आहार में, विचार में, वाणी में, व्यवहार में, स्वभाव में जो अशुद्धियाँ हैं, वही खतरा है। बिना तप के योग सिद्ध नहीं होता, आपका संकल्प भी सिद्ध नहीं होता।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
जब भगवान में हम पूरी तरह प्रतिष्ठित हो जाते हैं, भगवान के साथ एकात्म हो जाते हैं, ओंकार ब्रह्म के साथ फिर अजपा, जप हो जाता है,
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मौन हो जाते हैं, सहज शांत हो जाते हैं, एक बहुत बड़ा तत्व है ध्यान का, एक क्षण में हम अपने शरीर, इन्द्रियों, मन, विचार, भाव,संवेदनाओं पर नियंत्रण कर सकें ऐसा हमें अपने स्भाव बनाना चाहिए, ऐसी हमारी साधना होनी चाहिए।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
एक छोटी-सी बात से जीवन की और जगत की सारी समस्याओं का समाधान होता है, जब हम योग के मार्ग पर चलते हैं तो जीवन में कोई दुःख, दारिद्रय, अंधेरा, कोई अश्रद्धा,कोई पाप,कोई अशुभ, कोई अनैतिकता किसी भी तरह की हिंसा एक योग के मार्ग पर चलने से इतने लाभ हैं।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
योग का सबसे बड़ा तत्व है शरणागति, इसी शरणागति को गुणातीत, भावातीत योग भी कहा जाता है। शरणागति में ज्ञान की पराकाष्ठा होती है, सारस्वत सत्य, सनातन ज्ञान बोध हो जाता है वैराग्य की पराकाष्ठा, पुरुषार्थ की पराकाष्ठा। #संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
जब भगवान के गुरु के सम्मुख होकर के उनके अंग संग होकर के उनके साथ एकात्म होकर के हम योग करते हैं तो जन्म-जन्मांतरो के हमारे रोग दुख, संकट कट जाते हैं।
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#संन्यासदीक्षा
समारोह मे पूज्य @yogrishiramdev ने कहा कि..
कल करे सो आज कर, आज करे सो अब
योग, आयुर्वेद और अध्यात्म अपनाएंगे सब.!👏
पूज्य @Ach_Balkrishna ने कहा कि.. #पतंजलि के माध्यम से देश, धर्म और संस्कृति के पुरोधा तैयार किए जा रहे हैं।
योग🧘♂️ हमें खुद से मिलाता है,
योग🧘♂️ ईश्वर की अनुभूति दिलाता है।
योग🧘♂️जीवन जीने की कला है।
योग🧘♂️से बढ़कर कोई इम्युनिटी बूस्टर नही।
प्रतिदिन 1 घण्टे देंह के लिए,1 घण्टे देश 🇮🇳 के लिए अवश्य दें।🙏
____प.पु. @yogrishiramdev जी |
#संन्यासदीक्षा@rakesh_bstpyp@sandeep_yb@Akash_bst
योग का सबसे बड़ा तत्व है शरणागति, इसी शरणागति को गुणातीत, भावातीत योग भी कहा जाता है। शरणागति में ज्ञान की पराकाष्ठा होती है, सारस्वत सत्य, सनातन ज्ञान बोध हो जाता है वैराग्य की पराकाष्ठा, पुरुषार्थ की पराकाष्ठा। #संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
एक छोटी-सी बात से जीवन की और जगत की सारी समस्याओं का समाधान होता है, जब हम योग के मार्ग पर चलते हैं तो जीवन में कोई दुःख,दारिद्रय, अंधेरा, कोई अश्रद्धा, कोई पाप, कोई अशुभ,कोई अनैतिकता किसी भी तरह की हिंसा एक योग के मार्ग पर चलने से इतने लाभ हैं।
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योग और कर्म योग ही मेरा स्वाभाव है और जो कुछ तुम मेरे चारों तरफ देखते हो यह योग का प्रभाव है, योग का परिणाम है इसलिए पूरे योगी बनो, पूरे कर्म योगी बनो और फिर तुम पूरी समष्टि के लिए उपयोगी बनते चले जाओगे। तुम्हारा जीवन उन्नत होता चला जाएगा।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
एक योगी सारे संसार को हिंसा से, युद्धों से, झूठ, बेईमानी, अनाचार, दुराचार, असुचिता, असंतोष, विलासिता, नकारात्मकता और सारे संसार को सारे दुःखों से बचा सकता है। यह है योग की महिमा, यह है योग का अनुशासन।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
हमारे भीतर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जैसा चरित्र घटित हो,भगवान कृष्ण जैसा योग कर्मयोग घटित हो,भगवान शिव जैसी सहज समाधि वो आदियोग हैं उनमें समाधि भी है और उनमें तांडव भी है, प्रचंड पुरुषार्थ भी है।
#संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
देह में रहते विधा है सब कुछ करते हुए ध्यानस्थ, योगस्थ रहो, आत्मस्थ रहो, ब्रह्मास्त्र रहो। प्रत्येक कर्म को भगवान की पूजा मानकर के करो, सहज योग, सहज समाधि, बुरी चीजों के मुक्त रहो यह योग की युक्ति है विवेकपूर्वक, समझदारी से जीवन को जियो। #संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev
हमारा पूरा जीवन योग में, यज्ञ में, अध्यात्म में हो जाए, ध्यान में हो जाए, समाधि में हो जाए, सहज ध्यान, सहज समाधि, सहज मुक्ति, जीवन मुक्ति और हमारा प्रत्येक कर्म ही भगवान की पूजा बन जाए। #संन्यासदीक्षा@yogrishiramdev