पूरे देश में प्रदर्शनकारियों को हटाने से अच्छा है, भाजपा सरकार स्वयं ससम्मान हट जाए।
यदि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने इतिहास पढ़ा होता या स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया होता तो वो जानते कि जन-शक्ति जब हर संभावना से निराश हो जाती है, तो वो ख़ुद एक शक्ति बन जाती है।
भाजपा के राज में लोग जीते-जी अपनी चिता ख़ुद सजा के लेट गये, अब इससे ज़्यादा ‘अच्छे दिन’ भाजपा क्या लाएगी। भाजपा का समय पूरा हुआ।
भाजपा का अंतिम दौर शुरू होता है अब…
#चिता_आंदोलन
#केन_बेतवा_विरोध
LATEST: as feared, lathi charge, instances of stone pelting and total chaos at Jantar Mantar. In a democracy, the streets should never become a battlefield! Dialogue is being defeated by disorder sadly. Or is this designed to discredit what was a remarkably peaceful and organic protest for the past 3 weeks? Who placed/brought stones to the venue in the first place? 🙏
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो ✊🏼
NSUI और IYC के साथियों ने 'मशाल जुलूस' निकालकर ये साफ़ कर दिया है कि हमारी आवाज़ दबने वाली नहीं है।
हम साथ मिलकर छात्रों का भविष्य तबाह करने वाली मोदी सरकार के इस करप्ट सिस्टम को बदलकर रहेंगे।
📍 रांची, झारखंड
Govt closed the exits on Metro Stations near Jantar Mantar.
People started jumping over and exiting.
Now the Metros are not even stopping at these stations.
This in itself proves that this movement is beyond our analysis.
This is a Jan Andolan now 🔥🔥🔥
Army forces without name plates are present in the ongoing protest at Jantar Mantar. So, is it really army force or someone else ?
If this is true then it is really concerning.
इंकलाब जिंदाबाद
देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया है जिसकी आग में मोदी सरकार जलकर खाक हो जायेगी।
Gen Z = Generation Z
सड़कों पर मचल रहा है।
#सम्पूर्ण_क्रांति की ओर देश बढ़ चला।
Visuals from the Parliament have security forces taking firing positions. Please don’t shoot at our country’s youth. They’re not making any unreasonable demands. They just want accountability for students dying because of govt incompetence!
How can this be the response?
शहीद होकर फिर जन्म लूँगा…
Jantar Mantar पर करीब 11.30 बजे बुरी तरह लाठीचार्ज हुआ, कई लोग घायल हुए हैं और कोई बदहवास। कुछ को स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया
एक ऐतिहासिक घड़ी के गवाह बन रहे हैं।
आज संसद की ओर जाने वाली हर सड़क पर युवा हैं। पचास साल बाद उन्होंने फिर याद दिलाया है - संसद का रास्ता सड़क से होकर जाता है।
#संसद_मार्च#DharmendraPradhanResign
सदन किस किस तरह का ‘बढ़िया भरोसा’ देकर तालियाँ पिटवा लेते हैं ये मंत्री लोग!
लोकसभा में दिया गया 18 मार्च 2021 का भाषण है ये नितिन गडकरी का जिसमें वे एक साल के भीतर सारे टोल बूथ हटा कर GPS से टोल लिए जाने की बात कर रहे थे!
पांच साल बीत गए टोल बूथ अभी भी हैं और कईयों पर कई बार वाहनों की लंबी क़तार भी लगती है।
दरअसल पूरा ध्यान इथेनॉल बिज़नेस पर लगा देने से मंत्री अपना असल बिज़नेस तो भूल ही गए!
अब शायद कोई नई डेडलाइन देकर फिर ताली पिटवा
लेंगे। पब्लिक की मेमोरी शॉर्ट होती है।