@ManishRaiBharat संस्कृत में लिख दिया तो बस अपमान हो गया? 😄 फिर तो संस्कृत पढ़ने वालों को भी ज़रा संभलकर रहना चाहिए। अगर ��िसी बात में आपत्ति है, तो उस बात या संदर्भ पर सवाल उठाइए, केवल भाषा देखकर अपमान तय करना थोड़ा अजीब तर्क है।
3 rupee wala parle g biscuit ho app. 🤣🤣
@bharat12345678_@VImvinit007 भाई, लिखा हुआ पढ़ना भी एक कला है… और लगता है ये कला तुम्हें अभी सीखनी है। 😂 वरना कहीं ऐसा न हो कि लिखा हो “मामा” और तुम पूरे आत्मविश्वास से “पापा” पढ़ दो।
@kushal_mehra Kushal Bhai, kam se kam aise decisions pr to mat defend karo, Her baar defend krna jarrori nhi hota na bhai. Sab ko pata hai ghum fir kr ye charges common citizens pr hi aayengi. Checue kya, lene ko to goods k badle goods bhi le skte hai. her tech ka premium lena jarrori to nahi
@sumit1kalra ये सब हर भारतीय के लिए हुआ है, फिर SC/ST and Muslims को अलग से इतना तेल क्यों लगाया जा रहा है?
जातिगत आरक्षण, SC/ST Act और UGC के जाति-आधारित नियम भी चाहिए, जबकि विकास सबके लिए है।
लगता है समानता भी वोट-बैंक ��ेखकर तय होती है! 😉
एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।
मैं अपने विरोधियों से भी कहना चाहता हूं—मौत तो एक दिन आनी ���ै, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और मेरा साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
आज सवाल सिर्फ मेरी सुरक्षा का नहीं है। जब सुरक्षा प्राप्त एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जै���ी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी इतने बेखौफ हों, तो सोचिए इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी?
मैं अपने साथियों से भी कहना चाहता हूं—डरने की जरूरत नहीं है। संघर्ष जारी रहेगा। मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।
जय भीम!
जवाब - बाबासाहेब, संविधान और कानून की किताब के आधार पर।
संविधान का नाम लेना बहुत आसान है, बस एक छोटी-सी दिक्कत है
इसे पढ़ भी लिया जाए तो पता चलेगा कि संविधान आपके घर की पानी की टोंटी नहीं है।
कानून के कुएँ से सबको पानी मिलत��� है, ये कोई “ठाकुर का कुआँ” नहीं है। 😂 @Nishuazad11
जिस व्यक्ति स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरा सिर फाड़ा, मुझे खुलेआम धमकी दी और मुझे जान से मारने की कोशिश की, आज उसे जमानत दे दी गई। उसने मेरी बच्ची को भी धमकी दी है और उसके खिलाफ कई ��ुकदमे हैं।
मेरा सवाल है कि इस व्यक्ति को जमानत कैसे दे दी गई? क्या गरीब और कमजोर व्यक्ति को इस देश में न्याय मिलता है? कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं दिखता?
मैं माननीय CJI, राष्ट्रपति महोदया, प्रधानमंत्री जी, राहुल गांधी जी और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद जी से निवेदन करता हूँ कि इस मामले का संज्ञान लिया जाए और जमानत पर कानूनी रूप से पुनर्विचार कर मेरे और मेरी बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।@indSupremeCourt
@rashtrapatibhvn @PMOIndia @RahulGandhi @BhimArmyChief
न्याय चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं।
जय भीम | जय संविधान | जय भारत
@Sadhvi_prachi ji, मोदी ji-योगी ji की आरती में तो आपकी टाइमलाइन हमेशा जगमगाती रहती है साध्वी जी, कभी भगवान की कथा, भजन, पूजा या आरती से भी टाइमलाइन रोशन कर दीजिए।
वरना लोग पूछेंगे “साध्वी” नाम सिर्फ राजनीति के लिए है क्या? @ajeetbharti#Ugc_rollbeack#RRA
@Profdilipmandal दहेज हत्या, बलात्कार, पॉक्सो और SC/ST Act = एक टोकरी।
Prima facie, दहेज हत्या में मृत्यु, बलात्कार में sexual act, POCSO में child sexual offence। वहीं SC/ST Act की कुछ धाराओं में कथित caste insult/act होता है, जिसमें prima facie कुछ दिखता तक नहीं, आरोप ही घटना का आधार होता है।