देश की लड़कियों को? बराबरी, सुरक्षा, अवसर ���र अपनी बात कहने की आज़ादी।
उन्हें मिला क्या है? असुरक्षा, भेदभाव और अपने असली अधिकारों के लिए बस इंतज़ार।
अब और नहीं। 22 अगस्त | पुणे | छात्रों की गूंज
आंदोलन से जुड़ें - अभी रजिस्टर करें।
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उत्तराखंड में एक बहादुर बेटी ने CM पुष्कर सिंह धामी के सामने खड़े होकर BJP सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी।
बच्ची ने बताया 👇
मैंने ताईक्वांडो में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन मैं इंटरनेशनल खेलने नहीं जा सकी, क्योंकि मुझसे 1.5 लाख रुपए की घूस मांगी गई।
CM धामी ने ये सुनते ही बच्ची से कहा- "अच्छा, बैठ जाओ.. कोई बात नहीं"
इसके बाद इस कार्यक्रम का Live सरकार के हर प्लेटफॉर्म से डिलीट कर दिया गया, इसमें CM और BJP का सोशल मीडिया शामिल है।
BJP सरकार में घूसखोरी और घपलेबाजी युवाओं के सपनों को रौंद रही है।
और शिकायत करने पर खुद मुख्यमंत्री इस भ्रष्टाचार को दबाने में लगे हैं।
शर्म आनी चाहिए!
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई।
जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है�� दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। #Bihar
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर ख���़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद ���रो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।