आज रविवार है भैरूजी का वार हैं सबको पता है हर रविवार @NFUofficial1 के सदस्यों को आपस में जोड़ने का प्रोग्राम रहता है, इस ट्वीट को #रिट्वीट करें और रिट्वीट करने वाले आपस में एक-दूसरे को फॉलो कर लें।
#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन
सिटीजन SSO ID से गवर्नमेंट SSO ID में updation की नई प्रक्रिया -
SSO Transfer Request by office login — Step-by-Step
1. यह प्रक्रिया कर्मचारी स्वयं नहीं करता — संबंधित Government official अपनी Official SSO ID से Login करेगा। फिर एप्लीकेशन्स में ईमेल रिक्वेस्ट नाम से एक app सर्च करना है।
2. Email Request → SSO Transfer Request पर जाएँ। ( बाईं साइड में रिबन पर)
3. Section A में कर्मचारी की जानकारी भरना प्रारंभ करें: नाम, पद, विभाग मोबाइल/ईमेल
Employee ID/SIPF No.
DOB, Retirement/Contract End Date
वर्तमान Citizen SSOID
( सारी जानकारी वर्तमान सिटीजन SSO ID के अनुसार होनी चाहिए)
4. Section B: Approval/Appointment Letter की PDF (अधिकतम 1 MB) Upload करें।
5. Section C: Remarks चाहें तो भरें।
6. Declaration पर ✓ करें।
7. Submit करें।
8. Verification/Approval के बाद Citizen SSOID → Government SSOID में Transfer/Link हो जाएगी।
अजमेर से एसआई भर्ती परीक्षा देकर नागौर लौट रहे अभ्यर्थियों को राजस्थान रोडवेज की बस के चालक द्वारा मेड़ता सिटी में ही उतार दिए जाने की जानकारी दूरभाष के माध्यम से प्राप्त हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही मैंने तत्काल जिला कलक्टर, नागौर से दूरभाष पर बात कर आवश्यक निर्देश दिए तथा सभी अभ्यर्थियों को रोडवेज बस के माध्यम से सुरक्षित नागौर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों को इस तरह बीच रास्ते में छोड़ना उचित नहीं है। अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए तत्काल राहत पहुंचाना आवश्यक था।
@RajGovOfficial
आज रविवार के दिन बेरोजगार, किसान की आवाज बुलंद करने वाले @NFUofficial1 के सभी सदस्यों को आपस में जोङने का कार्यक्रम रहता है।
इसके लिए इस पोस्ट को रिपोस्ट करें और रिपोस्ट वाले एक-दूसरे से जुड़े 🙏🙏
#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन
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महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान सहायक कर्मचारी संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष श्री नरपत सिंह जी द्वारा सामुदायिक भवनों जैसे विद्यालय भवनों एवं चिकित्सालय भवनों की साफ-सफाई का कार्य ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों के माध्यम से करवाए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र प्रस्तुत किया गया है।
नियमानुसार विद्यालयों एवं चिकित्सालयों की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अलग से बजट का प्रावधान किया जाता है। इस बजट के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा अधिकृत संवेदकों/ठेकेदारों के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाकर साफ-सफाई का कार्य करवाया जाना चाहिए।
हमारा प्रयास है कि इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करवाया जाए, ताकि विद्यालय परिसर की नियमित एवं उचित साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके। विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्राम पंचायत के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था भी की जाये ।
वर्तमान में कुछ स्थानों पर नवचयनित सहायक कर्मचारियों पर साफ-सफाई का कार्य करने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने या उनसे पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसी स्थिति पूर्णतः अनुचित है और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।
कोई भी सहायक कर्मचारी अन्याय और अनुचित दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। हम सभी सहायक कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार एवं उचित कार्य-व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक एवं नियमसम्मत तरीके से लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
हमारा उद्देश्य किसी संस्था प्रधान का विरोध करना नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार सहायक कर्मचारियों को उनका उचित कार्यक्षेत्र एवं सम्मान दिलाना है।
🙏 एकता ही हमारी ताकत है। अधिकारों के लिए संगठित रहें। 🙏
— प्रवेश शर्मा
📢 प्रोबेशन में पूर्ण वेतन क्यों जरूरी है?
