सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी हनुमान चालीसा में बताई है।
कलियुग में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक हैं हनुमानजी। इसी वजह से आज के दौर में इनके भक्तों की संख्या काफी अधिक है।
हनुमानजी को प्रसन्न करने का सरल और श्रेष्ठ उपाय है हनुमान चालीसा का पाठ करना।
हनुमान चालीसा सैकड़ों साल पहले गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रची गई थी और उसी समय उन्होंने इसमें यह बता दिया था कि सूर्य और पृथ्वी के बीच लगभग कितनी दूरी है। जबकि विज्ञान अब बता रहा है कि सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी 149,600,000 किलो मीटर है।
आज से पहले क्या आपको यह बताया कभी किसी विद्वान ने, कि कई लोगों की दिनचर्या हनुमान चालीसा पढ़ने से शुरू होती है। पर क्या आप जानते हैं कि श्री "हनुमान चालीसा" में ये चौपाइयां हैं, ये उस क्रम में लिखी गई हैं जो एक आम आदमी की जिंदगी का क्रम होता है।
माना जाता है तुलसीदास ने चालीसा की रचना बचपन में की थी।
हनुमान को गुरु बनाकर उन्होंने राम को पाने की शुरुआत की।
🔸ड्रेसअप का रखें ख्याल🔸
चालीसा की चौपाई है
कंचन बरन बिराज सुबेसा,
कानन कुंडल कुंचित केसा।
*अर्थ* - आपके शरीर का रंग सोने की तरह चमकीला है, सुवेष यानी अच्छे वस्त्र पहने हैं, कानों में कुंडल हैं और बाल संवरे हुए हैं।
आज के दौर में आपकी तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप रहते और दिखते कैसे हैं। फर्स्ट इंप्रेशन अच्छा होना चाहिए।
अगर आप बहुत गुणवान भी हैं लेकिन अच्छे से नहीं रहते हैं तो ये बात आपके करियर को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, रहन-सहन और ड्रेसअप हमेशा अच्छा रखें।
आगे पढ़ें - हनुमान चालीसा में छिपे मैनेजमेंट के सूत्र...
🔸शुरुआत गुरु से🔸
हनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु से हुई है…
श्रीगुरु चरन सरोज रज,
निज मनु मुकुरु सुधारि।
*अर्थ* - अपने गुरु के चरणों की धूल से अपने मन के दर्पण को साफ करता हूं।
गुरु का महत्व चालीसा की पहले दोहे की पहली लाइन में लिखा गया है। जीवन में गुरु नहीं है तो आपको कोई आगे नहीं बढ़ा सकता। गुरु ही आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं।
इसलिए तुलसीदास ने लिखा है कि गुरु के चरणों की धूल से मन के दर्पण को साफ करता हूं। आज के दौर में गुरु हमारा मेंटोर भी हो सकता है, बॉस भी। माता-पिता को पहला गुरु ही कहा गया है।
समझने वाली बात ये है कि गुरु यानी अपने से बड़ों का सम्मान करना जरूरी है। अगर तरक्की की राह पर आगे बढ़ना है तो विनम्रता के साथ बड़ों का सम्मान करें।
अगर आप सिर्फ हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं तो यह आपको भीतरी शक्ति तो दे रही है लेकिन अगर आप इसके अर्थ में छिपे जिंदगी के सूत्र समझ लें, तो आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं।
हनुमान चालीसा सनातन परंपरा में लिखी गई पहली चालीसा है शेष सभी चालीसाएं इसके बाद ही लिखी गई।
हनुमान चालीसा की शुरुआत से अंत तक सफलता के कई सूत्र हैं। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा से आप अपने जीवन में क्या-क्या बदलाव ला सकते हैं….
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रतलाम नगर द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के उपलक्ष्य में नगर के माणक चौक स्थित श्री गोपाल जी का बड़ा मंदिर पर घोष वादन किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय रहवासियों ने स्वयंसेवकों का भगवा दुपट्टा डाल कर सम्मान किया एवं कार्यक्रम की सराहना की
राजस्थान में खतरे में हिन्दू समाज !!
महादेव मंदिर पर मुस्लिम कट्टरपंथियों का हमला !!
मंदिर के पुजारी और उनके परिवार पर भी कट्टरपंथियों ने किया हमला।
महाशिवरात्रि की तैयारी कर रहे थे पुजारी और उनका परिवार।
घटना राजस्थान के दूदू स्थित सेलास्वर महादेव मंदिर का।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में बड़ी संख्या में हिंदू गोर बंजारा, लबाना और नायकाडा समुदाय हैं और लगभग 11,591 हजार तांडे हैं। इनमें से 3678 टांडो पर ईसाईकरण हो चुका हैं।
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