@sanjaygupta1304 कैसे भूल सकते हैं जब COVID जैसी महामारी म��ं परीक्षा ले ली तो ये तो फिर भी बारिश है , सुनवाई का सवाल ही नहीं उठता ,
करुणा , सम्वेदनशीलता , ये सब अभ्यर्थियों के पढ़ने के लिए ही सिलेबस में जोड़े है बस
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आं��ोलन ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
VIDEO | Indore: MPPSC aspirants stage a protest over vacancies, delays and alleged scams in examinations.
(Full video available on PTI Videos- https://t.co/dv5TRAShcC)
आयोग चलो! || इंक़लाब ज़िंदाबाद ||
MPPSC की विभिन्न मांगों को लेकर हाईकोर्ट की अनुमति से 24–27 जनवरी तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी है।
कम पद, लाखों अ��्यर्थी, अपारदर्शी प्रक्रिया—अब बदलाव ज़रूरी है।
पोस्ट बढ़ें, कॉपी दिखाई जाए, इंटरव्यू व परीक्षा प्रणाली में सुधार हो।
अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों—आज अभी आयोग पहुँचें
#MPPSC_Article19_सत्याग्रह
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2_0
सड़क पर नौजवान रात रात भर बैठे हैं.
रोजी के लि�� लड़ाई लड़ रहे हैं.
पर ये सब चीज़ें मुद्दा ना बन पाएं, सरकारें इसकी पूरी कोशिश में हैं. पर ये बात आप समझ पाएं. तब ना.
#MPPSC_PROTEST
यह मध्यप्रदेश इंदौर पुलिस है । इनका एक ही काम है सरकार के खिलाफ कोई कुछ न बोले #MPPSC आंदोलन में भीड़ जुटी तो हटवाने के लिए सारे प्रयत्न किए जाएंगे! अगर इन युवाओं हाईकोर्ट की मंजूरी नहीं होती तो अब तक केस लगाकर अंदर कर दिए जाते!
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए भांजे - भाजियां 😆
कुछ लोग कहेंगे MPPSC के छात्र मांगो को
लेकर सड़कों पर उतरे है !
#MPPSC_भर्ती_सत्याग���रह #MPPSC_PROTEST
भाजपा किस गलतफ़हमी में है कि दिन-रात SC/ST और OBC के आरक्षण की ही बात करेगी और सवर्ण समाज पर लगातार अत्याचार/शोषण करती रहेगी, और हम सिर्फ़ इस डर से इन्हें वोट दे देंगे कि अगर नहीं दिया तो कांग्रेस आ जाएगी? एक बार यही डर दिखाकर SC/ST समाज से भी ऐसे ही वोट लेकर दिखा दो। #सामान���य_वर्ग_भाजपा_छोड़ो
धन्यवाद @ajeetbharti जी,
आप ���े वो सच बोलने की हिम्मत की है जो कई तथाकथित RW हैंडल्स नहीं कर पा रहे!!
आज इस देश में वोटबैंक के चक्कर में जनरल केटेगरी को दरकिनार कर दिया गया है और समानता के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
MP का आरक्षण केस इसी का उदाहरण है!
🚨 मध्य प्रदेश की समानता
सीधी भर्ती में 73% आरक्षण फिक्स ✅
बाकी 27% भी सबके लिए ओपन ✅
जनरल कैटेगरी के लिए? ❌ ZERO ❌
मतलब पढ़ाई भी करो, टैक्स भी भरो, और आख़िर में सिस्टम बोले –
अबे तेरा क्या ��ै…? तेरे लिए तो कुछ है ही नहीं।
CM @DrMohanYadav51 जी का ये फैसला जनरल युवाओं को बेरोज़गारी की सीधी गारंटी है।
अब जनता जनार्दन ही बताएं – क्या जनरल कैटेगरी सिर्फ ATM Machine है?
