JPSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. 2 अगस्त से भूख हड़ताल और 6 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी है. इस वीडियो में जानिए क्या है छात्रों की मांगें.
ये एक मिनट का वीडियो काफी है, जिससे साफ होता है कि JSSC CGL में जबरदस्त धांधली हुई थी।
अधिकारियों की क्या गलती है, वो सरकार के लिए काम करते हैं। आप उनसे उम्मीद मत रखिए कि अपनी नौकरी दांव पर लगाकर आपके लिए बोलेंगे, आखिर उनका भी परिवार है।
सूखे चावल खाकर भी झारखंड के गरीब, आदिवासी और ग्रामीण छात्र अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं।
हेमंत सोरेन जी, यदि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार हुआ है, नौकरी बेच दी गई है और उससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए। नौकरी की उम्मीदें छीनी जा सकती हैं, लेकिन इन छात्रों का हौसला नहीं।
याद रखिए...संघर्ष जितना लंबा होगा, न्याय की मांग उतनी बुलंद होगी।
हर अन्याय का हिसाब होगा।
हर युवा को न्याय मिलना चाहिए।
#Jharkhand #JPSC #JSSC #JusticeForStudents #StopExamCorruption #JharkhandStudents #YouthVoice #TransparentRecruitment
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand
"ठेका कर्मचारी तय करेंगे, कि हम अफसर बनेंगे या नहीं?"
JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि 10वीं के बच्चों को पढ़ाने वाले ठेका कर्मियों से उनकी आंसर शीट चेक करवाई जा रही है.
आखिर छात्रों ने ये आरोप क्यों लगाए? उनके दावे के पीछे की पूरी कहानी क्या है?
सरकार से युवाओं की ये भी मांगे है कि अगर आपको मार्केटिंग ही करनी है तो हर पेपर की एक तय कीमत सुनिश्चित करें,
ताकि युवा उस रकम के लिए अपनी किडनी बेच कर व्यवस्था करेंगे।
ये सुविधा केवल अपने चहेते को ही नहीं बल्कि हर युवाओं को भी मिलनी चाहिए।
#Johar#JPLMM
कल रांची में छात्रों ने JPSC और JSSC परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में कैंडल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफ़े की माँग की।
अब प्रशासन उन्हें टेंट तक नहीं लगाने दे रहा।
कहाँ हैं राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उनके पिट्ठू दीपके, दास और रंका?
दिल्ली में छात्रों के नाम पर सड़क पर उतरने वाले आज खामोश क्यों हैं?
दिल्ली में जो हुआ, वह छात्रों के हित की लड़ाई नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति थी। और आज झारखंड, पंजाब और कर्नाटक को लेकर विपक्ष की चुप्पी भी राजनीति ही है।
झारखंड, जिस धरती ने देश को खनिज दिए,उद्योगों को ताकत दी विकास की नींव मजबूत की… आज वहीं के युवा अपने ही हक़ के लिए सड़कों पर आवाज़ उठाने को मजबूर हैं।
सवाल उस शिक्षा और भर्ती व्यवस्था का है, जिस पर आज लगभग हर राज्य को गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है।
क्या इन छात्रों की आवाज़ भी 35–40 दिन तक यूँ ही अनसुनी रहेगी? क्या फिर किसी बड़े आंदोलन, किसी बड़ी घटना या किसी बड़े दबाव का इंतज़ार होगा?
अगर समय रहते छात्रों की गुहार सुन ली जाए… तो आखिर क्या हरज है? संवाद की शुरुआत इतनी देर से क्यों होती है?
झारखंड युवा पेपर लीक को लेकर सड़कों पर हैं लेकिन सरकार चैन की बंसी बजा रही है।
मीडिया का दोगलापन देखिए,
झारखंड के युवाओं की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है।
📍राँची, झारखंड
युवाओं के उलगुलान की हुंकार!
राँची की सड़कों पर झारखंड का युवा, हेमंत सरकार की भ्रष्ट नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष में उतर चुका है। अब युवा झुकेगा नहीं, जवाब लेकर रहेगा!
ASO संतोष मस्ताना ने #jssc cgl की CBI जांच की मांग किया है और कहा कि CID ने राज्य सरकार और इनके भ्रष्ट अधिकारियों के दबाव में निष्पक्ष रूप से जांच नहीं किया।
#CBI_FOR_JSSC_CGL#ResignHemantSoren
Jharkhand के युवा सपनों को ‘लैंडमाइन’ से उड़ा रहा है JPSC | जिस कंपनी को ब्लैक किया तो फिर इसी को क्यों दिया?
Watch the full video here:
https://t.co/qLzLtFEHox
@Abhinavpinch | JPSC Scam | Jharkhand News | Students Protest
इसको कौन फंडिंग कर रहा है ? @JmmJharkhand जो ऐसा खबर चला रहा है,
माननीय मुख्यमंत्री अबुआ राज्य के मुखिया श्री @HemantSorenJMM जी की छवि को धूमिल होने से बचाना है तो जल्द से जल्द इस्तीफा दिलवाया जाय और इसकी जांच CBI से कराया जाए
@Abhinavpinch@TheNewspinch@khurpenchh
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर उठ रहे सवाल paper leak से नौकरी की खरीद फरोख्त पर है ।
मुख्यमंत्री जी का ध्यान और दिल सब कोयले में मग्न है ।
ऐसा कइयों सालो से चल रहा है - सोचिए वनों की भूमि , रत्नगर्भा , Coal Capital, स्टील city , झरनों की भूमि
जैसे उपनामों से पुकारे जाने वाले झारखंड का भविष्य किन हाथों में जा रहा है ।
वक़्त है कि coal माफियाओ के साथ exam घोटाले माफियाओ को भी उखाड़ फेंकने का ।
झारखंड देश का ख़ूबसूरत हिस्सा है - सबको आवाज़ बुलन्द करनी होगी ।