Vice President @INCJammuKashmir ||Ex State President @IYCJammuKashmir ||Ex President @ituc-Asia Pacific Youth Committee ||MemberAICC ||Tweets are Personal ||
NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।
उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।
उनका एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है।
और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है।
टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और Experts के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी।
हम और बच्चे नहीं खो सकते। और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते।
जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे - पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे।
क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी।
और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।
अब जब छात्र, NSUI और INC के कार्यकर्ता न्याय की आवाज़ उठा रहे हैं - BJP की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियाँ बरसा रही हैं।
जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं - डर से चलती है।
पर हम डरने वाले नहीं हैं।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मज़बूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।
The people of Keralam fought for this government. Their voice will guide it.
Warm congratulations to V.D. Satheesan ji and the entire cabinet, who will now represent the voice of every Keralite.
Thanks to K.C. Venugopal ji, who led this campaign from the frontlines.
This victory belongs to every UDF worker and digital warrior who sacrificed tirelessly during this campaign.
The work begins now.
“अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।”
लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया।
गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी।
ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है।
यह आत्महत्या नहीं - यह सिस्टम द्वारा हत्या है।
आंकड़े देखिए:
2015 से 2026 तक - 148 परीक्षा घोटाले।
87 परीक्षाएँ रद्द, 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित।
148 घोटालों में सज़ा हुई - सिर्फ़ 1 को।
CBI ने 17 मामले लिए, ED ने 11 - किसी को सज़ा नहीं।
NEET, AIPMT और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले।
और सबसे शर्मनाक बात:
इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हुआ। हटाए जाते हैं - फिर चुपके से बड़े पद पर बैठा दिए जाते हैं। चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है, और परीक्षा देने वाले बच्चे जान गँवाते हैं।
मोदी जी - कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए?
मेरे युवा साथियों, आपका दर्द मेरा दर्द है। आपकी मेहनत मेरी मेहनत है। आपका भविष्य चुराने वालों को जवाब देना ही होगा। चाहे जितना वक्त लगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा - ये मेरा वादा है।
यह लड़ाई हम साथ लड़ेंगे - और जीतेंगे भी।
मैंने संसद में कहा कि मोदी सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है - माइक बंद कर दिया गया।
मैंने मोदी जी का नाम एपस्टीन फ़ाइल में होने का जैसे ही ज़िक्र किया - माइक बंद कर दिया गया।
मैंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़े सवाल उठाए - माइक बंद कर दिया गया।
मैंने उनकी बेटी की कंपनी में सोरोस के पैसे लगे होने पर बात करने की कोशिश की - माइक बंद कर दिया गया।
सौ बातों की एक बात, जो दबाए न दबेगी - नरेंदर सरेंडर हो गया है।
अमेरिका के न्याय विभाग के पास एपस्टीन से जुड़ी फाइलें हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। अडानी का केस चल रहा है, उसमें समन आए हैं। सरकार ने 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है। प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। प्रधानमंत्री ने डेटा, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और किसानों के मामले में जो किया है, बिना दबाव के कोई भी प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेगा।
~ राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
हमारा संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है - यही हमारी आवाज़ है, हमारे अधिकारों का सुरक्षा-कवच।
इसी की मज़बूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है जो समानता और सौहार्द से ही सशक्त होगा।
संविधान की रक्षा ही, भारतीय गणतंत्र की रक्षा है - हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
जय हिंद! जय संविधान! 🇮🇳
77वें गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge का राष्ट्र के नाम संदेश-
मेरे प्यारे देशवासियों,
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।
भारतीय संविधान को अपनाए हुए 77वें साल में हम प्रवेश कर रहे हैं। संविधान भारतीय गणतंत्र की आत्मा है।
हम महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आज़ाद, सरोजिनी नायडू, बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर और अनगिनत अन्य नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं, जिनके अटूट समर्पण से भारतीय गणतंत्र को आकार मिला।
हम संविधान सभा के सभी सदस्यों का स्मरण करते हुए उनके असाधारण ज्ञान और दूरदर्शिता के प्रति विनीत हैं, जिन्होंने एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ तैयार किया, जो विविधता में एकता के साथ हमारी आकांक्षाओं और सामूहिक इच्छा का प्रतीक है।
