Promoting Equality & Justice following the path laid by Great ancestor Rana Punja Ji Solanki (18th desc.); Preserving 500 yrs old Legacy of Panarwa (24th gen.)
चालुक्यों ने कैसे पाया पाटन ? - डाँ. श्रीकृष्ण जुगनू।
राजाधिराज मूलराज सोलंकी का ताम्रपत्र 1995 ई. सत्यपुर सांचौर क्षेत्र वरणक बालेरा गांव का।
ताम्रपत्र का एतिहासिक अध्यक्ष
#chalukya#gujrat#solanki
कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने की अनुकरणीय पहल...
आदिवासी- राजपूत एकता का परिचायक बनते हुए पानरवा रियासत से ताल्लुक रखने वाले राणा पूंजा सोलंकी का पैनोरमा बनवाने का आश्वासन दिया व असामाजिक तत्वों को चेताया...
@PSPanarwa@mreenasingh
पानरवा के राणा पूंजा जी सोलंकी के परिवार के सदस्य होने के नाते मेरे लिए बड़े गर्व और प्रसन्नता की बात है कि मुझे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के मूर्ति अनावरण समारोह में आतिथ्य स्वीकार करने का सुअवसर मिला है।
आप सब भी कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पधारें ।
The majority inscriptions of Pratap's reign addressed him with the following title:
"महाराजाधिराज-महाराणा-श्री-प्रतापसिंघ"
Many of these inscriptions begins with the standard phrase: "श्री रामोजयति", i.e., Victory to the illustrious Rāma.
#Maharanapratap#महाराणा_प्रताप_जयंती
The family of Rana Punja has written letters to PM and CM regarding distortion of history and changing identity of Rana Punja as a Bhil for political gains by some politicians in Rajasthan and parts of North India. Here's the story: https://t.co/PTpLdJTZX6
Paying homage to Rana Punja Solanki, the commander of Maharana Pratap who led the fierce Bhil warriors in the battles against Mughals. He was the king of the Panarwa state near Mewar.
राजस्थान - गुजरात बॉर्डर से सटे अरावली के बीच बसे राणा पूंजा सोलंकी जी की जन्मस्थली पानरवा वन इलाके की है । कलकल बहती ये नदी वाकल है । इसमें आसपास इलाको ( झाड़ोल , गोगुन्दा , ओगना आदि ) से कई नदिया आकर मिलती है और मानसून में ये विकराल रूप ले लेती है । 1/2
राजघरानों में पुनः जागती जन आस्था;
न्याय व उचित फैसले की आस में आए परिवादियों की सौभाग्यपूर्वक उपस्थिति दर्ज करवा आज पानरवा रावले के बाहर बने सामुदायिक भवन में 'जन सभा' द्वारा शांति-सौहार्द व मर्यादित रूप से एक बड़े पारिवारिक विवाद को सुलझाया गया।
जय क्षात्र धर्म
जय संघ शक्ति 🙏
कन्नौजपति महाराजा जयचंद एवं महाराणा प्रताप के सहयोगी राणा पुंजा सोलंकी जैसे ऐतिहासिक नायकों के बारे में फैलाई गयी मिथ्या धारणाओं को निरुत्साहित करने एवं उनकी मूल पहचान को पुनः स्थापित करने के संदर्भ में... 1/3
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