सोशल मीडिया पर ख़ुद को चौकीदार कहना आसान है। पर कोई उन युवाओं की आवाज़ भी सुने जो नौकरी न मिलने की वजह से चौकीदारी करते हैं
“मैं भी चौकीदार’’ की मार्केटिंग उन किसानों का भी अनादर है जो रात भर जाग कर अपने खेत बचाने पर मजबूर हो ग���
देश को प्रचार मंत्री नहीं नया प्रधानमंत्री चाहिए
पत्रकारिता को चाटुकारिता के चरम ले जाने वाले माइकधारी पत्रकारों के लिए समर्पित हैशटैग #maibhichatukar#मैंभीचाटुकार
सत्ताधीशों के ढिंढोरची बनने के बाद #MainBhiChowkidar वाली लिस्ट में नाम लिखाकर अमर होने वाले पत्रकारिता की चौकीदारी तो कर न सके,चले हैं देश की चौकीदारी करने.हुंह
जनपद सुल्तानपुर के कादीपुर तहसील में भर/राजभर जाति के जाति प्रमाणपत्र(सभी साक्ष्य के बावजूद भी मूल भर जाति का ही अस्तित्व खत्म किया प्रशासन ने )का अधिकार हनन के अन्याय का मुद्दा राजभर/भर समाज को इस चुनाव में सभी पार्टियों की इस प्रकरण पर कार्यशैली व जबाबदेही पर फैसला लेना चाहिए
कोई पत्रकार किसी दल का नारा ओढ़ कर अगर कहे #MainBhiChowkidar तो समझ लीजिए कि वो है कितना बड़ा चाटुकार .किसी भी दल या नेता का चुनावी नारा /जयकारा लगाकर खुद को पत्रकार कहने वाले को लानत है . ऐसे लोग चैनल की माइक छोड़कर सीधा पार्टी का पर्चा कटा लें . पत्रकारिता का भला होगा.
मंडल कमीशन के अनुसार OBC की संख्या 52% थी। अब भी पूरी तरह से ओबीसी आरक्षण लागू नहीं हुआ है। उच्च शिक्षा में आरक्षण लगभग ख़त्म कर दिया है।
आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने के लिए कोई कमीशन नहीं बना। कोई आंदोलन नहीं हुआ लेकिन 72 घंटे में बिन माँगे आरक्षण दे दिया गया।
@myogiadityanath क्या आपके कार्यकाल में जातिविहीन समाज की परिकल्पना पर कार्य हो रहा है ?क्या शासन/प्रशासन में भागीदारी समता समानता के आधार पर जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी भागीदारी है ?क्या वंचित समुदाय का प्रशासन व सरकार में समुचित प्रतिनिधित्व सहित सबका साथ सबका विकास चरितार्थ हो रहा है ?