प्रोबेशन कोई बेरोजगारी का दौर नहीं है।
प्रोबेशन में कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकार के लिए कार्य करता है, कार्यालय में निर्धारित समय देता है और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करता है।
फिर सवाल यह है कि—
जब काम पूरा है, जिम्मेदारी पूरी है, ड्यूटी पूरी है, तो वेतन आधा-अधूरा क्यों?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान प्रोबेशन व्यवस्था जिस आर्थिक परिस्थिति में बनी थी, उस समय और आज की आर्थिक परिस्थितियों में जमीन-आसमान का अंतर है।
2016 में जिस महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखकर वेतन व्यवस्था चली, आज 2026 है। पिछले 10 वर्षों में किराया, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेट्रोल-डीजल, बिजली, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों के खर्च में भारी वृद्धि हो चुकी है।
आज का युवा कर्मचारी वही पुरानी आर्थिक व्यवस्था लेकर अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूर है।
👉 2016 की आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर तय व्यवस्था को 2026 की महंगाई में लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
👉 कर्मचारी से 2026 के स्तर का काम और जिम्मेदारी लेना, लेकिन आर्थिक सहायता पुरानी परिस्थितियों के अनुसार देना न्यायसंगत नहीं है।
👉 प्रोबेशन में आने वाला कर्मचारी भी घर का किराया देता है, परिवार चलाता है, बच्चों की शिक्षा कराता है, आने-जाने का खर्च उठाता है और अपने माता-पिता की जिम्मेदारी निभाता है।
सरकार में नई भर्ती होने वाला युवा कोई प्रशिक्षु मात्र नहीं है; वह एक जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी है।
इसलिए हमारी मांग किसी अतिरिक्त सुविधा की नहीं, बल्कि न्यायसंगत और सम्मानजनक वेतन व्यवस्था की है।
हमारी मांग स्पष्ट है—
“प्रोबेशन में पूर्ण वेतन दिया जाए।”
क्योंकि
काम पूरा → जिम्मेदारी पूरी → ड्यूटी पूरी → तो वेतन भी पूरा होना चाहिए।
आज 2016 नहीं, 2026 है।
महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, इसलिए वेतन व्यवस्था में भी समय के अनुसार बदलाव जरूरी है।
युवा कर्मचारी को आर्थिक दबाव नहीं, सम्मान और सुरक्षा चाहिए।
✊ प्रोबेशन में पूर्ण वेतन — समय की मांग है।
✊ समान काम के लिए सम्मानजनक वेतन — कर्मचारी का अधिकार है।
@RajCMO@BhajanlalBjp
महत्वपूर्ण सूचना
शिक्षा विभाग में चयनित सभी सहायक कर्मचारियों से निवेदन है कि इन दोनों आदेशों/पत्रों को अपने-अपने विद्यालय के WhatsApp ग्रुप एवं PEEO ग्रुप में अवश्य शेयर करें। साथ ही, संभव हो तो इनका प्रिंट निकलवाकर संस्था प्रधान को भी उपलब्ध करवाएं।
आदेशों के अनुसार विद्यालय परिसर को सामुदायिक भवन के रूप में माना गया है तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विद्यालय परिसर एवं विद्यालय के शौचालयों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से ग्राम पंचायतों को अलग से बजट/फंड उपलब्ध करवाया जाता है।
👉 इसलिए सहायक कर्मचारी की जिम्मेदारी पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई करना नहीं है। सहायक कर्मचारी विद्यालय भवन के कमरों आदि की निर्धारित साफ-सफाई के कार्य के लिए जिम्मेदार है, लेकिन पूरे विद्यालय परिसर एवं शौचालयों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की व्यवस्था के अनुसार की जानी चाहिए।
इस संबंध में सभी सहायक कर्मचारी अपने संस्था प्रधान से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करें कि वे संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (VDO) से संपर्क कर ग्राम पंचायत के माध्यम से विद्यालय परिसर एवं शौचालयों की साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करवाएं।
✊ अब विद्यालय परिसर की सफाई के लिए सहायक कर्मचारी अपनी जेब से पैसा नहीं देगा।
सभी साथी नियमों एवं उपलब्ध सरकारी आदेशों के अनुसार ही अपनी बात रखें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचते हुए संबंधित अधिकारी के समक्ष उचित तरीके से अपनी समस्या रखें।
एकता बनाए रखें — नियमों की जानकारी रखें — अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
कई बार मेने आपके लिए भला-बुरा बोला दिल से क्षमा चाहता हूं भाई ~ @HANUMANKISAN जी आज आपका साथ आना बहुत कुछ समझा गया !!
sorry Brother really 🥺 ❤️
आप साथ हैं तो हम ये लड़ाई अवश्य जीतेंगे !!
