मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ,मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ,सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ। कृष्णा 🙏🏻
राष्ट्रहित सर्वोपरि🚩,Proud indian
आज लखनऊ में यशस्वी मा० रक्षा मंत्री एवं लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से जनप्रिय मा० सांसद आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी के साथ पूर्व अध्यक्ष, भाजपा, लखनऊ श्री नीरज गुप्ता जी के पूज्य पिताजी के निधानोपरांत उनके आवास पहुंचकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।
@rajnathsingh
Today the whole country is celebrating Independence Day.
But there are 6 families who have been waiting for the last 27 years for just one thing. They want respect for their sons.
These are those 6 names:
Captain Saurabh Kalia
Sepoy Arjun Ram
Sepoy Bhanwar Lal Bagaria
Sepoy Bhika Ram
Sepoy Moola Ram
Sepoy Naresh Singh
In the Kargil War of 1999, these 6 soldiers were the first patrol who found out that the Pakistani army had entered our area.
The Pakistani army caught all 6 of them alive.
Then for 22 days, they tortured them in the most cruel way.
This was a full violation of the Geneva Convention, the international law which says that captured soldiers must be treated with humanity.
When their mortal remains came back to India, the post mortem report showed the truth.
That report is still available on the internet.
But even after such a big sacrifice, these 6 martyrs have not got any gallantry award till date.
So today, on Independence Day, we are keeping one simple demand in front of the Government of India.
@rashtrapatibhvn@PMOIndia@narendramodi@DefenceMinIndia@adgpi
Give Captain Saurabh Kalia and his 5 jawans the gallantry award for their sacrifice.
These 6 men did not fight for medals. But giving them respect is the duty of 140 crore Indians.
If you agree with this demand, then like this tweet, retweet it, and repost it with your thoughts.
Jai Hind 🇮🇳
#GallantryForJawaans
पंजाब में बहुत बड़ा भूचाल
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह कह रहे "पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जो वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब के छींटे मारते दिखे थे। बाद में उसे AI जेनरेटेड बता रहे थे। हमने उस वीडियो की दो लैब में जांच करवाई और दोनों लैब की रिपोर्ट में वीडियो असली निकला है"।
लखनऊ की तहज़ीब में कुछ नाम सिर्फ नाम नहीं होते वो एहसास बनकर लोगों की रगों में बहते हैं। अटल बिहारी वाजपेई और लालजी टंडन ऐसे ही दो नाम हैं, जिनकी छाप आज भी इस शहर की हवा में महसूस होती है।
और अब… अगर कोई तीसरा नाम है जो उसी अपनत्व, उसी सहजता और उसी भरोसे के साथ लखनऊ वालों के दिलों में जगह बना रहा है, तो वो नाम है बृजेश पाठक ।
ये सिर्फ मेरी निजी भावना नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता, नेता या समर्थक से पूछ लीजिए हर कोई इस बात की तस्दीक करेगा।
उनसे हर मुलाकात एक नया अनुभव देती है, जैसे कोई किताब हर बार नया पन्ना खोल दे। आज ही मैंने मथुरा के एक पत्रकार मित्र के लिए मदद का अनुरोध किया पाठक जी ने बिना किसी औपचारिकता, बिना किसी घुमाव-फिराव के, तुरंत सहायता का हाथ बढ़ा दिया। यही उनकी पहचान है सीधे, सरल और संवेदनशील।
हफ्ते के तीन दिन उनके दरवाज़े आम जनता के लिए खुले रहते हैं जहां कोई भी अपनी बात लेकर पहुंच सकता है। बाकी दिन वे संगठन और पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए समर्पित रहते हैं। और पत्रकारों के लिए ? आधी रात का फोन भी अगर जाए, तो वो खुद उठाते हैं ये आज के दौर में किसी मिसाल से कम नहीं।
उनसे मिलकर ऐसा लगता है जैसे कोई अपना, बहुत अपना मिल गया हो। उनकी मुस्कान में आत्मीयता है, उनके व्यवहार में अपनापन और यही वजह है कि जो एक बार उनसे मिलता है, वो सिर्फ परिचित नहीं रहता, उनका प्रशंसक बन जाता है।
लखनऊ के लिए, वो सिर्फ एक नेता नहीं एक विश्वास हैं।
और शायद इसलिए, अटल जी और टंडन जी के बाद अगर कोई इस शहर की विरासत को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है… तो वो नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है ब्रजेश पाठक। 😊
आजकल अच्छे कामों पर इनाम नहीं बल्कि सजा मिलती है।
आप सबको पता होगा कि
AAP MP Raghav Chaddha राज्यसभा में लगातार जनहित के मुद्दे और आम आदमी की आवाज़ उठा रहे थे, मगर
आज ख़बर आई कि
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आख़िर जनता की आवाज़ बन रहे राघव चड्ढा पर अपनी ही पार्टी ने यह निर्णय क्यों लिया?
क्या राघव चड्ढा की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी बढ़ती स्वीकार्यता उनके ही शीर्ष नेतृत्व को पसंद नहीं आई?
कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।
हर अच्छे अधिकारी से हमारी माँग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं। पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी। क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है। अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे।
पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं। ’पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’।
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं
SDM रहते हुए वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाने वाले IAS रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा दे दिया।
शाहजहांपुर में SDM के रूप में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान उन्होंने एक क्लर्क को खुले में पेशाब करने पर उठक-बैठक लगवाई थी।
जब वकीलों ने इसका विरोध किया और तहसील की गंदगी का मुद्दा उठाया, तो रिंकू सिंह राही ने खुद कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई।
इस घटना के बाद उन्हें कोई पोस्टिंग नहीं दी गई, केवल वेतन मिलता रहा। उन्हें जनसेवा का अवसर नहीं मिला।
ये वही है जो ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा किया था।
इसके बाद उन पर हमला हुआ, उन्हें 7 गोलियां लगीं, एक आंख की रोशनी चली गई और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बावजूद उन्होंने UPSC पास किया और IAS बने।
जिन्हें विभाग में होना चाहिए था, उन्हें सरकार ने बाहर रखा और जनसेवा का अवसर नहीं दिया।
न जाने कितने भ्रष्ट अधिकारी होंगे जो आराम से बैठे हैं।
>नाम रिंकू सिंह
>2004 में PCS परीक्षा पास की
>2009 में 100 करोड़ का पेंशन और स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफाश
>इनाम में 7 गोलियां मारी गईं
>दो गोलियां चेहरे पर लगीं
>ठीक होने के बाद 2022 में IAS बने
>लेकिन अब उन्होंने ने इस्तीफा दे दिया है
>फील्ड पोस्टिंग न मिलने की वजह से नाराज थे
>शायद उनको नहीं पता कि फील्ड पोस्टिंग बेईमानों को मिलती है
>और ईमानदारों के हिस्से डेस्क जॉब आती है
>देश की जनता को ईमानदार अधिकारियों के साथ खड़ा होना चाहिए
>तभी किसी को ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।