💥 ये आरक्षण नहीं, जनरल के सपनों की सुपारी है।
3000 साल पहले कौन-सी जाति थी, किसने किसका शोषण किया। इसका कोई ठ��स सबूत किसी के पास नहीं है। लेकिन मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी गईं कि ऊँची जाति वालों ने नीची जाति वालों का शोषण किया।
👉 यह कहानी इतनी बार दोहराई गई कि हिट न��रेटिव बन गई।
👉 नेताओं को तैयार मुद्दा मिल गया — आरक्षण की अफीम पर ही पूरी राजनीति खड़ी कर दी।
👉 चुनाव आते ही इन्हीं शोषित कहानियों का ढोल पीटा जाता है।
📌 आज की सच्चाई
General Category के बच्चों से मोटी फीस वसूली जाती है।
सीटें सीमित कर दी जाती हैं, ताकि आरक्षित वर्ग का दबदबा बना रहे।
एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाने के बावजूद जनरल स्टूडेंट्स को धकेल दिया जाता है।
वही शोषित कहे जाने वाले वर्ग का पूरा खानदान सरकारी नौकरी और सरकारी सुविधाओं का मज़ा ले रहा है।
सवाल है कि आखिर जनरल कैटेगरी में पैदा होना अपराध है क्या?
कब तक मेहनती छात्रों को मनगढ़ंत शोषण की कहानियों की कीमत चुकानी पड़ेगी?
क्या आरक्षण अब सामाजिक न्याय है या सिर्फ राजनीतिक हथकंडा?
👉 समय आ गया है कि इस अन्याय पर खुलकर सवाल पूछे जाएं।
🚨 जनरल कैटेगरी युवाओं के साथ हो रहा भेदभाव अब बंद होना चाहिए।
सालों से जनरल कैटेगरी के युवा :
बिना किसी रियायत के सबसे महँगी फीस चुका रहे हैं।
मेरिट से अंक लाने के बावजूद सबसे ऊँचे कटऑफ झेल रहे हैं।
स्कॉलरशिप और फेलोशिप से लगातार वंचित हैं।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण की दीवार से बाहर धक��ले जा रहे हैं।
दूसरों के लिए फ्री सुविधाएँ देने वाले सबसे ज़्यादा टैक्स भरते हैं।
गरीबी में जीने के बावजूद, रोज़ “प्रिविलेज्ड” कहकर ताने सुनते हैं।
👉 यह अन्याय अवसर की कमी नहीं , बल्कि साफ तौर पर वोट-बैंक राजनीति है।
👉 मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य को चुनावी समीकरणों की बलि चढ़ाना, मध्यप्रदेश की असली क्षमता को बर्बाद करना है।
मैं मध्यप्रदेश के जनरल कैटेगरी युवाओं के साथ खड़ा हूँ।
उनकी मेहनत , उनके सपने और उनकी कुर्बानियाँ अब और अनदेखी नहीं की जा सकतीं।
✅ निष्कर्ष :
अब वक्त है मेरिट को मान्यता देने का, तुष्टिकरण खत्म करने का और सभी नागरिकों को समान अवसर देने का।
कोई लोकतंत्र तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक उसके सबसे होनहार दिमाग़ों को सिर्फ़ राजनीतिक कोटे की वजह से सज़ा दी जाती है।
मध्यप्रदेश में 73% आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने की तैयारी है!
आज सवर्ण संगठनों, अधिवक्ताओं और केस लड़ने वाले छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी बात रखी!
अब इस लड़ाई में हम सबको इनका साथ देना है!
इनकी आवाज़ सरकार के कानों तक पहुंचाएं🙏
#Support_MP_Unreserved
मध्यप्रदेश सरकार ने OBC आरक्षण बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े वकील खड़े किए हैं!
अब OBC वकीलों ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वो सरकार की तरफ से मुफ्त केस लड़ने को तैयार हैं!
लेकिन अफ़सोस कि जनरल केटेगरी के छात्रों के लिए एक भी वकील आगे नहीं आया!
ये है सच्चाई हमारे समाज की!