जब पंचायत सहायकों की आवाज़ हर तरफ से उठ रही है, तो सरकार की चुप्पी क्यों? 🚨
🔥 नेता आवाज़ उठा रहे हैं… मीडिया सवाल उठा रहा है… संगठन लगातार संघर्ष कर रहे हैं… पंचायत सहायक सड़कों पर हैं… फिर भी शासन स्तर से कोई ठोस जवाब क्यों नहीं?
आखिर पंचायत सहायकों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने में सरकार को क्या आपत्ति है?
पंचायत सहायक लगातार अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
ज्ञापन दिए गए, प्रदर्शन हुए, अभियान चलाए गए और लगातार शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज़ पहुंचाई गई।
आज तमाम राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और मीडिया साथी भी यह सवाल उठा रहे हैं कि पंचायत सहायकों को उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए।
तो फिर सवाल सरकार से है—
❓ जब मांग जायज़ है, आवाज़ लगातार उठ रही है, जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, तो फैसला कब होगा?
❓ पंचायत सहायकों को उनके अधिकार और सम्मान का जवाब कब मिलेगा?
अब चुप रहने का समय नहीं है।
हर पंचायत सहायक अपनी आवाज़ को शासन तक पहुंचाए।
🔥 14 सितंबर 2026 | सुबह 11 बजे से
🔥 15 सितंबर 2026 | शाम 5 बजे तक
🔥 ट्विटर (X) पर महाअभियान
📢 हर साथी ट्वीट करे।
📢 ज्यादा से ज्यादा साथियों को जोड़े।
📢 जनप्रतिनिधियों, नेताओं और मीडिया को टैग करे।
📢 अपनी मेहनत, जिम्मेदारियों और जायज़ मांगों की आवाज़ बुलंद करे।
सरकार तक एक ही सवाल पहुंचना चाहिए—
“पंचायत सहायकों की मेहनत दिख रही है, उनकी जिम्मेदारियां दिख रही हैं, उनकी आवाज़ दिख रही है… फिर उनकी मांगें क्यों नहीं दिख रही?”
✊ अबकी बार आवाज़ हर पंचायत सहायक की होगी।
✊ एकता हमारी ताकत है, संघर्ष हमारा अधिकार है।
14–15 सितंबर को ट्विटर पर इतिहास रचने के लिए तैयार रहें।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#पंचायत_सहायक
#पंचायत_सहायक_कल्याण_समिति
जब पंचायत सहायकों की आवाज़ हर तरफ से उठ रही है, तो सरकार की चुप्पी क्यों? 🚨
🔥 नेता आवाज़ उठा रहे हैं… मीडिया सवाल उठा रहा है… संगठन लगातार संघर्ष कर रहे हैं… पंचायत सहायक सड़कों पर हैं… फिर भी शासन स्तर से कोई ठोस जवाब क्यों नहीं?
आखिर पंचायत सहायकों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने में सरकार को क्या आपत्ति है?
पंचायत सहायक लगातार अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
ज्ञापन दिए गए, प्रदर्शन हुए, अभियान चलाए गए और लगातार शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज़ पहुंचाई गई।
आज तमाम राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और मीडिया साथी भी यह सवाल उठा रहे हैं कि पंचायत सहायकों को उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए।
तो फिर सवाल सरकार से है—
❓ जब मांग जायज़ है, आवाज़ लगातार उठ रही है, जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, तो फैसला कब होगा?
❓ पंचायत सहायकों को उनके अधिकार और सम्मान का जवाब कब मिलेगा?
अब चुप रहने का समय नहीं है।
हर पंचायत सहायक अपनी आवाज़ को शासन तक पहुंचाए।
🔥 14 सितंबर 2026 | सुबह 11 बजे से
🔥 15 सितंबर 2026 | शाम 5 बजे तक
🔥 ट्विटर (X) पर महाअभियान
📢 हर साथी ट्वीट करे।
📢 ज्यादा से ज्यादा साथियों को जोड़े।
📢 जनप्रतिनिधियों, नेताओं और मीडिया को टैग करे।
📢 अपनी मेहनत, जिम्मेदारियों और जायज़ मांगों की आवाज़ बुलंद करे।
सरकार तक एक ही सवाल पहुंचना चाहिए—
“पंचायत सहायकों की मेहनत दिख रही है, उनकी जिम्मेदारियां दिख रही हैं, उनकी आवाज़ दिख रही है… फिर उनकी मांगें क्यों नहीं दिख रही?”