हम अपनी सेना, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के हर सदस्य को दिल से सलाम करते हैं, जिनका अनुकरणीय साहस और बलिदान राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की सतत रक्षा करता है।
हम अपने वैज्ञानिकों और शिक्षकों के भी उतने ही आभारी हैं, जिनका राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान भारत की प्रगति को मजबूत करता है और ज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में हमारी स्थिति मजबूत करता है।
हम अपने अन्नदाता किसानों के ऋणी हैं, जो श्रम से राष्ट्र का पेट भरते हैं और हर थाली तक भोजन पहुंचाते हैं। हम करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों और गिग वर्कर्स के प्रति भी अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके अथक हाथों से भारत ईंट दर ईंट खड़ा होते हुए आगे बढ़ रहा है। हम अपने कलाकारों, लेखकों और खिलाड़ियों की भी सराहना करते हैं।
आज, करोड़ों मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उनकी आजीविका छीनी जा रही है। जमीनी स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। वर्षों की मेहनत से बनाया गया अधिकार-आधारित सामाजिक कल्याण मॉडल तुगलकी फरमानों से खत्म किया जा रहा है।
आज संस्थागत गिरावट चरम पर है। वोट देने का अधिकार, जो लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है, उसे ध्वस्त किया जा रहा है। नागरिक अधिकार कुचला जा रहा है। संघीय ढांचे पर यह सरकार प्रहार कर रही है। "डबल इंजन" की सरकार विपक्ष शासित राज्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए सभी संभव षडयंत्र रच रही है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं और जो खाना हम खाते हैं - वे सभी भ्रष्टाचार के कारण प्रदूषित हो गए हैं।
हमारी भावी पीढ़ियां इस भ्रष्टाचार की कीमत चुका रही हैं। देश के कई हिस्सों में पुल गिर रहे हैं। नई बनीं सड़कें टूट रही हैं, पानी की टंकी उद्घाटन के पहले ही गिर रही है। "स्मार्ट" बनने के बजाय, हमारे शहर आम नागरिकों, खासकर सीनियर सिटीजन, बच्चों और दिव्यांगजनों के रहने लायक नहीं रह गए हैं।
स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है। हमारा स्वास्थ्य का ढांचा किफायती नहीं रहा। CAG ने पाया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 41% कार्ड फर्जी थे और 34% की जांच चल रही थी।
आज बेरोजगारी अपने चरम पर है और युवाओं को नौकरी देने के बजाय प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 94% तक भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खुलासा CAG की रिपोर्ट में हुआ है। आर्थिक असमानता खतरनाक हद तक पहुंच गई है। चंद चहेते अरबपति दोस्तों को देश के कीमती संसाधन सौंपे जा रहे हैं, जबकि छोटे और मध्यम कारोबारी परेशान हैं।
पिछले एक दशक में धार्मिक कट्टरपंथ पर आधारित एक कड़वे और विभाजनकारी एजेंडे ने हमारे देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ दिया है। हमारे सबसे कमजोर समूह, जिनमें SC, ST, महिलाएं, हाशिए पर पड़े लोग और अल्पसंख्यक शामिल हैं, उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उनके खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाओं को सरकार नजरअंदाज कर रही है।
स्वतंत्रता सेनानियों के धर्मनिरपेक्ष आदर्शों और सिद्धांतों के प्रति समर्पित नागरिकों को महसूस हो रहा है कि उन्हें सुनियोजित प्रोपेगेंडा के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
इसलिए, मेरे प्यारे देशवासियों, समय की जरुरत है कि हम अपने संविधान के सिद्धांतों और भावना की रक्षा में मजबूती से खड़े हों। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा.. ये वे स्थायी मूल्य हैं, जो हमारे संस्थापकों ने हमें दिए हैं और इनकी रक्षा करना हमारा पवित्र कर्तव्य है।
आइए, हम संविधान की रक्षा के लिए हर जरूरी बलिदान देने के लिए तैयार रहें। यही हमारे पूर्वजों के बलिदानों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
एक बार फिर, मैं गणतंत्र दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
जय हिंद 🇮🇳
ये BJP-RSS वाले वोट चोरी से ग़द्दारी कर के सत्ता में बैठे हैं।
हमारी लड़ाई इन गद्दारों के खिलाफ़ है। इन्होंने आज़ादी के आंदोलन में भाग नहीं लिया और पिछले 11 वर्षों में BJP-RSS ने केवल देश की हर संवैधानिक संस्था को कमज़ोर करने का काम किया है।
ये लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है जो कांग्रेस पार्टी और श्री @RahulGandhi ने और शुरू की है।
देश की जागरूक जनता इस ग़द्दारी से चुराई हुई सत्ता के विरोध में संघर्ष कर रही है।
📍रामलीला मैदान, नई दिल्ली
#VoteChorGaddiChhod
चोरी BJP के DNA में है।
पैसे चोरी - ज़मीन चोरी - संस्था चोरी - अधिकार चोरी - रोज़गार चोरी - जनादेश चोरी - सरकार चोरी - चुनाव चोरी - वोट चोरी
जनता से चोरी ही BJP के लिए सत्ता की सीढ़ी है।
"Ramleela Maidan echoes with the roar of 'Vote Chor Gaddi Chodd.'
New Delhi stands witness as the capital becomes the stage for dissent."
@INCIndia@INCWestBengal@INCJammuKashmir
Humble tributes to Babasaheb Ambedkar on his Mahaparinirvan Diwas.
His timeless legacy of equality, justice and human dignity strengthens my resolve to defend the Constitution and inspires our collective struggle for a more inclusive, compassionate India.