मुझको मैं नही अब कवि जी रहा है।
मुझमें कोई अजनबी जी रहा।।
मैं तो खड़ा हूँ किनारे पे खाली।
और, सागर की संध्या, रवि जी रहा है।।
Write makes a man perfect . #A_poet
उनकी सुधि आई, सहज प्राथना हो गई।।
आंख की बूंद से,याचना हो गई।।
अटपटे शब्द निकले, सरल भाव से।
समझ सोच में,हर सफर साल से।।
अब हृदय में प्रबल,प्रेम भावना हो गई।
आंख की बूंद से याचना हो गई।।
उनकी सुधि आई, सहज प्राथना हो गई।। सरकार आज२६/५/२०२६/समय १०: २८।।रचना...।#deendyal
फिर से छोड़ दिया ,तुमने तन्हाई के इस आलम में।।
गुजर रही है रैन चाँद बिन,आंखे आँसू बिन,मातम में।।
तड़पा भी कुछ ,रोया भी कुछ, उदासीन रातों के संग,अधकचरी नींद में सोया कुछ।।
पर,फ़िर आवज नई जागी
ये सारा कुछ तो सपना है।
बारी-बारी होता रहता ये सारा किस्सा कालम में.
फिरसे छोड़#ddu
जिंदगी की कुछ घनघोर बीती रातों से ।
अभी भी रात है...,पर सुबह थोड़ी ताजी है।।
ठिकाना दूर है पर आसरे पे मन अभी राजी है।
नाव है मझधार,कोई चिंता नहीं ,साथ मेरे मांझी है।।#ddu.
@yogrishiramdev,मेरी माता जी को 1 साल से गले में दर्द रहता है, हमने सारे टेस्ट करवा के देख लिये पर कुछभी नही निकला,ओ कहतीहै गला कांटा हो जाता है,पेट में गैस बनती है और गले में लाल लाल छाले जैसे हो जाते हैं।कुछ खाती हैं तो भी दर्द होता है कहती हैं जैसे गले में कुछ अटका हो कोई उपाय
#RamdevBaba,मेरी माता जी को 1 साल से गले में दर्द रहता है, हमने सारे टेस्ट करवा के देख लिये पर कुछ भी नही निकला, ओ कहती हैं गला कांटा हो जाता है,पेट में गैस बनती है और गले में लाल लाल छाले जैसे हो जाते हैं।कुछ खाती हैं तो भी दर्द होता है कहती हैं जैसे गले में कुछ अटका हो कोई उपाय
कोरोना ने आम जन से लेके ,बड़े बड़े सूरमाओं को तोड़ दिया झकझोर दिया, इसने हम इंसानो को एक दूसरे की मदत करना औऱ छोटे बड़े का भेद भाव न रखना, न करना सिखाया है।।
हमे ऐसे ही एक दूसरे के साथ मिलकर corona को हराना है।।
जीतना है।
।।
कुछ ना कर पाना भी, कितना कष्टदायी होता है।।
पर कोरोना काल में ,कुछ ना करना भी बहुत कुछ करना है।।
घर में रहें ,अनावश्यक बाहर जाना, कई जान लेने जैसा है।।
पिछले दिनों स्वयं को पहाड़ों के बीच मॉं गंगा के किनारे एक कुटिया में क़ैद कर रखा था। एक अलसाई दोपहर गंगा किनारे सैयद इब्राहीम पठान “रसखान” की पंक्तियाँ गा-गुनगुना रहा था तभी एक सहयोगी ने उसे रिकॉर्ड कर लिया।तो सुनिए मॉं गंगा का माहात्म्य,पठान “रसखान” के इन सरस शब्दों में...❤️