🎭 हँसी के इस बादशाह को नमन
दिग्गज अभिनेता सतीश शाह जी (1951–2025) का आज 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे किडनी संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे।
सतीश जी ने हमें सिखाया कि हँसी किसी भी किरदार से जन्म ले सकती है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा।
🙏 ॐ शांति सतीश शाह जी
"इस फोटो में एक अनवांटेड पर्सन है…
फोटो देखते ही लग रहा है कि ज़बरदस्ती का फुटेज लेने की कोशिश कर रहा है,
लेकिन उसका मुँह देखने लायक है 😂😂
कुछ पर्सनल नहीं, जैसा फोटो में दिख रहा है बस वैसा ही कह रहा हूँ!"
#rinkusingh#priyasaroj
@KraantiKumar अगर भाजपा, जैसा कि अतीत में INDI गठबंधन और कांग्रेस ने आरोप लगाया था, ईवीएम म���ीन में हेराफेरी कर सकती है, तो फिर उसे मतदाता सूची में गड़बड़ी करने की ज़रूरत क्यों पड़ेगी?
और अगर ईवीएम में कोई हेराफेरी नहीं होती, तो फिर अतीत में वे इस तरह की झूठी ख़बरें क्यों फैला रहे थे?
अगर भाजपा, जैसा कि अतीत में INDI गठबंधन और कांग्रेस ने आरोप लगाया था, ईवीएम मशीन में हेराफेरी कर सकती है, तो फिर उसे मतदाता सूची में गड़बड़ी करने की ज़रूरत क्यों पड़ेगी?
और अगर ईवीएम में कोई हेराफेरी नहीं होती, तो फिर अतीत में वे इस तरह की झूठी ख़बरें क्यों फैला रहे थे?
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🇮🇳 गोविंद जायसवाल एक नाम नहीं,
एक भरोसा है — कि शिक्षा, मेहनत और ���त्म-विश्वास से कोई भी ऊँचाइयाँ छू सकता है।
🙏 अगर इस सच्ची कहानी ने दिल छू लिया —
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ताकि हम मिलकर और सपनों को उड़ान दें।
Thread 🧵
मुंबई के एक होटल में वेटर था — आज विदेशों में करता है भारत का प्रतिनिधित्व 🇮🇳
#IndiaInspires#RealStory#Motivation
1️⃣
नाम है गोविंद जायसवाल।
कभी मुंबई की एक छोटी होटल में वेटर का काम करते थे।
पैरों में चप्पल थी, लेकिन आँखों में सपना —
IAS बनने का।
7️⃣
कहानी का सार?
पैसे से नहीं, सोच से फर्क पड़ता है।
अगर सोच ऊँची हो, तो हालात भी झुक जाते हैं।
गोविंद की कहानी हम सबको याद दिलाती है —
"आप कहाँ से आते हैं, ये ज़रूरी नहीं।
आप कहाँ ��ा सकते हैं, ये मायने रखता है।"
Thread 🧵
अब्दुल नासर की कहानी — एक अख़बारवाले से IAS अफ़सर तक 🇮🇳
#IndiaInspires#Motivation#UPSC
1️⃣
जब शहर सोता था,
अब्दुल नासर जागते थे।
सुबह-सुबह अख़बार बाँटते थे —
क्योंकि यही ज़रिया था कोचिंग की फ़ीस चुकाने का।
5️⃣
मैंने ऐसे छात्रों को देखा है —
जो पहली बार ग्रेजुएट हुए,
जो कभी डिलीवरी बॉय थे, क्लर्क थे —
आज वे उन कमरों में बैठते हैं जिनका कभी सपना देखा था।
अब्दुल नासर की कहानी इस बात का सबूत है —
शिक्षा केवल इंसान नहीं बदलती,
पीढ़ियाँ बदल देती है।