यदि पूर्ण परमात्मा ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट नहीं होते तब ईसा जी के पूर्व चमत्कारों को देखते हुए ईसा जी का अंत देखकर कोई भी व्यक्ति भक्ति साधना नहीं करता, नास्तिक हो जाते।
(प्रमाण पवित्र बाईबल में यूहन्ना 16: 4-15) ब्रह्म(काल) यही चाहता है।#HiddenTruth_Of_Bible
पवित्र बाइबिल (उत्पत्ति ग्रंथ) में लिखा है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। इससे सिद्ध है कि प्रभु भी मनुष्य जैसे शरीर युक्त है तथा छः दिन में सृष्टी रचना करके सातवें दिन तख्त पर जा विराजा।#HiddenTruth_Of_Bible
उत्पत्ति ग्रन्थ 1:28
परमेश्वर ने उन्हें यह आशिष दी, ‘फलो-फूलो और पृथ्वी को भर दो, और उसे अपने अधिकार में कर लो। समुद्र के जलचरों, आकाश के पक्षियों और भूमि के समस्त गतिमान जीव-जन्तुओं पर तुम्हारा अधिकार हो।’
परमात्मा ने मांस खाने का आदेश नहीं दिया।
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पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए स्वयं प्रकट होता है। पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के वि��्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा।#HiddenTruth_Of_Bible
���रमात्मा ने छः दिन में सृष्टी रची और सर्व ��नुष्यों के
आहार के लिए आदेश किया था कि मैंने तुम्हारे खाने के लिए फलदार वृक्ष तथा बीजदार पौधे दिए हैं। मांस खाने का आदेश नहीं दिया प्रभु ने।
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काल (ब्रह्म) पुण्यात्माओं को अपना अवतार (रसूल) बना कर भेजता है।फिर चमत्कारों द्वारा उसको भक्ति कमाई रहित ��रवा देता है।उसी में कुछ फरिश्तों (देवताओं) को भी प्रवेश करके
कुछ चमत्कार फरिश्तों द्वारा उनकी पूर्व भक्ति धन से करवाता हैl उनको भी शक्ति हीन कर देता है। #HiddenTruth_Of_Bible
इंग्लैण्ड के ज्योतिषी ‘कीरो’ ने सन् 1925 में भविष��यवाणी की है, बीसवीं सदी अर्थात् सन् 2000 ई. के उत्तरार्द्ध में भारत का वह एक व्यक्ति सारे संसार में ज्ञानक्रांति ला देगा।#WorldSavior_SaintRampalJi
फ्लोरेंस की भविष्यवाणी "संत रामपाल जी" के बारे में
"कि उस संत की विचारधारा क्रान्ति से भौतिकवादी मान्यताएं बदलेंगी और बुद्धि��ीवियों में ऐसी चिन्तन चेतना का विकास होगा, जिसे आध्यात्मवादी सोच कहने में किसी को कदाचित ही संकोच होगा।#WorldSavior_SaintRampalJi
अमेरिका के ‘‘श्री एण्डरसन’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अन्त से पहले या 21वीं सदी के प्रथम दशक में भारत के एक देहात का एक धार्मिक व्यक्ति, एक मानव, ��क भाषा और झण्डा की रूपरेखा का संविधान बनाकर संसार को सदाचार, उदारता, मानवीय सेवा व प्यार का सबक देगा। #WorldSavior_SaintRampalJi
‘‘जीन डिक्सन’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अंत से पहले विश्व में एक घोर हाहाकार तथा मानवता का संहार होगा। वैचारिक युद्ध के बाद आध्यात्म��कता एक नई सभ्यता भारत के ग्रामीण परिवार के व्यक्ति के नेतृत्व में जमेगी और संसार से युद्ध को सदा-सदा के लिए विदा कर देगी।#WorldSavior_SaintRampalJi
भविष्यवक्ता ‘‘श्री वेजीलेटिन’’ के अनुसार भारत से उत्पन्न हुई शांति भ्रातृत्व भाव पर आधारित नई सभ्यता, संसार में-देश, प्र��ंत और जाति की सीमायें तोड़कर विश्वभर में अमन व चैन उत्पन्न करेगी।#WorldSavior_SaintRampalJi
बाबा जयगुरूदेव द्वारा सन् 7 सितम्बर 1971 में एक भविष्यवाणी
"वह अवतार जिसकी लोग प्रतिक्षा कर रहै है वह 20 वर्ष का हो चुका है। 8 सितम्बर 1971 में सतगुरु रामपाल जी महाराज जी पूरे 20 वर्ष के ह�� गए थे। वही पूर्ण संत हैं, ये भविष्यवाणी उन्हीं पर सटीक बैठती है।#WorldSavior_SaintRampalJi
नास्त्रेदमस के अनुसार वह विश्व धार्मिक नेता सतगुरु रामपाल जी महाराज ही हैं जिनकी अध्यक्षता में भारतवर्ष पूरे विश्व पर राज्य करेगा। पूरे विश्व में एक ही ज्ञान (भक्ति मार्ग) चलेगा। एक ही कानून होगा, कोई दुःखी नहीं रहेगा, विश्व में पूर्ण शांति होगी। #WorldSavior_SaintRampalJi
अमेरिका के भविष्वक्ता ‘‘श्री चार्ल्स क्लार्क’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अन्त से पहले एक देश विज्ञान की उन्नति में सब देशों को पछाड़ देगा। परन्तु भारत की प्रतिष्ठा विशेषकर इसके धर्म और दर्शन से होगी, जिसे पूरा विश्व अपना लेगा।
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हॉलैण्ड के भविष्यदृष्टा ‘‘श्री गेरार्ड क्राइसे’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अन्त से पहले या 21 वीं सदी के प्रथम दशक में भारत का एक महापुरूष सम्पूर्ण विश्व को मानवता के एक सूत्र में बांध देगा।#WorldSavior_SaintRampalJi
हंगरी की महिला ज्योतिषी ‘‘बोरिस्का’’ के अनुसार सन् 2000 ई. से पहले-पहले उग्र परिस्थितियों हत्या और लूटमार के बीच ही मानवीय सद्गुणों का विकास एक भारतीय फरिश्ते के द्वारा होगा।#WorldSavior_SaintRampalJi
डाॅ. जूलर्वन के अनुसार सन् 1990 के बाद योरोपीय देश भारत की धार्मिक सभ्यता की ओर तेजी से झूकेंगे। सन् 2000 तक विश्व की आबादी 640 करोड़ के आस-पास होगी। भारत से उठी ज्ञान की धार्मिक क्रांति नास्तिकता का नाश करके आँधी तूफान की तरह सम्पूर्ण विश्व को ढ़क लेगी।#WorldSavior_SaintRampalJi
सन् 1993 में स्वामी रामदेवानंद जी महाराज ने सतगुरु रामपाल जी महाराज सत्संग करने की आज्ञा दी तथा सन् 1994 में नामदान करने की आज्ञा प्रदान की। #WorldSavior_SaintRampalJi