नरेंद्र मोदी जी यह गोदाबाई हैं, इनकी फर्जी ID बनाकर कोई वोट डिलीट कर रहा है, आपने आपकी माताजी के AI Generated विडिओ के खिलाफ पुलिस कारवाई करवादी,क्या आप गोदाबाई के गुनहगारों को पकड़ेंगे? यह भी किसी की माँ है।
क्या ज्ञानेश कुमार वोट चोरों को रोकने में मदद करेंगे? पूछता है भारत
लाइब्रेरी में बैठ कर देश के सबसे बड़े expose को देखने के लिए इंतजार कर रहा हूं .... क्योंकि मैं एक जागरूक युवा देश का ............
कुर्सी की पेटी बांध लीजिए...
#votechoriexposed#HydrogenBomb#poochtahaiBharat
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी की वोट चोरी पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद, इंडिया टुडे की टीम ने एक ऐसे फर्जी पते पर जाकर जांच की और दावा सच निकला।
मकान नंबर-35, एक छोटा सा कमरा, लेकिन वोटर लिस्ट में 80 नाम!
और ये मकान BJP के आदमी का है।
ये कोई मामूली गड़बड़ी नहीं, ये खुलेआम चुनावी डकैती है और इसमें चुनाव आयोग मूकदर्शक नहीं, साझेदार लगता है।
EC की चुप्पी बताती है कि खेल सिर्फ बैंगलोर में नहीं, पूरे देश में चल रहा है।
नेता विपक्ष राहुल गाँधी ने कल बताया कि बेंगलुरु के हाउस नंबर- 35 के एक कमरे के मकान में 80 वोटर रजिस्टर हैं। इंडिया टुडे के पत्रकार बैंगलोर के उस मकान पर पहुंचे। चैनल की रिपोर्ट है कि राहुल गांधी के आरोपों का मज़बूत आधार है।
किसी और भी चैनल पर देखा क्या?
कल उछल उछल कर इंडिया टुडे की खबर ट्वीट करने वाले @amitmalviya को आज इंडिया टुडे से इतनी नफरत की वीडियो साझा तक तक नहीं कर रहा?
राहुल गांधी ने वोट चोरी के एक कमरे में 80 वोटर के सबूत दिए थे
अब इंडिया टुडे के पत्रकार बैंगलोर के उस मकान पर पहुंचे.
ये मकान BJP के आदमी का है.
सबसे बड़ा फ्रॉड तो ये है 👇
• गुरकीरत सिंह नाम का आदमी एक विधानसभा में चार अलग-अलग बूथ पर वोट करता है।
• आदित्य श्रीवास्तव नाम का आदमी यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक में वोट करता है।
अब भी किसी को कोई और सबूत की जरूरत है.? राहुल गांधी जी ने सच में एटम बम फोड़ा है।
#VoteChori
If the Election Commission doesn't provide us information, there will be consequences. Once we come back to power, we won't spare any EC officials - 🤡 Rahul Gandhi Pappu is openly threatening the Election commission
Baat suno l@wde ki😂
#VoteChori Pappu 🤡#ElectionCommission
लोकतंत्र में नामांकन करना और चुनाव लड़ना सबका संवैधानिक हक है, तो चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए की आख़िर ऐसा क्यों हो रहा है।
कहीं ऐसा तो नहीं की जानबूझकर श्याम रंगीला को नामांकन नहीं करने दिया जा रहा है, क्या प्रधानमंत्री जी एक हास्य कलाकार को अपने सामने चुनौती की तरह देख रहें हैं।
अगर ऐसा नहीं है तो मोदी जी को ख़ुद संज्ञान लेना चाहिए आख़िर उनके लोकसभा क्षेत्र में इस तरह ढीला पन क्यों है।
श्याम रंगीला को गजब नचाया जा रहा है नॉमिनेशन के लिए, एक अदने से आदमी का नॉमिनेशन लेने में कहां दिक्कत आ रही है जबकि उसने सारी फॉर्मेलिटीज पूरी कर ली है.
प्रधानमंत्री मोदी जी एक मिमिक्री करने वाले कॉमेडियन से इतना डरे हुए हैं कि श्याम रंगीला को नामांकन नहीं करने दिए।
क्या देश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है या वाराणसी इसकी शुरुआत की जा रही है ?
मैंने ज़िंदगी में बहुत से नेता देखे है पर मैंने एक कॉमेडियन देखा है जो नेताओ से भी सीरियसली नेतागिरी कर रहा है
मैं बात कर रहा हूँ श्याम रंगीला भाई की , दो दिन से भाई अपने नामांकन के लिए जितनी मेहनत कर रहा है उतनी मेहनत तो नेता लोग अपने इलाक़े में 5 साल में नहीं करते है
बड़ा दुख हो रहा है की एक नौजवान जो हौंसला दिखा कर प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ना चाहता है उस युवा का नामांकन करवाने के लिए अब तक विपक्ष का एक भी नेता आगे नहीं आया .
जब तक विपक्ष ऐसे आम लोगो के साथ नही आयेगा कुछ नही बदलने वाला है लिख कर रख लो
हमारे देश में लोकतंत्र है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वैश्विक मंचों पर खड़े होकर बड़े ही गर्व से बोलते हैं कि
हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
फिर ये कथनी और करनी में फर्क कैसा? एक कलाकार श्याम रंगीला जो कि 10 तारीख़ से लगातार अपने नमांकन के लिए संघर्ष कर रहा है मगर अब तक उसका नमांकन क्यों नहीं हुआ?
अगर देश लोकतंत्र है तो इसमें तो कोई भी चुनाव लड़ने का अधिकारी है फिर श्याम रंगीला को किस बेस पर इतना परेशान किया जा रहा है।
अगर आज भी श्याम रंगीला का नामांकन नहीं होता है तो सच में इस देश के लोकतंत्र के लिए आपको चिंतित होने की ज़रूरत है।
हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंचों पर खड़े होकर बड़े ही गर्व से बोलते हैं कि हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
फिर ये कथनी और करनी में फर्क कैसा? एक कलाकार श्याम रंगीला जो कि 10 तारीख़ से लगातार अपने नमांकन के लिए संघर्ष कर रहा है मगर अब तक उसका नमांकन क्यों नहीं हुआ?
अगर देश लोकतंत्र है तो इसमें तो कोई भी चुनाव लड़ने का अधिकारी है फिर श्याम रंगीला को किस बेस पर इतना परेशान किया जा रहा है, अगर आज भी श्याम रंगीला का नामांकन नहीं होता है तो सच में इस देश के लोकतंत्र के लिए आपको चिंतित होने की ज़रूरत है।
#Varanasi #1LakhKiLine #PMModiNomination