भारत में एजुकेशन माफिया किस तरह लूटता है, उसका बड़ा उदाहरण
9000 रुपए का बिल
लेकिन, ब��ल में कौनसी बुक क��तने रुपए की है, वो नहीं बताया जाएगा। आप बहस करेंगे तो बच्चे का एडमिशन रद्द कर देंगे।
जब तक नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे…
तब तक सरकारी स्कूलों के हालात नहीं सुधरे���गे….!!!
ये चीज़ इस बात का सबूत है…!!
हमारे नेता केवल अपने बच्चों की चिंता करते हैं…
उन्हें आम जनता से कोई सरोकार नहीं है….!!!
“मैं भिखारी नहीं हूँ… जो लिखा है, वही माँग रहा हूँ” 😡
यह शब्द किसी आम नागरिक के नहीं, देश के लिए अपंग हुए वीर योद्धा के हैं।
जब सरकार खुद टोल छूट का पत्र जारी करती है,
तो ज़मीन पर उसे मानने से इनकार क्यों.... ?
क्या हमारे War Heroes की क़ीमत एक टोल रसीद से भी कम है....?😡
Pearls of Wisdom ❤️❤️❤️
Worth Sharing. If you are a 20 year old, you should watch this & follow this advice 🔥🔥🔥
Highlight for me was Bajaj Sahab's secret advice in this video. Pure Gold.
#FI
राजस्थान RTI आंदोलन की जन्मस्थली रही है। “हमारा पैसा, हमारा हिसाब” का नारा सबसे पहले यहीं दिया गया था, जि��ने आगे चलकर सूचना के अधिकार कानून की नींव रखी।
आंदोलन के शुरुआती दिनों का यह बहुत ही सुंदर और दुर्लभ वीडियो मिला है। ✊
Courtesy: (pucho_haqq_se IG)
एंबुलेंस 108 सेवा पर ध्यान देने की जरूरत है
इस लड़की ने एक हादसे को देखा और मदद करने की कोशिश की लेकिन अनुभव बहुत ही कड़वा रहा।
हादसे की स्थिति में रेस्पॉन्स टाइम का जो महत्व होता है, उसी को ध्यान में रखकर ऐसी सेवाएं शुरू की गई हैं लेकिन इनका संचालन कौन कर रहा है और कैसे किया जा रहा है, इस लड़की का अनुभव उसकी एक बानगी पेश करता है।
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@RajCMO@svoruganti1466
मानो कोई सितारा उदय हुआ है...
देवव्रत महेश रेखे (अहिल्यानगर, महाराष्ट्र) ने सिर्फ 19 वर्ष की आयु में दण्डक्रम वेद पारायण के अ��तर्गत
🔱 25 लाख से भी अधिक पदों का
🔱 लगातार 50 दिनों तक
🔱 बिना किसी ग्रंथ का सहारा लिए, एक भी त्रुटि के बिना
उच्चारण कर सनातन वेद परंपरा का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया है।
क्या दिव्य प्रतिभा है। क्या दिव्य तेज है इस युवक में।
अभिनंदन। अभिनंदन
“गवाँर हो तभी बॉर्डर पे भेज दिए गए हो”
“तभी तुम्हारे बच्चे विकलांग पैदा होते हैं और बॉर्डर पे शहीद हो जाते हैं”
“भेज तुझे जहाँ भेजनी हो रिकॉर्डिंग”
@HDFC_Bank जरा अपने ऐसे कर्मचारी को बतायें कि अब रिकॉर्डिंग सही जगह पहुँच गई है।
फ्लाइट में 7 घंटे की देरी के बाद यात्रियों को जो खाना परोसा गया वह बासी था। यात्रियों ने एयरलाइन मैनेजर को खिलाया।
इस देश में एयरलाइन कंपनियों पर सरकार सख्त क्यों नहीं होती? इतनी स्वेच्छाचारिता?
#spicejet