दिल्ली में 17 साल की लड़की का गैंगरेप करके उसकी लाश को खुले मैदान में फेंक दिया गया
यह बर्बरता और दरिंदगी देश की राजधानी में हुई - और अमित शाह की दिल्ली पुलिस सोती रही
किसी की कोई जवाबदेही नहीं है
मुख्यमंत्री दीप प्रज्वलन में व्यस्त हैं और गृह मंत्री लोकतंत्र का दमन करने में
बीजेपी और उनके मंत्रियों का पूरा तंत्र मिलकर लगातार मुझ पर हमला कर रहा है। बीजेपी ही नहीं, बीजेपी के सहयोगी दल (इनेलो, जजपा) भी दिन-रात मुझे और हुड्डा साहब को निशाने पर लेते हैं, क्योंकि हम पूरी ईमानदारी से जनता की आवाज उठाते हैं।
हमने संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। जब तक सच्चाई और ईमानदारी की जीत नहीं होती और बीजेपी का सफाया नहीं होता, हमारी गाड़ी का पहिया नहीं रुकेगा।
📍होडल
@SanjaySDutt@BhupinderShooda@raonarenderinc@INCHaryana
शुक्र मनाओ भाजपाई 1980s ट्रेंड चला रहे हैं कहीं नसबंदी काल का 1974s/75s का ट्रेंड चला देते तो सबके कनेक्शन कटने ओर भेष बदलकर भागने की फोटो सामने आ जाती।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने मोदी सरकार से शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही मांग रहे उन छात्रों से मुलाकात की जिनके सपनों को गोलियों से भून दिया गया।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
@DelhiJalBoard न्यूं सीलमपुर जल बोर्ड ऑफिस का तो काम करने का तरीका ही गज़ब है।दो महीने बाद मीटर रीडर अगर आते हैं तो रीडिंग लेने के बाद बिल का मैसेज ही नहीं भेजते। फिलहाल तो हर दो महीने बाद रीडर ही बदल जाते हैं।जून से अब तक मीटर रीडिंग के लिए कोई आया ही नहीं एफ ब्लॉक @gupta_rekha
@DelhiJalBoard@gupta_rekha मेरा Kno. 7558050000 अपनी मर्जी से रीडिंग चैक करने आते हैं लेकिन रीडिंग के बाद कितना बिल आया उसका आजतक मैसेज नहीं आया। 2022 जून से मीटर लगवाकर गलती कर दी। जून की रीडिंग के बाद अभी तक दोबारा पधारे ही नहीं रीडर हर 2 महीने बाद नया रीडर आएगा चल रहा है न्यूं सीलमपुर विभाग में
साल 2026 में अभी तक इंडियन इक्विटी मार्केट से तकरीबन 250 लाख करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं।
• मोदी जी, अगर हमारे देश की इकॉनमी ग्रोथ इतनी अच्छी है, तो इन्वेस्टर्स यहां से अपना पैसा क्यों निकाल रहे हैं?
• अगर देश की इकॉनमी इतनी जबरदस्त है, तो इकॉनमी का एक्सपोर्ट शेयर पहले के मुकाबले इतना कम क्यों है?
जब डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 58 रुपए था, तब मोदी जी और BJP वाले कहते थे कि रुपया वेंटिलेटर पर है, लेकिन आज रुपया 95 रुपये के आसपास पहुंच गया है।
हमें समझना पड़ेगा कि देश के लोग सिर्फ इन आंकड़ों पर विश्वास नहीं करते। जनता यह जानना चाहती है कि अगर इकॉनमी इतनी मजबूत है, तो उसका असर जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा?
देश में अभी भी बहुत समस्याएं हैं और भविष्य में दिक्कतें और बढ़ने वाली हैं, लेकिन सरकार इससे बेखबर है और ये सिर्फ आंकड़ों को बेच रहे हैं।
इसलिए हमारी राय है कि नरेंद्र मोदी, जमीन पर आएं और जनता से उनका हाल जानें।
: @SalmanSoz जी