✊ अबकी बार आवाज़ हर पंचायत सहायक की होगी।
✊ एकता हमारी ताकत है, संघर्ष हमारा अधिकार है।
14–15 सितंबर को ट्विटर पर इतिहास रचने के लिए तैयार रहें।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
#पंचायत_सहायक
#पंचायत_सहायक_कल्याण_समिति
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रदेशभर के पंचायत सहायकों की मांग है कि 6 हजार रुपये के मौजूदा मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू की जाए।
गांवों में सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पंचायत सहायक कल्याण समिति - पंचायत सहायकों की जायज मांगों का न केवल समर्थन करती है, बल्कि उन्हें पूर्ण होने तक साथियों के हक लिए हमेशा तत्पर रहेगा।
@UPGovt से हमारी मांग है कि पंचायत सहायकों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। मेहनत करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
#PanchayatSahayak
#psks_up
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रदेशभर के पंचायत सहायकों की मांग है कि 6 हजार रुपये के मौजूदा मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया जाए, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू की जाए।
गांवों में सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पंचायत सहायक कल्याण समिति - पंचायत सहायकों की जायज मांगों का न केवल समर्थन करती है, बल्कि उन्हें पूर्ण होने तक साथियों के हक लिए हमेशा तत्पर रहेगा।
@UPGovt से हमारी मांग है कि पंचायत सहायकों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। मेहनत करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय और सेवा सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
#PanchayatSahayak
#psks_up
यूपी: पंचायत सहायकों का
तनख्वाह को लेकर विरोध प्रदर्शन
Uttar Pradesh, Lucknow: पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से पंचायत सहायक लखनऊ पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने मानदेय बढ़ाने, संविदा व्यवस्था खत्म करने और स्थायी सेवा नियमावली लागू करने समेत कई मांगें उठाईं. पंचायत सहायकों की मांग है कि इनकी सैलरी 6 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 30 हज़ार किया जाए.
UP News | Uttar Pradesh | #UPNews
📢 10–11 अगस्त | पंचायत सहायकों का महासंग्राम 📢
⚡ विशाल धरना प्रदर्शन से पहले एक बार फिर बुलंद होगी पंचायत सहायकों की आवाज़!
✊ अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए!
हमारी प्रमुख मांगें—
🔹 ₹18,000–₹25,000 वेतनमान निर्धारित किया जाए।
🔹 स्थायीकरण एवं सेवा नियमावली लागू की जाए।
🔹 महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण/समायोजन की व्यवस्था हो।
🔹 भर्ती में वरीयता एवं उचित आरक्षण दिया जाए।
🔹 आवश्यक संसाधन एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
📅 10 एवं 11 अगस्त 2026
🐦 ट्विटर/X महासंग्राम
⚠️ मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो पंचायत सहायक पूर्ण कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरने के लिए बाध्य होंगे।
🔥 अबकी बार—निर्णायक संघर्ष!
✊ एक आवाज़ नहीं, हजारों पंचायत सहायकों की आवाज़!
#पंचायत_सहायको_को_न्यूनतम_वेतनमान_दो
#पंचायत_सहायको_की_मांग_पूरी_करो
@PSKS_UP
एकता • संघर्ष • अधिकार ✊🔥
📢 समस्त सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं पंचायत सहायक साथियों से महत्वपूर्ण अपील
सबसे पहले उन सभी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स एवं डिजिटल साथियों का पंचायत सहायक कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश की ओर से हृदय से आभार एवं शुभकामनाएँ, जो पंचायत सहायकों की समस्याओं, मांगों एवं अधिकारों की आवाज़ को लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।
आप सभी का सहयोग इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
🙏 एक महत्वपूर्ण अनुरोध
सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज़, लाइक या फॉलोअर्स प्राप्त करने के उद्देश्य से कृपया पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर भ्रामक अथवा अलग-अलग वेतनमान (₹12,000+, ₹18,000, ₹27,000, ₹36,000 आदि) का उल्लेख करने वाली पोस्ट या वीडियो साझा न करें।
ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित सामग्री शासन एवं विभागीय अधिकारियों तक भी पहुँचती है। यदि हमारी मांगें अलग-अलग रूप में प्रस्तुत होंगी, तो इससे पंचायत सहायकों की एकजुट आवाज़ कमजोर हो सकती है।
✅ समिति की अधिकृत वेतनमान संबंधी मांग
*"पंचायत सहायकों का ₹18,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतनमान निर्धारित करते हुए वेतन का भुगतान राज्य कोषागार अथवा अन्य नियमित व्यवस्था से सुनिश्चित किया जाए।"*
कृपया पंचायत सहायकों की मांगों से संबंधित प्रत्येक पोस्ट, वीडियो, रील या अभियान में इसी अधिकृत मांग का उल्लेख करें।
📲 पोस्ट करते समय समिति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को अवश्य टैग/मेंशन करें
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❌ महत्वपूर्ण सूचना
उपरोक्त के अतिरिक्त इन प्लेटफ़ॉर्म पर समिति का कोई अन्य आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। किसी अन्य पेज या अकाउंट को समिति का आधिकारिक अकाउंट मानकर प्रचार-प्रसार न करें।
🤝 आइए, एक आवाज़ – एक मांग – एक संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
*संगठित रहेंगे, तो संघर्ष मजबूत होगा। एकजुट रहेंगे, तो सफलता निश्चित होगी।**
पंचायत सहायक कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश
पंचायत सहायक संघ, उत्तर प्रदेश
#पंचायत_सहायक #panchayatsahayak