डीएलएड खबरी अब अपना पर्चा लेकर मिलान करते नजर आ रहे होंगे!
बाकि डीएलएड युवाओं को आश्वस्त करना चाहता हूं! साथ में खबरियों को भी लेकिन #खबरी हमारे यहाँ खबरी नहीं है डीएलएड #फ़रेबी हैं!
1-अखबार वालों को प्राथमिक की भर्ती का "भ" नहीं पता!
2-डीएलएड खबरियों को प्राथमिक की भर्ती का "भ" नहीं पता!
विशेष नोट - आप खुद की कोई जानकारी से आश्वस्त हो सकते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की खबर में अखबार की जानकारी से आश्वस्त नहीं हो सकते!
बाकि प्राथमिक शिक्षकभर्ती के डीएलएड खबरियों के लिए एक छोटा सा संदेश - अगर आप सब 2-4 महीना पहले बता देते हैं तो #नगरीय_अधियाचन का जो बेसिक विभाग हवाला देता है आप उसका कोई एक शब्द का लेटर लाकर सार्वजनिक करदो..... हम उत्तरप्रदेश की सीमा छोड़कर अपने पड़ोसी राज्य राजस्थान में जाकर रहने लगे जायेंगे!
हमारे इन बयानों का बेसिक की नियमवाली पर कोई टिप्पणी नहीं है!
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वंतत्र प्रभार संदीप सिंह ने बताया कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को पास के विद्यालयों में विलय किया जाएगा और रिक्त विद्यालयों में प्री-प्राइमरी पाठशालाएं संचालित की जाएंगी।
शायद सपा ने PDA की नई परिभाषा गढ़ ली है! 'Propaganda Delivery by Akhilesh'। लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता अब अफवाह नहीं, तथ्य देखती है।
और तथ्य यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसी भी परिषदीय सरकारी विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं लिया गया है। वर्तमान में जितने भी हमारे सरकारी परिषदीय विद्यालय हैं, वे सभी संचालित हैं।
सरकार द्वारा निर्णय लिया गया था कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को सबसे पास के विद्यालय में मर्ज कर दिया जाएगा और जो विद्यालय रिक्त हैं, उनमें प्री-प्राइमरी पाठशाला संचालित की जाएगी। पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्री-प्राइमरी की कक्षाएं भी संचालित करने का निर्णय लिया गया है और इन विद्यालयों में बालवाटिका का संचालन किया जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती नगर संवर्ग
अभी आयोग को पोर्टल पर ऑनलाइन अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है।
बेसिक का पोर्टल भी अभी नहीं बना है। इसलिए अभी भर्ती केवल हवा हवाई है।
कल मैं एकदम फ्री था तो कई मुद्दे देखे जिनमें उत्तर प्रदेश का एक मुद्दा काफी चर्चित था
शिक्षक भर्ती का
जब मैंने उसपर रिसर्च करी तो पता चला कि पिछले 8 सालों में कोई भी प्राइमरी टीचर की भर्ती नहीं आई है।
इन 8 सालों में दो शिक्षा मंत्री कार्यकाल में रहे थे एक सतीश द्विवेदी और दूसरे ये संदीप सिंह।
पहले वाले शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी से बच्चे भर्ती मांगते थक गए लेकिन कोई भर्ती नहीं आई वो टाल मटोल करते रहे, फिर चुनाव आया
और शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी अपनी सीट नहीं बचा पाए।
अब वही सेम काम शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी कर रहे हैं, इन 8 सालों में हजारों टीचर रिटायर हुए होंगे और सरकार ने कोर्ट में 51,112 पदों का हलफनामा भी दिया था, लेकिन
मंत्री संदीप सिंह भी वही काम दोहरा रहे हैं जो सतीश द्विवेदी ने किया था अब समय भी संदीप सिंह के साथ वही दोहराए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
लाखों छात्र उत्तर प्रदेश में ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों में संयुक्त शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं, मंत्री जी को इसपर ध्यान देना चाहिए।
बूथ मज़बूत, संगठन मज़बूत
कन्नौज में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में कन्नौज विधानसभा से समस्त बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ता बंधुओं के साथ बूथों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
@BJP4India@BJP4UP
आधुनिकता, नवाचार और टेक्नोलॉजी से भारतीय रेल को नई रफ्तार देने वाले मा. केंद्रीय मंत्री और मेरे मित्र श्री अश्विनी वैष्णव जी को जन्मदिन की ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं।
@AshwiniVaishnaw