भारत कोई मठ नहीं, बल्कि एक संवैधानिक गणराज्य है। और राज्य किसी धर्म-विशेष की जागीर नहीं।
इस स्पष्ट उल्लेख के बावजूद एक कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा परेड और सलामी (Guard of Honour) दी जाती है—यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि संविधान पर खुला हमला है।
सलामी और परेड राज्य की संप्रभु शक्ति का प्रतीक होती है। यह सम्मान संविधान, राष्ट्र और शहीदों के नाम पर दिया जाता है।किसी कथावाचक, बाबा या धर्मगुरु का रुतबा बढ़ाने के लिए नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तथाकथित रामराज्य में अब हालात ये हैं कि—आस्था को संविधान से ऊपर,धर्म को कानून से ऊपर और कथावाचकों को संवैधानिक पदों से ऊपर बैठाया जा रहा है।
यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन अब संविधान के प्रति जवाबदेह नहीं, बल्कि धार्मिक सत्ता के आगे नतमस्तक है। यह एक ख़तरनाक परंपरा की ओर इशारा करता है, जहाँ राज्य धीरे-धीरे अपने संवैधानिक चरित्र को त्याग रहा है।
सवाल उठते है— पुंडरीक गोस्वामी हैं कौन?, वे कौन-सा संवैधानिक पद धारण करते हैं?, किस कानून या प्रोटोकॉल के तहत उन्हें Guard of Honour दिया गया?, क्या अब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पहचान ही नया सरकारी प्रोटोकॉल है?
मुख्यमंत्री @myogiadityanath को याद दिलाना ज़रूरी है—
1. संविधान की प्रस्तावना भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करती है, किसी एक धर्म का सेवक नहीं।
2. अनुच्छेद 15: धर्म के आधार पर विशेषाधिकार देना असंवैधानिक है।
3. अनुच्छेद 25–28: राज्य धर्म से दूरी बनाए रखेगा, चरणवंदना नहीं करेगा।
इसका साफ़ मतलब है—संविधान सर्वोच्च है—कोई धर्म नहीं। राज्य का कोई धर्म नहीं होता।
जय भीम,जय भारत,जय संविधान,जय विज्ञान
@UPGovt@CMOfficeUP@dgpup
@TejashwiYdvRJD@yadavakhilesh@BhimArmyChief@asadowaisi
आदरणीय तेजश्वी जी जब NDA
चिराग पास्वाँन
जीतन राम मांझी
उपेंद्र कुशवाह
को साथ रख कर चुनाव लडी
तो क्या आप आजाद समाज पार्टी
Aimim को साथ नही लड़ सकते थे
आप का ये हाल हुआ
अगर अखिलेश यादव ने भी यही गलती की 2027 मै तो इनका भी यही होगा
@yadavakhilesh@BhimArmyChief@Mayawati
माननीय अखिलेश यादव जी आप का PDA यही है जिस की रट आप हर दिन लागते रहते हो
अब आपके चाचा ने जो घटिया मानसिकता दिखाई है सेना की जाबांज अफसर को जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करके उसको अपमानित करने का काम किया है अपने चाचा पार्टी से कब निकाल रहे
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के राज में उत्तर प्रदेश में बहुजनों की कहीं कोई सुनवाई नहीं।न्याय की जगह जातीय दंभ का बोलबाला है। कानून नहीं, लाठी और जात की हनक चल रही है।
16 अप्रैल 2025, रात 9:30 बजे – थाना एत्मादपुर, आगरा के अंतर्गत नगला तल्फी (गहरी) निवासी दलित समाज की बेटी की बारात जब कृष्णा मैरिज होम, कोशर रोड पर पहुँची, तो जातीय आतंकियों ने उस पर फरसे और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
दलित युवक के सिर पर फरसे से वार किया गया, घोड़ी को गिराया गया, महिलाओं से गहने छीने गए, बारातियों को बंधक बनाया गया। हमलावरों ने खुलेआम जातीय दंभ के साथ कहा –"हमारी गली से दलित की बारात नहीं निकलेगी!"
