जंतर मंतर से लेकर जनपथ तक
आंसू गैस के गोले, लाठियां और पत्थरबाजी.
आज जो नहीं होना था , वो सब हुआ .
जंतर - मंतर को कैसे लाठी डंडों के दम पर खाली कराया गया ?
जनपथ पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की नौबत क्यों आई?
पत्थरबाजी क्यों हुई?
प्रदर्शनकारियों के बीच से पत्थरबाजी करने वाले कौन थे ?
पूरा वीडियो थोड़ी देर में मेरे यूट्यूब चैनल पर
#WATCH दिल्ली: सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, "आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी... कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले...इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।"
Witnessed authoritarian regime’s brutality on the youth of my country. Shocked.. and deeply disturbed . Tanashahi nahi chalegi . The country has woken up. This is just the beginning
आप ने कहा घंटी बजा कर कोरोना भगाओ हमने घंटी बजाई लेकिन मोदी तुम आज कहां हो कहा हो तुम.
यह बात प्रदर्शन करने आई एक युवती ने कही है और साथ ही यह भी मानी है कि हां मैं पुरानी अंधभक्त थी.
अब डिटेन कर ली गई है.
"हमारे MP थाने में बिठाए हुए हैं और बाहर बच्चों की पिटाई की जा रही है"
◆ सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा
#AkhileshYadav | Akhilesh Yadav | #संसद_मार्च | #CJPProtest | संसद भवन | Parliament | धर्मेंद्र प्रधान | दिल्ली पुलिस
क्या आप @DelhiPolice बता सकते हैं के सफेद शर्ट में लाठियां चलाने वाला दिल्ली पुलिस से जुड़ा हुआ है? या बीजेपी ने अब पुलिस में भी lateral entry शुरू कर दी?
VIDEO | Delhi: On the CJP protest, Congress MP Renuka Chowdhury says, "Parliament is in session, and you are using tear gas against children. Is this how a government functions? Inside the House, they jammed our WhatsApp and closed the gates. What kind of government is this? Parliament belongs to the children as well. It is their right guaranteed by the Constitution..."
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.