इससे यह साबित होता है कि
चाहे आप चारों तरफ कठोर मुश्किल से घिरे हुए हैं मगर आप जड़ से मजबूत है और नित्य चाहे धीरे धीरे ही सही उन्नति की और उठ रहे हैं तो...
एक दिन सारी मुश्किल को तोड़ आप खड़े हो जाएंगे।
यही संसार का नियम है।
शास्त्र भी यही कहते हैं।
"सनातन धर्म की जय"
1/2
दुर्गा ने केवल सरकारी जमीन पर धर्म स्थल बनाने का प्रयास कर रहे लोगों को मात्र चेतावनी दी थी।
एक नमाजवादी मुख्यमंत्री के खुले तुष्टिकरण को सामने प्रधानमंत्री तक पानी भरते नजर आये।
क्योंकि इसी मुलायम ने जनवरी 2013 में अल्पमत में आई UPA सरकार को गिरने से बचाया था।
ये था upa शासन।
भूले तो नहीं हैं.. दुर्गा शक्ति नागपाल को..?
ज्यादा पुरानी नही सन् 2013 की बात है
“आजम खान” के नेतृत्व में अखिलेश यादव की सरकार ने पूरे यूपी को शर्मसार कर दिया था।
दुर्गा शक्ति नागपाल (IAS) ने गौतमबुद्ध नगर जिले में उस समय के सपा खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ बैठीं।
और
वहाँ अभी तक कोई दीवार बनी ही नही थी।
केवल कथित मस्जिद बनाने के लिए नींव खोदी जा रही थी, क्योंकि वो जगह सरकारी थी, और सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार किसी भी सरकारी जमीन पर कब्जा करना और उस पर धर्म स्थल बनाना अवैध है।
इसीलिए दुर्गा नागपाल पर दीवार गिराने का आरोप लगाना ही गलत है।
फिर
@f5a7823dd969487@pardeepykumar@ShriAyodhya_ हमारे सनातन धर्म में एक नियम है कि
दृष्टांत से सिद्धांत बनता है
यानि कहानी के दृष्टांत देकर आने वाली पीढ़ी को जीवन जीने के सिद्धांत बनाने में सहयोग हो।
कहानी असत्य नहीं होती साथ ही हमें समझाने का संकेत है, ताकि आसानी से समझ आ जाए स्मरण रहे।
यहीं कारण है हर जगह कहानी होने का।
@pardeepykumar@ShriAyodhya_ इन कहानियों को विश्वास के लिए नहीं अपितु जीवन जीने के संकेत के लिए सत्य रुप दिया गया है।
"दृष्टांत से ही सिद्धांत बनता है"
अर्थात
कहानियों के दृष्टिकोण से अपने सनातनी जीवन के सिद्धांत बनाए जाए।
बात यह है मेरे बड़े भाई
यही तो ज्ञान की पहचान है।
@vishalchaura@Dr_MonikaSingh_ भ्रष्टाचारी परिवार के लिए भी इतना तामझाम @Dr_MonikaSingh_ को कहां पसंद आता है।
बेइज्जती महसूस करती रहती है हर पोस्ट पर लेकिन बेइज्जती महसूस करने के लिए भी कुछ नियम होते हैं वे कहां से लाएं ???
@Dr_MonikaSingh_ वहां पर हत्यारे और आतंकवादी से ममो पीएम हाउस में नहीं मिले थे।
वहां पर बाटला हाउस एनकाउंटर में कांग्रेस अध्यक्ष फूट फूटकर सारी रात रोई नहीं।
वहां रोहिंग्या बसाने वाला मुख्यमंत्री नहीं है।
वहां रेपिस्ट को सिलाई मशीन नहीं देते।
वहां आतंकी को बचाने के लिए आधी रात को जज नहीं बैठते।
2 मिनट का मौन भारत के न्यायपालिका के दुखद मौत पर
नकदी घोटाले के 21 दिन बाद
खबर सामने आने के 15 दिन बाद
आंतरिक जांच शुरू होने के 14 दिन बाद
SC द्वारा FIR खारिज करने के 7 दिन बाद
शीर्ष पुलिस अधिकारी के बयान दर्ज करने के 3 दिन बाद
शपथ पर रोक लगाने की याचिका के 2 दिन बाद…
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने मन ही मन यह कहते हुए तुम लोग मेरा क्या उखाड़ सकते हो इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
RIP न्यायपालिका
2 मिनट का मौन भारत के न्यायपालिका के दुखद मौत पर
नकदी घोटाले के 21 दिन बाद
खबर सामने आने के 15 दिन बाद
आंतरिक जांच शुरू होने के 14 दिन बाद
SC द्वारा FIR खारिज करने के 7 दिन बाद
शीर्ष पुलिस अधिकारी के बयान दर्ज करने के 3 दिन बाद
शपथ पर रोक लगाने की याचिका के 2 दिन बाद…
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने मन ही मन यह कहते हुए तुम लोग मेरा क्या उखाड़ सकते हो इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
RIP न्यायपालिका
@brijendra20121@AnilYadavmedia1 ये क्या होता है ?
कहां है ये ?
कहां लागू हैं ?
इस "वाद" को कैसे परिभाषित किया जाए।
और
विरोध की वजह भी तो होनी चाहिए !
हमें भी बताएं
अगर आपका तर्क सही होगा तो हम भी करेंगे विरोध।
जब हम कह रहे थे तब ये मुस्लिम परस्त और जिहादी हमें क्या क्या नहीं सुनाते थे कि केजरीवाल पढा लिखा काबिल हैं और दिल्ली एक मॉडल होगा देश के लिए,
वे लोग
आज ये दिल्ली विधानसभा की आज की कार्यवाही ही सुन ले,
अकल ठिकाने आ जाएगी
अगर है तो..
https://t.co/14b1QfUmNm
@NadeemOnly_ सब बच्चों के वालीदान मौज रासे में ही तालीम हासिल करके निकले होते हैं उनको भी पता होता है वहां क्या होता है उसके बावजूद भी अपने बच्चे बच्चियों को इन शिकारियों को सौंपते हैं इस दीनी अक्ल के ताले को खोलना असंभव है
https://t.co/FNqynRLcKg