डर और अपमान के माहौल में दूल्हे को किसी अन्य शादी के मैरिज होम में छुपा कर उसकी जान बचाई गई।
अत्यंत पीड़ादायक यह है कि FIR दर्ज कराने में भी पुलिस टालमटोल कर रही है,हद तो ये है आरोपियों ने थाने में ही पुलिस के सामने ही पीड़ितों को धमकाया।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि इसी तरह की एक और घटना आगरा जिले के ही फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में ठीक एक दिन पहले घटित हुई, जहाँ गांव बसेरी काजी में दो दलित बेटियों की बारातों पर जातीय आतंकियों द्वारा हमला किया गया।बरातियों को पीटा, उसके बाद दुल्हन के पिता और चाचा के साथ भी मारपीट की गई। परंतु वहाँ भी पुलिस ने उचित कार्यवाही करने के बजाय मामले को दबाने और लीपापोती करने का प्रयास किया।
यह हमला केवल बारात पर नहीं – पूरे दलित-बहुजन समाज की गरिमा और हमारे संविधान पर हमला है।
@UPGovt से हमारी माँगें:
1. सभी नामजद जातीय आतंकियों की अविलंब गिरफ्तारी हो
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और BNS की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज हो
3. घटना के दौरान लापरवाही बरतने, FIR दर्ज नहीं करने पर पुलिसकर्मियों पर तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही हो
@NCSC_GoI@CMOfficeUP@myogiadityanath
जब पूरा देश भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती मना रहा है — उस महामानव को जो ज्ञान, न्याय और समानता के प्रतीक थे — उसी दिन देशभर में उनके अनुयायियों पर हमले किए जा रहे हैं। कहीं उनकी मूर्तियाँ तोड़ी जा रही हैं, कहीं पोस्टर-बैनर फाड़े जा रहे हैं, और कई जगहों पर पहले जयंती कार्यक्रमों की अनुमति दी गई, लेकिन बाद में उन्हें निरस्त कर दिया गया। इससे आयोजकों को आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि अपमान और मानसिक आघात झेलना पड़ा।
इतना ही नहीं — कहीं भगवान बुद्ध की मूर्ति तोड़ी गई, जो बाबा साहेब के मार्ग और बहुजन चेतना के प्रतीक हैं। क्या ये सब सिर्फ संयोग है? या फिर एक सुनियोजित साज़िश?
उत्तर प्रदेश के एटा में अनिल को गोली मार दी गई,मध्य प्रदेश के मुरैना में संजय जाटव को गोलियों से भून दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई एवं इसी मामले में रानू जाटव गंभीर रूप से घायल हो गया— सिर्फ इसलिए कि वे बाबा साहेब के विचारों से जुड़े थे?
हरदोई के बिलग्राम में दलितों पर जानलेवा हमला हुआ।
और अब आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव दौलताबाद में बाबा साहेब की जयंती के बैनर-पोस्टर फाड़ने का विरोध करने पर टीकू नामक युवक को पीटा गया, जातिसूचक गालियाँ दी गईं — आखिर क्यों? क्या इस देश में अब संविधान से जुड़ना, बाबा साहेब का सम्मान करना, अपनी अस्मिता पर खड़े रहना — अपराध बन गया है?
ये हमले केवल दलितों पर नहीं — ये संविधान, लोकतंत्र और समता के मूल्यों पर हमले हैं।
कार्यक्रमों की मनमानी निरस्तीकरण, और हिंसा पर लचर रवैया — ये सब दिखाता है कि आज की व्यवस्था जातिवादी सोच के सामने घुटने टेक चुकी है।
हम साफ कह देना चाहते हैं : अब समय आ गया है — जब बहुजन समाज, महिला,आदिवासी, पिछड़े, धार्मिक अल्पसंख्यक, और तमाम लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिक एक स्वर में कहें:
"हम बाबा साहेब के साथ हैं —
और जो उनके खिलाफ है, वो संविधान के खिलाफ है।"
उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में कल रात से लापता 10 वर्षीय मंदबुद्धि दलित बच्ची आज सुबह खेत में निर्वस्त्र, बेहोशी की हालत में मिली – शरीर के हर हिस्से पर दांतों से काटे जाने के निशान है, प्राइवेट पार्ट लहूलुहान है।मामला इंसानियत को शर्मसार करने वाला और प्रदेश में जंगलराज होने का प्रमाण हैं।
बच्ची की हालत गंभीर है ,मैं प्रकृति से बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। और @UPGovt से माँग करता हूँ:-
1. दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो।
2. POCSO और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सख़्त धाराओं में मुक़दमा चले।
3. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
4. पीड़ित बच्ची को सर्वोत्तम इलाज मिले।
5. परिवार स्थायी सरकारी सुरक्षा दी जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती से शुरू हुए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिस कॉल सदस्यता अभियान से जुड़ने में दिक्कत हो रही हैं तो आप निम्न लिंक 👇 के माध्यम से भी अपनी सदस्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
https://t.co/kRA1pDwV1i
कल ,कैलिफ़ोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका) स्थित सतगुरु रविदास जी महाराज के भव्य मंदिर में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें सादर नमन किया गया।
हमने आस्था व सम्मान के साथ बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र आदरांजलि दी।
बाबा साहेब का जीवन हमें समानता, न्याय और बंधुत्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं—जो आज भी करोड़ों शोषितों की चेतना का स्तम्भ हैं।
आप सभी को बाबा साहेब की जयंती की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
जय भीम | जय भारत | जय संविधान | जय मसीहा रविदास
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन ज्ञान और तप की देवी माँ ब्रम्हचारिणी जी सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें।
#SonipatHalfMarathon की यह दौड़ खेलों के प्रति जागरूकता पैदा करने और नशे के खिलाफ पूरे समाज को लामबंद करने की दौड़ है - मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP