शस्त्र पूजन के दिन महाराजा रणजीत सिंह की सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाली बंदूक़ें देखने का मौक़ा मिला। इतनी लंबी और भारी बंदूक़ों को इस्तेमाल करने वाले कितने बलिष्ठ रहे होंगे! अद्भुत!
#विजयदशमी#शस्त्रपूजन
जिस बॉलीवुड ने दशकों तक ‘सूदखोर बनिया’ ‘दुराचारी ठाकुर’ ‘पाखंडी ब्राह्मण’ जैसे अनगिनत नैरेटिव गढ़े। उसे चंद दिनों के ड्रग वाले कवरेज से इसलिए बेचैनी हो रही है क्योंकि इमेज ख़राब हो रहा है।
एक चाय बेचने वाले से वर्ल्ड लीडर बनने का नरेंद्र मोदी का अद्भुत सफ़र,हर गरीब को प्रेरणा देता है.अथक परिश्रम,70 साल की ग़लतियों को सुधारने के लिए बड़े फ़ैसले लेने की हिम्मत और ग़रीब का जीवन बेहतर बनाने की ललक ने मोदी को सबसे अलग बनाया है.आप को जनता का प्यार मिलता रहे @narendramodi
बहुत बढ़िया रिपोर्ट @manogyaloiwal.. और कितनी अच्छी हिंदी बोलते हैं अरूणाचल के सुदूर इलाकों में रहने वाले लोग। चीन की सीमा से सटे गांव में रहने वाले लोगों ने अपनी परेशानियां @aajtak को बताई
“लगा रहे प्रेम हिन्दी में, पढूँ हिन्दी लिखुँ हिन्दी।
चलन हिन्दी चलूँ, हिन्दी पहरना ओढ़ना खाना।
भवन में रोशनी मेरे रहे हिन्दी चिरागों की।
स्वदेशी ही रहे बाजा, बजाना, राग का गाना।” (पं राम प्रसाद बिस्मिल)
#हिन्दीदिवस
धर्म की रक्षा का दम भरना। और संस्कारों को स्वाहा कर बुजुर्ग पर आक्रमण? देश सर्वोपरि का ढिंढोरा और सैनिक पर हमला? जब ना धर्म बड़ा ना राष्ट्र, तो फिर सत्ता के अलावा कौन से सिद्धान्त रह गए?