@bashu_sanchita वीर तुम अड़े रहो
रजाई में पड़े रहो
मां की लताड़ हो या
बाप की दहाड़ हो
तुम निडर डटे रहो
रजाई से हटो नहीं
तू धूप की न आस कर
रजाई में निवास कर
मुंह सिर्फ दिखे तब ही
चाय कॉफी मिले जब ही, वीर तुम अड़े रहो
वीर तुम अड़े रहो
रजाई में पड़े रहो
मां की लताड़ हो या
बाप की दहाड़ हो
तुम निडर डटे रहो
रजाई से हटो नहीं
तू धूप की न आस कर
रजाई में निवास कर
मुंह सिर्फ दिखे तब ही
चाय कॉफी मिले जब ही, वीर तुम अड़े रहो