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एकता जिंदाबाद ✊✊
@saten_08 भाई भी साथ हैं कुछ तो हल निकलेगा
शिक्षा विभाग के सभी विद्यालयों में प्रोबेशन पीरियड के दौरान भी 2nd Saturday का अवकाश देय है। इसे क्षतिपूर्ति आकस्मिक अवकाश (CCL) के रूप में माना जाता है।
कोई कर्मचारी अगर यह अवकाश 2nd Saturday को नहीं लेता है तो अगले दिनों में किसी भी दिन प्राप्त कर सकता है।
यदि किसी विद्यालय के संस्था प्रधान द्वारा 2nd Saturday का अवकाश देने से मना किया जाता है, तो संबंधित कर्मचारी इसकी शिकायत राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर दर्ज करवा सकते हैं।
सहायक कर्मचारियों के अधिकारों के बारे में मेरे द्वारा समय समय अवगत करवाया जाता रहेगा।
नोट: यह अवकाश मंत्रालयिक कर्मचारियों एवं सहायक कर्मचारियों के लिए देय है।
-- प्रवेश शर्मा
नागौर जिले में स्थित बुटाटी धाम में सामने आया कथित करोड़ों रुपये के गबन का मामला बेहद गंभीर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ है। मंदिर में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा, विश्वास और सेवा भाव से चढ़ावा चढ़ाते हैं, लेकिन यदि उसी धन में अनियमितताओं और गबन के आरोप सामने आते हैं तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि धर्म और जनभावनाओं के साथ विश्वासघात है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से मेरी अपील है कि सरकार इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी
कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता एवं श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
आस्था पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
@RajCMO@PoliceRajasthan
आज #रविवार भैरूजी का वार है प्रत्येक रविवार को @NFUofficial1 के सदस्यों को आपस में जोड़ने का कार्यक्रम रहता है 🫂
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#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन
बाडमेर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का पेपर देने जा रहे बेरोजगार युवक के साथ मारपीट निदनीय है..!!
रोडवेज बस कंडक्टर को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए लोकसेवक का आमजन के साथ ऐसा व्यवहार असहनीय है.!!
@RajCMO@BhajanlalBjp
बस परिचालक ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी पर किया हमला।
यह हमला किसी एक बेरोजगार युवा के ऊपर नहीं हुआ यह समस्त बेरोजगारों के ऊपर हमला है।
अतिशीघ्र इस परिचालक को माफी मांगनी होगी।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि क्या आपकी सरकार में फायर सेफ्टी भी अब "जुर्माना भरो और कारोबार चलाओ" योजना बन चुकी है?
क्या आपकी सरकार यह बताना चाहती है कि फायर NOC और अग्नि सुरक्षा मानकों की कीमत सिर्फ 50 हजार रुपये है?
पहले बड़े-बड़े दावे कर कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट सील किए गए, मीडिया में सुर्खियां बटोरी गईं, फिर मामूली जुर्माना लेकर भवनों की सील खोल दी गई।
जनता का सरकार से प्रश्न है कि अगर सुरक्षा मानक पूरे नहीं थे तो संस्थान दोबारा कैसे खुल गए? और अगर पूरे थे, तो पहले सील क्यों किया गया?
ऐसे कृत्यों से लग रहा है कि राजस्थान में जनता की सुरक्षा नहीं, बल्कि जुर्माना वसूलना ही सरकार की प्राथमिकता बन गई है।
राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री और नगरीय विकास मंत्री को इस मामले में सार्वजनिक वक्तव्य देना चाहिए |
@RajCMO@RajGovOfficial
राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर सरकार की कथित "जीरो टॉलरेंस" नीति की सच्चाई अब एक-एक कर सामने आ रही है।
जिस व्यक्ति पर 10 पेपर लीक मामलों में वारंट जारी हैं, जो लंबे समय से फरार बताया जा रहा है, उसके परिवार को फरारी के दौरान ही 20 करोड़ रुपये का बजरी खनन ठेका मिल जाना भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहते है कि क्या यही है भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई?
क्या फरार आरोपियों और उनके नेटवर्क को सरकारी संरक्षण मिल रहा है ?
क्या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?
राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवा वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसे व्यक्ति के परिवार को करोड़ों का सरकारी ठेका दिया गया?
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की राज्य सरकार से मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और यदि किसी भी स्तर पर मिलीभगत या संरक्षण सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
युवाओं के भविष्य से समझौता और भ्रष्टाचार पर पर्दा—दोनों किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते।
@RajCMO