90 दिन बाद लैपटॉप के बैग से निकला रहस्यमयी पुर्जा! लैपटॉप तो पहले ही दिन चेक कर लिया था, बैग देखना अब याद आया!
कल जज साहब पूछ बैठे कि सबूत क्या है कि बैग उसी का था, पुर्जा उसी ने रखा था और इन 90 दिनों में कोई साजिश नहीं हुई? तो जवाब में क्या मिलेगा—सबूत या एक और बंद लिफाफा?
CID कोर्ट में बंद लिफाफा देती है और इधर मीडिया में चुटकुलों की बरसात हो रही है!
अब सवाल तो बनता है—जब बात इतनी पक्की है, तो CID अपनी ही जाँच की बातें लीक होने से कैसे नहीं रोक पा रही?
क्या अंत में यह भी मीडिया की गपशप और सनसनीखेज कहानी ही साबित होगी? यह देखना बड़ा मजेदार होगा!
आगे की मजेदार गुत्थी के लिए बने रहिए... क्योंकि कहानी में पुर्जा छोटा है, लेकिन सवाल बहुत बड़े हैं!
नोट: पहले भी CID जाँच को प्रभावित करने के उद्देश्य से कथित फर्जी व छेड़छाड़ वाले दस्तावेज मीडिया में फैलाने के आरोप लगे हैं। अधिवक्ता एस. आर. सोरेन द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत ITI company के पत्र के भी AI से बने होने का दावा सामने आया था।
#गुत्थी #JPSC #CID #Jharkhand
@BJP4Jharkhand इन्हीं युवाओं की डर से डरी मोदी सरकार और किया दिल्ली की कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन को बंद साथ ही लोगों का डराने के लिए उन्हें भेजा जेल किया मुकदमा। जैसा केंद्र करता है हेमंत सरकार कॉपी करती है। भ्रष्ट तो दोनों है और डरा हुआ भी दोनों है।
@BJP4India पहले खुद के गिरेबान में छांके।
सबने इतिहास की किताबों में पढ़ा था कि देश में कभी आपातकाल लगा था!
लेकिन आज #BJP सरकार ने दिल्ली में ऐसे हालात दिखा दिए कि लोगों को आपातकाल का मतलब फिर से याद आने लगा।
लोकतंत्र की असली ताकत सत्ता में नहीं, बल्कि नागरिकों की आवाज़, असहमति के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में होती है।
याद रखिए लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं नागरिकों का अधिकार है।
लोकतंत्र सिर्फ चुनाव कराने से नहीं, बल्कि असहमति को सम्मान देने से मजबूत होता है। 🇮🇳
@BJP4Jharkhand@yourBabulal@JmmJharkhand@HemantSorenJMM
#exposebjp
🚨कुणाल के आरोपों पर सवाल: हबीबा के आंदोलन से परेशानी आखिर क्यों?🚨
जब हबीबा JMM सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन में अनशन पर बैठी थीं, तब उनके आंदोलन पर कुणाल को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन जैसे ही हबीबा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे आंदोलन से जुड़ीं, उनके खिलाफ सवाल और आरोप उठने लगे।
आखिर यह दोहरा रवैया क्यों?
कहीं ऐसा तो नहीं कि हबीबा ने ज्ञानेश का इस्तिफा मांगा और दर्द बीजेपी के दलाल को हो गया।
या
फिर किसी और को नेता बनते देख बदनाम कर साइड करने का काम किया जा रहा है, जैसे #राजेश_प्रसाद को किया गया है।
ये सारे के सारे #टूलकिट का काम कर सिर्फ और सिर्फ @JmmJharkhand को गिराने पर तुले हैं, लेकिन इनके मनसूबे कभी कामयाब नहीं हो पाएगा।
@JPSCreformanch@HemantSorenJMM@pravinm53747916@Sajjad_Jmm@BJP4Jharkhand
#Habiba #StudentMovement #Jharkhand
राजनीति में बहुत मजा आता है, अभी दिल्ली में क्या हुआ सब भूल गया। बिहार में क्या हो रहा है सब भूल जाता है लेकिन जब अपने फायदे की बात आती है अचानक से छात्रहित याद आजाता है
SSC, RAILWAY में दो डिजिट में वैकैंसी आ रही है उसपर मुंह नहीं खुलता JPSC रिफॉर्म मंच के नेताओं को🤐
विचित्र स्थिति है! प्रशिक्षणरत प्रशिक्षु अपने 8 महीने से लंबित वेतन भुगतान को लेकर माननीय मंत्री से मिलते हैं, ताकि आगामी कैबिनेट में उनके हक की बात रखी जा सके, तो कुछ लोगों को इसमें भी परेशानी होने लगती है!
जब माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश पर रोक लगा रखी है, तो किए गए कार्य के बदले लंबित वेतन माँगना उनका जायज अधिकार है। सरकार का अंग होने के नाते वे अपनी समस्याओं को लेकर माननीय मंत्री या विधायक से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं।
दिन-रात फ्री के वकील बनकर कानून का ज्ञान बाँटने वालों को इतना भी Natural Justice समझ नहीं आता कि अपने किए गए काम के बदले वेतन माँगना और लंबित भुगतान के लिए सरकार के समक्ष अपनी बात रखना भी एक अधिकार है।
#JSSCCGL #JPSC #JHARKHAND
@HemantSorenJMM@TheBaratMitra@IrfanAnsariMLA@JPSCreformanch@SACHNAMA_
क्या IG कारा, पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव और कार्मिक सचिव ऐसे लोगों से इतनी सहजता से मुलाकात करते हैं, जिनके खिलाफ महिला की गरिमा भंग करने के मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और पुलिस न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत कर चुकी है?
क्या पुलिस महानिदेशक और IG कारा की भूमिका सिर्फ ज्ञापन स्वीकार करने और सरकारी चाय पर चर्चा करने तक सीमित है? क्या ऐसे गंभीर मामलों में लंबित कानूनी कार्रवाई की स्थिति की समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी नहीं है?
महिला सम्मान केवल भाषणों का विषय नहीं, प्रशासन की संवेदनशीलता और कानूनसम्मत कार्रवाई में भी दिखना चाहिए।
@HemantSorenJMM@yourBabulal@dasraghubar@nishikant_dubey@IrfanAnsariMLA@MithileshJMM@JharkhandCMO@JharkhandPolice@MahasanghPolice
एक खबर के मुताबिक JPSC REFORM मंच के नेताओं ने एक महिला के साथ अभद्रता और मारपीट करने के साथ साथ कपड़े उतारने और बदसुलूकी करने का आरोप है😮, भीड़ में कुछ भी हो सकता है ?
भीड़तंत्र अब लोकतंत्र को शर्मिंदा करने के लिए उतारू है🙄।
अब रिफॉर्म मंच के नेताओं ने ऐसा माहौल बनाया है कि अगर कोई गलती से एक निर्दोष नौकरी वाला व्यक्ति दिख जाए तो ये भीड़ उसके साथ क्या क्या करेगी सोच से परे है ।
@JmmJharkhand@VinodPandeyJMM@news11bharat@IrfanAnsariMLA
The law is clear! ⚖️
In Vanshika Yadav v. Union of India (NEET-UG 2024), the Supreme Court held that an entire examination cannot be cancelled merely because some candidates committed fraud.
Tainted candidates must be separated from innocent candidates wherever possible. Honest students must not suffer for others' wrongdoing.
📚 Vanshika Yadav v. Union of India (2024) 9 SCC 743.
सिर्फ मीठा वाला भाग खाते हो, जरा सच का कड़वा घुट भी पी लो। सेग्रीगेशन संभव है
@JOHAR_122_1 यहां कौन सा जांच करके बताया गया कि mass bungling हुआ है? in-depth inquiry 😄😄
Pressure group का कमाल था। राजनीति में गलती हो जाती है, न्यायालय में नहीं होता
@WarriorSahab@SACHNAMA_@gutthi_org Ye jaahil coaching mafia ko nhi pata ki unki maang kitna jyada unjust aur unfair hai..waise to selected hi jeetenge..lekin agar galti se bhi kuch log ki wajah se sbko saja de di jati to 50-100 to pakka galat kadam utha lenge..aur pta nhi kitno ke parivar ujad jaenge